यूटी प्रशासक सलाहकार पर फिर गरमाई राजनीति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में दोनों राज्यों के अफसरों का अनुपात 60:40 होना चाहिए, लेकिन इसके घटते अनुपात पर हरियाणा सरकार ने आपत्ति जताई है। गृह सचिव से कई विभाग लेकर यूटी कैडर के अफसरों को देने से हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा नाराज हैं।
अपने प्रदेश का रुतबा कम होने पर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पिछले सप्ताह पत्र लिखा है। पत्र की प्रति पंजाब के राज्यपाल और प्रशासक शिवराज पाटिल को भी भेजी है।
उन्होंने चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार पद पर यूटी कैडर के अफसर की नियुक्ति के बजाय हरियाणा या पंजाब के अफसर की नियुक्ति करने का आग्रह किया है। इस समय यूटी कैडर के आईएएस केके शर्मा सलाहकार हैं।
पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल भी इससे पहले कई बार केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर चंडीगढ़ प्रशासन में 60:40 का अनुपात बनाए रखने का अनुरोध कर चुके हैं। सीएम का पत्र मिलने के बाद यूटी प्रशासन में खलबली मची हुई है।
पंजाब और हरियाणा के 60:40 के अनुपात में अधिकारी
पंजाब से अलग होकर हरियाणा का गठन होने पर चंडीगढ़ को संयुक्त राजधानी बनाया गया था। तब यह फैसला हुआ था कि चंडीगढ़ में मुख्य आयुक्त यूटी कैडर का होगा। अन्य पदों पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों की तैनाती 60:40 के अनुपात में होगी।
हालांकि ,आतंकवाद के दौरान मुख्य आयुक्त के स्थान पर प्रशासक का पद बनाया गया। इस पद का जिम्मा पंजाब के राज्यपाल को दिया जाता रहा। उनके सलाहकार पद पर यूटी कैडर के अफसर की तैनाती होती रही। गृह सचिव पद हरियाणा के आईएएस और वित्त सचिव का पद पंजाब कैडर के आईएएस को दिया जाता है।
गृह सचिव जब छुट्टी पर जाते थे, तो उनके विभाग वित्त सचिव को दे दिए जाते थे। इसी प्रकार वित्त सचिव छुट्टी पर जाते थे, तो उनके विभाग गृह सचिव को दिए जाते थे। इस समय गृह सचिव हरियाणा कैडर के अनिल कुमार, जबकि वित्त सचिव पंजाब कैडर के सरबजीत सिंह हैं।
यह कहना है मुख्य सचिव का
हां, हरियाणा के सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिखकर चंडीगढ़ प्रशासन में गृह सचिव को उनके पुराने विभाग लौटाने, प्रशासक के सलाहकार पद पर पंजाब या हरियाणा के अफसरों की बारी-बारी तैनाती करने, डीएसपी पदों समेत प्रशासन में पंजाब और हरियाणा के अफसरों की तैनाती 60:40 अनुपात में रखने का आग्रह किया है। पत्र की प्रति चंडीगढ़ प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल को भेजी गई है।
एससी चौधरी, मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार
गृह सचिव ने उठाया विवाद
गृह सचिव अनिल कुमार ने हरियाणा के मुख्य सचिव एससी चौधरी को चार मार्च, 2014 को पत्र लिखकर सूचित किया कि चंडीगढ़ राजधानी में जबसे उन्होंने गृह सचिव का पद संभाला है, तब से चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले हरियाणा के हितों को चोट पहुंचा रहे हैं।
दिसंबर, 2011 में उन्होंने गृह सचिव पद संभाला तो उन्हें चीफ विजिलेंस अफसर, शिक्षा, परसोनल, तकनीकी शिक्षा, हाउस अलॉटमेंट कमेटी, खाद्य एवं आपूर्ति, लॉ एंड जस्टिस, शहरी स्थानीय निकाय, पर्यटन नहीं दिए गए।
गृह सचिव के अधिकतर विभाग यूटी कैडर के अफसरों को दिए गए। वर्तमान में यूटी कैडर के अफसर 13 विभाग संभाल रहे हैं। हरियाणा की कीमत पर यूटी कैडर के अफसरों को बढ़ावा इसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि चंडीगढ़ में फैसला करने का अधिकार प्रशासक और उनके सलाहकार के पास है।
