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Hindi News ›   Chandigarh ›   Verdict in Former CM Virbhadra Naphew Akansh Sen murder case

हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या में हरमेहताब दोषी करार

Tue, 19 Nov 2019 01:00 AM IST
खुशबू गोयल मोनिका नागर, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोनिका नागर, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 19 Nov 2019 01:00 AM IST
सार

  • नौ फरवरी 2017 को बीएमडब्ल्यू से कुचलकर सेक्टर-9 में की गई थी अकांक्ष की हत्या।
  • एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजीव गोयल आज सुनाएंगे सजा पर फैसला।
  • हत्या का अन्य आरोपी बलराज रंधावा अब भी फरार, एक लाख का इनाम है घोषित। 

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Verdict in Former CM Virbhadra Naphew Akansh Sen murder case
अकांक्ष सेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या के मामले में सोमवार को चंडीगढ़ के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजीव गोयल की अदालत ने आरोपी हरमेहताब सिंह को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 34 (कई व्यक्तियों का एक मकसद से किया गया अपराध) के तहत दोषी ठहरा दिया।

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सजा मंगलवार (19 नवंबर) को सुनाई जाएगी। इस मामले में एक अन्य आरोपी बलराज रंधावा फरार चल रहा है। कोर्ट उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया है।
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हरमेहताब उर्फ फरीद पटियाला एंड ईस्ट पंजाब स्टेट्स यूनियन (पेप्सू) के पूर्व मुख्यमंत्री ज्ञान सिंह रारेवाला का पोता है जबकि बलराज रंधावा सोहाना के नजदीक सेक्टर 77 के अकाल आश्रम कालोनी का रहने वाला है। अकांक्ष की हत्या नौ फरवरी 2017 को चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर नौ में की गई थी। 
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दोषी हरमेहताब सिंह के उकसाने पर बलराज सिंह रंधावा ने बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर अकांक्ष की हत्या की थी। पीड़ित पक्ष के एडवोकेट ने कहा कि इस केस में गवाहों के बयान और चिकित्सा साक्ष्य ने अहम रोल निभाया है। बलराज रंधावा का सरेंडर न करना भी इस केस में अहम कड़ी बना। बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि फैसला आने के बाद वह हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

दोस्त के चक्कर में हुई थी हत्या

हरमेहताब सिंह रारेवाला और अकांक्ष के दोस्त गगनदीप सिंह शेरगिल उर्फ शेरा के बीच पुरानी दुश्मनी थी। दुश्मनी की शुरुआत मनाली में हुई थी। उसके बाद रारेवाला के लांडरा स्थित फार्म हाउस में भी दोनों के बीच हाथापाई हुई थी। नौ फरवरी साल 2017 को सेक्टर नौ स्थित दीप सिद्धू के घर पर एक पार्टी रखी गई। दीप सिद्धू दोनों ही ग्रुप का कॉमन दोस्त था और उसने पार्टी में दोनों ग्रुप को बुलाया था। 

उस दिन गगनदीप शेरा और अकांक्ष सेक्टर नौ स्थित बूमबाक्स में बैठे। वहां से वे पार्टी के लिए निकले। उनके साथ अदम्या राठौर व राजन भी थे। पार्टी में दोनों आरोपी हरमेहताब और बलराज आए हुए थे। पुरानी रंजिश के चलते पार्टी में ही शेरा व बलराज के बीच झगड़ा शुरू हो गया। झगड़ा बढ़ता देख अकांक्ष ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की। 

उसके बाद अकांक्ष अपने दोस्त अदम्या के साथ वहां से चला गया। देर रात अकांक्ष, अदम्या और करणयोग फिर दीप सिद्धू के घर यह देखने पहुंचे कि कहीं झगड़ा दोबारा से तो नहीं हो रहा। अकांक्ष को देखकर बलराज रंधावा भड़क गया और कहा कि ‘तू शेरा दा बाडीगार्ड लग्या है, पहलां तैनूं ही ठीक करदे आं’ यह कहते ही रंधावा ने हरमेहताब को अपने साथ बैठाया और बीएमडब्ल्यू कार से अकांक्ष को कुचल डाला। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब पहली बार में अकांक्ष सेन की मौत नहीं हुई तो हरमेहताब ने बलराज को उकसाया और कहा कि वह अभी तक मरा नहीं है। उसके बाद बलराज ने कई बार अकांक्ष पर कार दौड़ाई।

