निजीकरण के खिलाफ 31 जनवरी को होंगे राज्य भर में विरोध प्रदर्शन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन चंडीगढ़ पहली जनवरी से विद्युत विभाग को निजी कंपनी को हैंडओवर करने जा रहा है। इसका चंडीगढ़ की जनता, राजनीतिक दल और कर्मचारी पिछले दो महीने से लगातार विरोध कर रहे हैं। यूटी पावर मैन यूनियन चंडीगढ़ ने ऐलान किया कि वह सरकारी कर्मचारी हैं और अगर पहली जनवरी से बिजली विभाग को निजी कंपनी को हैंडओवर किया तो बिजली कर्मचारी निजी कंपनी के अधीन काम नहीं करेंगे। ऐसे में चंडीगढ़ में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मंगलवार को यूटी प्रशासन चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग के सचिव ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी और हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर नौ जेई, 23 लाइन मैन, 55 सहायक लाइनमैन, 16 एसएसए और 10 ड्राइवर भेजने की मांग की है। उधर, नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) के हरियाणा चैप्टर ने बैठक करके सर्व सम्मति से फैसला लिया कि एक भी कर्मचारी एवं इंजीनियर चंडीगढ़ में बिजली चलाने के लिए नहीं जाएगा। बैठक में निजीकरण व इस पत्र के खिलाफ 31 जनवरी को सभी सब डिवीजन में विरोध प्रदर्शन करने का भी फैसला लिया। बैठक में एनसीसीओईईई के नोर्थ जोन के संयोजक व ईईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुंडू, महासचिव रविन्द्र घणघस, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के जरनल सेक्रेट्री एवं एचएसईबी पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष अभिमन्यु धनखड़, महासचिव विपिन भारद्वाज व ईईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी मौजूद थे।