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Chandigarh News: तीन नए कानून लागू करने के लिए यूटी तैयार
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चंडीगढ़। देशभर में एक जुलाई से आपराधिक मामला आईपीसी की धारा में नहीं बल्कि भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज होगा। चंडीगढ़ पुलिस ने आधे से अधिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जो कार्य अधूरे रह गए हैं, उन्हें 30 जून तक निपटाने में जुटी है। लंबे समय से थाने व पुलिस मुख्यालय में विचाराधीन शिकायतों को भी निपटाया जा रहा है। जिन पर कुछ कार्रवाई बनती है, उन मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है। यूटी पुलिस के एएसआई रैंक से ऊपर के 40 जांच अधिकारियों को टैब भी दे दिए गए हैं। बता दें कि पुलिस अफसरों को कुल 170 टैब कुल दिए जाने हैं।
दरअसल, आजादी के पहले से चले आ रहे आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य कानून की जगह एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत केस दर्ज होंगे। नए कानून 30 जून की रात 12 बजे के बाद लागू हो जाएंगे। इन नए कानूनों के तहत पुलिस को पूरी ट्रेनिंग दी गई है। इसमें यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह अब एफआईआर दर्ज करने के समय उन्हें आईपीसी एक्ट की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लिखना होगा। रिकॉर्ड के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के थाने-चौकियों सहित लाइन में कुल 1836 जांच अधिकारी हैं, जिसमें हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। 170 जांच अधिकारी एएसआई या इससे ऊपर रैंक वाले हैं। इन जांच अधिकारियों के लिए 170 टैब मंगवाए गए हैं, जिनमें से 40 आ चुके हैं। मुख्यालय की ओर से 40 जांच अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। बकाया 130 टैब भी दो-चार दिन में आते ही अधिकारियों को दिए जाएंगे। यूटी पुलिस में मौजूदा समय में जितनी भी पेंडिंग शिकायतें है, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
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दरअसल, आजादी के पहले से चले आ रहे आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य कानून की जगह एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत केस दर्ज होंगे। नए कानून 30 जून की रात 12 बजे के बाद लागू हो जाएंगे। इन नए कानूनों के तहत पुलिस को पूरी ट्रेनिंग दी गई है। इसमें यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह अब एफआईआर दर्ज करने के समय उन्हें आईपीसी एक्ट की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लिखना होगा। रिकॉर्ड के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के थाने-चौकियों सहित लाइन में कुल 1836 जांच अधिकारी हैं, जिसमें हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। 170 जांच अधिकारी एएसआई या इससे ऊपर रैंक वाले हैं। इन जांच अधिकारियों के लिए 170 टैब मंगवाए गए हैं, जिनमें से 40 आ चुके हैं। मुख्यालय की ओर से 40 जांच अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। बकाया 130 टैब भी दो-चार दिन में आते ही अधिकारियों को दिए जाएंगे। यूटी पुलिस में मौजूदा समय में जितनी भी पेंडिंग शिकायतें है, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
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