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यूपी पुलिस में सरकार के खिलाफ रोष नहीं, विवेक के हत्यारों को बख्शेंगे नहीं: योगी आदित्यनाथ
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:35 PM IST
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि यूपी पुलिस में सरकार के खिलाफ कोई रोष नहीं है। काली पट्टी बांधने के पीछे चंद बर्खास्त पुलिसकर्मियों की शरारत है। अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी पुलिस का गौरवमयी इतिहास रहा है, लेकिन कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
विवेक तिवारी हत्या मामले की जांच जारी है। वारदात के दोषी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, आयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के सवाल को वह टाल गए। इससे पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने लंबी छलांग लगाई है।
पहले की अपेक्षा डायरिया, हैजा, मलेरिया और दूसरी बीमारियों का प्रभाव कम हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1978 में इंसेफ्लाइटिस नाम की बीमारी से एक ही मेडिकल कॉलेज में एक हजार के करीब मरीज दाखिल हुए। उनमें से 200 की मौत हो गई थी। लगातार बीमारी का प्रभाव बढ़ता जा रहा था। अब 2016 में कॉलेज के अंदर 600 मरीज भर्ती हुए, जिनमें 125 की मौत हुई। जबकि 2018 में अब तक मात्र 80 मरीज आए और उनमें से महज 6 की मौत हुई है।
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आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद के खिलाफ हर कोने से आवाज उठनी चाहिए
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर देश का कोई राज्य गरीब और दूसरा अमीर है तो अमीर क्षेत्र को यह नहीं सोचना चाहिए कि राष्ट्र अमीर हो गया। क्योंकि राष्ट्र एक शरीर और राज्य अंग की तरह होते हैं। अगर एक हाथ काम करता है और दूसरा नहीं करता तो व्यक्ति दिव्यांग कहलाता है। ऐसे में पूरे देश को मिलकर गरीबी, नक्सलवाद और आतंकवाद से लड़ना होगा। हर कोने के लोगों को पता होना चाहिए कि कश्मीर में आतंकवाद कौन फैला रहा। साथ ही नक्सलवाद को कैसे खत्म किया जा सकता है।
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विवेक तिवारी हत्या मामले की जांच जारी है। वारदात के दोषी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, आयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के सवाल को वह टाल गए। इससे पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने लंबी छलांग लगाई है।
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पहले की अपेक्षा डायरिया, हैजा, मलेरिया और दूसरी बीमारियों का प्रभाव कम हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1978 में इंसेफ्लाइटिस नाम की बीमारी से एक ही मेडिकल कॉलेज में एक हजार के करीब मरीज दाखिल हुए। उनमें से 200 की मौत हो गई थी। लगातार बीमारी का प्रभाव बढ़ता जा रहा था। अब 2016 में कॉलेज के अंदर 600 मरीज भर्ती हुए, जिनमें 125 की मौत हुई। जबकि 2018 में अब तक मात्र 80 मरीज आए और उनमें से महज 6 की मौत हुई है।
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आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद के खिलाफ हर कोने से आवाज उठनी चाहिए
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर देश का कोई राज्य गरीब और दूसरा अमीर है तो अमीर क्षेत्र को यह नहीं सोचना चाहिए कि राष्ट्र अमीर हो गया। क्योंकि राष्ट्र एक शरीर और राज्य अंग की तरह होते हैं। अगर एक हाथ काम करता है और दूसरा नहीं करता तो व्यक्ति दिव्यांग कहलाता है। ऐसे में पूरे देश को मिलकर गरीबी, नक्सलवाद और आतंकवाद से लड़ना होगा। हर कोने के लोगों को पता होना चाहिए कि कश्मीर में आतंकवाद कौन फैला रहा। साथ ही नक्सलवाद को कैसे खत्म किया जा सकता है।
योग व नैचरोपैथी से ही संपूर्ण आरोग्य की गारंटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
योगी ने कहा कि संपूर्ण आरोग्य की गारंटी योग व नैचरोपैथी के दम पर ही दी जा सकती है। उदाहरण देते हुए योगी ने बताया कि बचपन में वे गांव में थे। घर से तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। खेलते हुए ठोकर लग गई। मैंने कपड़ा बांधा, लेकिन घाव बढ़ता गया। मेरे मामा डॉक्टर थे, जिन्होंने छह बार पैर का ऑपरेशन किया। बावजूद इसके घाव ठीक नहीं हुआ।
एक दिन नंगे पैर स्कूल जा रहा था। रास्ते में एक बुजुर्ग महिला ने रोक कर पूछा, जूते कहां हैं। मैंने बोला, पैर में घाव के चलते जूते नहीं पहन सकता। बुजुर्ग महिला बोली, शाम को मेरे पास आना। स्कूल से लौटने के बाद वह महिला के पास गए तो दो पत्तियों को निचोड़ कर रस घाव पर डाला। उस समय बहुत पीड़ा हुई, लेकिन बाद में दर्द कम हुआ और अंदर से राहत महसूस हुई।
धर्म स्थल केवल उपासना स्थल न बन जाएं
योगी ने कहा कि धर्मस्थल केवल उपासना स्थल बनकर न रहें। धर्मस्थल समाज की जीवंतता व प्रेरणा का आधार बनें। शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा व तमाम आयामों को आगे बढ़ाएं। बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बालकनाथ ने पिछले एक वर्ष में मस्तनाथ विवि में सराहनीय कार्य किए हैं। उन्होंने पंचतंत्र की कहानी, जंगल की आग में फंसे पक्षियों की कृतज्ञता के जरिए मानव को उसका दायित्व समझाने का प्रयास किया। विवि के दीक्षांत समारोह में अगली बार उपनिषदों के मंत्रों का उच्चारण भी कराया जाए, ताकि विद्यार्थी मातृ, पितृ व आचार्य देवो भव: की परंपरा को जान सकें। प्रधानमंत्री की लिखी पुस्तक एग्जामिनेशन वारियर विद्यार्थियों को जरूर पढ़ाएं।
एक दिन नंगे पैर स्कूल जा रहा था। रास्ते में एक बुजुर्ग महिला ने रोक कर पूछा, जूते कहां हैं। मैंने बोला, पैर में घाव के चलते जूते नहीं पहन सकता। बुजुर्ग महिला बोली, शाम को मेरे पास आना। स्कूल से लौटने के बाद वह महिला के पास गए तो दो पत्तियों को निचोड़ कर रस घाव पर डाला। उस समय बहुत पीड़ा हुई, लेकिन बाद में दर्द कम हुआ और अंदर से राहत महसूस हुई।
धर्म स्थल केवल उपासना स्थल न बन जाएं
योगी ने कहा कि धर्मस्थल केवल उपासना स्थल बनकर न रहें। धर्मस्थल समाज की जीवंतता व प्रेरणा का आधार बनें। शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा व तमाम आयामों को आगे बढ़ाएं। बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बालकनाथ ने पिछले एक वर्ष में मस्तनाथ विवि में सराहनीय कार्य किए हैं। उन्होंने पंचतंत्र की कहानी, जंगल की आग में फंसे पक्षियों की कृतज्ञता के जरिए मानव को उसका दायित्व समझाने का प्रयास किया। विवि के दीक्षांत समारोह में अगली बार उपनिषदों के मंत्रों का उच्चारण भी कराया जाए, ताकि विद्यार्थी मातृ, पितृ व आचार्य देवो भव: की परंपरा को जान सकें। प्रधानमंत्री की लिखी पुस्तक एग्जामिनेशन वारियर विद्यार्थियों को जरूर पढ़ाएं।