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Chandigarh News: पीजीआई-जीएमसीएच में नहीं मिला वेंटिलेटर
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चंडीगढ़। नयागांव से कांसल की ओर जाने वाली लयाल रोड पर एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को वेंटिलेटर न होने के कारण पीजीआई और जीएमसीएच 32 में भर्ती नहीं किया जा सका। बाद में घायल को खरड़ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल के भतीजे राजिंदर सिंह की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आरोपी एक्टिवा चालक पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर 3 थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार खरड़ निवासी राजिंदर सिंह (39) ने बताया कि 29 अप्रैल को सुबह करीब 11:20 बजे वह एक्टिवा पर नयागांव से अपने घर जा रहा था। जब वह लयाल फार्म रोड पर पहुंचा तो उसने अपने चाचा प्रीतम सिंह को सड़क पर गिरा हुआ देखा। राजिंदर ने तुरंत अपनी एक्टिवा रोककर टक्कर मारने वाले एक्टिवा सवार का नाम पूछा, जिसने अपना नाम इंद्रजीत सिंह बताया। राजिंदर ने घायल चाचा को तुरंत ऑटो में सेक्टर 16 अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। जीएमसीएच-32 में उसे भर्ती कराया गया लेकिन वेंटिलेटर न होने के कारण प्रीतम सिंह को पीजीआई रेफर कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, पीजीआई में भी वेंटिलेटर नहीं मिला, इसलिए उनके चाचा को भर्ती नहीं किया गया।
राजिंदर अपने चाचा को खरड़ के सन्नी एन्क्लेव के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां इलाज जारी है। राजिंदर ने आरोप लगाया है कि एक्टिवा सवार ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके चाचा को टक्कर मारी और हॉर्न भी नहीं बजाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह सामने आने पर इंद्रजीत को पहचान सकता है।
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सेक्टर 3 थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार खरड़ निवासी राजिंदर सिंह (39) ने बताया कि 29 अप्रैल को सुबह करीब 11:20 बजे वह एक्टिवा पर नयागांव से अपने घर जा रहा था। जब वह लयाल फार्म रोड पर पहुंचा तो उसने अपने चाचा प्रीतम सिंह को सड़क पर गिरा हुआ देखा। राजिंदर ने तुरंत अपनी एक्टिवा रोककर टक्कर मारने वाले एक्टिवा सवार का नाम पूछा, जिसने अपना नाम इंद्रजीत सिंह बताया। राजिंदर ने घायल चाचा को तुरंत ऑटो में सेक्टर 16 अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। जीएमसीएच-32 में उसे भर्ती कराया गया लेकिन वेंटिलेटर न होने के कारण प्रीतम सिंह को पीजीआई रेफर कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, पीजीआई में भी वेंटिलेटर नहीं मिला, इसलिए उनके चाचा को भर्ती नहीं किया गया।
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राजिंदर अपने चाचा को खरड़ के सन्नी एन्क्लेव के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां इलाज जारी है। राजिंदर ने आरोप लगाया है कि एक्टिवा सवार ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके चाचा को टक्कर मारी और हॉर्न भी नहीं बजाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह सामने आने पर इंद्रजीत को पहचान सकता है।
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