इनकी गवाही ने केस को मजबूती दी

  • अदम्या राठौर : अकांक्ष का चचेरा भाई। केस का मुख्य गवाह। वारदात के वक्त मौके पर मौजूद था। अदालत को उसने झगड़े का कारण और झगड़े की जगह के बारे में बताया था।
  • गगनदीप शेरा : अकांक्ष का दोस्त। उसने कोर्ट को बताया कि वारदात के दिन अदम्या, अकांक्ष, बलराज रंधावा व हरमेहताब मौके पर मौजूद थे। उसका हरमेहताब व बलराज के साथ पुराना झगड़ा था। हरमेहताब ने उसकी एक फोटो वायरल कर दी थी, जिसमें शेरा को खंभे में बांधकर पीटा गया था।
  • करणयोग : अकांक्ष का दोस्त। वारदात के दौरान अकांक्ष के साथ मौजूद था। उसने गवाही दी कि उसके सामने बलराज रंधावा और हरमेहताब ने अकांक्ष पर तीन से चार बार गाड़ी चढ़ाई। इससे अकांक्ष बुरी तरह से घायल हो गया। बाद में करणयोग व अन्य साथी अकांक्ष को लेकर पीजीआई पहुंचे थे।
  • राजन पपनेजा : अकांक्ष का दोस्त। हत्या के दौरान मौके पर मौजूद था। राजन ने अदालत को हत्या का आंखों देखा हाल बताया। उसने यह भी बताया कि उसका हरमेहताब के साथ झगड़ा नहीं है और हरमेहताब को झूठे केस में फंसाने का उसके पास कोई मकसद नहीं है।

ये साक्ष्य भी केस के अहम सबूत बने

  • बीएमडब्ल्यू पर खून के निशान।
  • अकांक्ष की बॉडी पर टायर का निशान मिलना।
  • मौके-ए-वारदात पर खून के धब्बे।
  • मौके पर मौजूद राजन के कपड़ों पर खून के निशान।
  • पुलिस अधिकारियों की गवाही।
  • चिकित्सा साक्ष्यों ने गवाहों की गवाही को सपोर्ट किया।

दोषी करार होने के बाद हरमेहताब क्या बोला
अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद हरमेहताब के चेहरे का रंग उतर गया। वह मायूस हो गया। उसने अदालत से बाहर जाते वक्त कहा कि जिस तरह से केस में बहस हुई थी, उससे उम्मीद थी कि उसे अदालत से न्याय मिलेगा। करीब तीन साल से वह जेल में ही है। उसे जमानत तक नहीं मिल पाई है।

टाइमलाइन

  • नौ फरवरी 2017   सेक्टर 9 में अकांक्ष सेन पर चढ़ाई गई गाड़ी। पीजीआई में मृत घोषित।
  • 15 फरवरी 2017  हरमेहताब ने चंडीगढ़ अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
  • 16 फरवरी 2017   हरमेहताब को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।
  • 20 फरवरी 2017    हत्या में इस्तेमाल की गई बीएमडब्ल्यू कार मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद। 
  • 05 मार्च   2017    हत्या के अन्य आरोपी बलराज रंधावा को भगोड़ा घोषित किया गया।
  • 06 मई    2017     चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर की। 
  • 18 अगस्त  2017     केस की पहली सुनवाई हुई।
  • 28 अक्तूबर 2017     अदालत ने हरमेहताब पर आरोप तय किए।
  • 15 अक्तूबर 2019     अदालत में मामले की अंतिम बहस खत्म। 
  • 18 नवंबर   2019     अदालत ने हरमेहताब को दोषी ठहराया।


मंगलवार को फैसला आने के बाद उसका मूल्याकंन किया जाएगा। अदालत ने किस आधार उसे दोषी ठहराया है, उसे समझा जाएगा। उसके बाद ही हाईकोर्ट में फैसले को चैलेंज किया जाएगा।
- सरबजीत सिंह वड़ैच, हरमेहताब के एडवोकेट

जब तक बलराज नहीं पकड़ा जाता और उसे उसके किए की सजा नहीं मिलती, तब तक हम इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे।
-अरुण सेन, अकांक्ष के पिता 

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