सलाहकार का पद यूटी कैडर के अफसर के पास है। फैसला करने में हरियाणा का कोई रोल नहीं है। चंडीगढ़ प्रशासन के फैसलों पर हरियाणा ठीक से निगाह भी नहीं रख पा रहा है।
पंजाब सीएम ने जताई थी यह आपत्ति
गृह सचिव ने पत्र में लिखा कि निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं पद पर पंजाब के अफसर की तैनाती होती है। इस पद का अतिरिक्त जिम्मा जब हरियाणा के अफसर को दिया गया, तो पंजाब के सीएम बादल ने प्रशासक को पत्र लिखकर तत्काल इसे पंजाब के अफसर को देने का आग्रह किया। पत्र मिलते ही निदेशक पद पर तुरंत पंजाब के अफसर की तैनाती कर दी गई।
पत्र लिखने की तैयारी में पंजाब सीएम भी
सूत्रों ने बताया कि पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल भी इसी मामले में केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखने वाले हैं। यह पत्र चुनाव के बाद लिखने की संभावना है। हालांकि ,वे तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखकर मांग कर चुके हैं कि चंडीगढ़ प्रशासन में 60:40 अनुपात में अफसर तैनात किए जाएं।
चिदंबरम ने उन्हें जवाब में आश्वासन दिया था कि यह अनुपात बरकरार रखा जाएगा। उसके बाद कुछ विभाग गृह सचिव और वित्त सचिव को लौटाए भी गए थे। इसके बावजूद यूटी कैडर के अफसरों की तैनाती होती जा रही है।
डीएसपी की तैनाती पर उठाए सवाल
गृह सचिव ने पत्र में लिखा कि यह पहली बार हुआ है कि नौ डीएसपी दानिप्स कैडर के तैनात किए गए हैं जबकि सामान्य तौर पर ये पंजाब और हरियाणा से तैनात किए जाते थे।
उन्होंने लिखा कि इन बदलावों से हरियाणा के आईएएस और एचसीएस अफसर निरुत्साहित हैं, इसलिए वे चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर आने को तैयार नहीं हो रहे।
प्रशासक के सलाहकार जब तक स्थापित परंपराओं को मानते रहे, तब तक कोई दिक्कत नहीं हुई मगर अब यूटी कैडर के अफसरों को बढ़ावा देने से यह स्थिति बनी है। इसलिए प्रशासक के सलाहकार पद पर हरियाणा कैडर के अफसर की नियुक्ति होनी चाहिए।
गृह सचिव को दें उनके विभाग: हुड्डा
सीएम हुड्डा ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि प्रशासक के सलाहकार पद पर बारी-बारी से हरियाणा और पंजाब के अफसर तैनात किए जाएं। यूटी कैडर का अफसर तैनात न हो।
चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब और हरियाणा का हिस्सा 60:40 अनुपात में रखा जाए। गृह सचिव को उनके पुराने विभाग बहाल किए जाएं। दानिप्स कैडर के नौ डीएसपी को वापस भेजा जाए। डीएसपी भी 60:40 अनुपात में हों।
ये रहे हैं अतीत में गृह सचिव और वित्त सचिव के पास विभाग
एनक जैन--------------18-----------राकेश सिंह-----------17
आरएस गुजराल---------20--------------राकेश सिंह--------12
कृष्ण मोहन------------21--------------संजय कुमार--------16
राम निवास--------------27--------------संजय कुमार-------17
अनिल कुमार------------17--------------विजॉय कुमार------17
अनिल कुमार-----------14--------------सरबजीत सिंह------15
यूटी कैडर के अफसरों के पास विभाग
केके शर्मा सलाहकार-----------चीफ विजिलेंस अफसर, परसोनल
सत्य गोपाल--------------अध्यक्ष, हाउसिंग बोर्ड फूड सप्लाई, साइंस एंड टेक्नालॉजी
प्रेरणा पुरी--------------परिवहन, हाउस अलाटमेंट कमेटी, आईटी
वी. लालरमथंगा--------------समाज कल्याण, पशु पालन, श्रम, रोजगार, कृषि, सहकारिता