ठंड से बचने को अंगीठी जलाई थी, धुंए से मां-बेटे की मौत
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पंजाब के अमृतसर में ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में जलाई गई अंगीठी के धुएं प्रवासी परिवार की महिला और उसके बेटे की मौत हो गई। दूसरे को गंभीर हालत में गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
रंजीत एवेन्यू ई ब्लाक क्षेत्र में हुई घअना में मरने वालों की पहचान इंदु (40), उसके बेटा रोहित (15) मूल निवासी गांव तेनूही थाना पकड़ी जिला बलिया उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है। मृतका का दूसरा बेटा अरुण (17) अचेत है।
मृतकों के रिश्तेदार रामप्रवेश ने बताया घटना की जानकारी उन्होंने चचेरे भाई जतिंद्र कुमार को दे दी है। उनके पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। चौकी प्रभारी निशान सिंह का कहना है उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और न ही किसी ने घटना के संबंध में सूचना दी है।
गोरखपुर के बलिया का रहने वाला था परिवार
रंजीत एवेन्यू चौकी प्रभारी ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। बलिया का मूल निवासी जतिंद्र कुमार रंजीत एवेन्यू ई ब्लाक में परिवार के साथ रहते हैं। जतिंद्र दो दिन पहले बाहर गए थे। घर में जतिंद्र की पत्नी इंदु, उसके बेटे अरुण और रोहित थे।
रात में ठंड अधिक होने पर तीनों कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। सुबह जतिंद्र का चचेरा भाई रामप्रवेश उनके कमरे में आया। कमरे में धुआं भरा था। रामप्रवेश ने बताया उसे भाभी इंदु, भतीजे अरुण रोहित बेहोशी की हालत में मिले।
इस पर वह आसपास के लोगों की मदद से तीनों को 108 एंबुलेंस से गुरु नानक देव अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने इंदू और रोहित को मृत घोषित कर दिया। अरुण की हालत डॉक्टरों ने गंभीर बताई है है।