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सुविधा : 10 गांवों में पानी की पाइपलाइन बिछाएगा यूटी प्रशासन
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चंडीगढ़। नगर निगम में शामिल 13 गांवों में से 10 गांव में पानी की पाइपलाइन बिछाने का टेंडर लगा दिया है। बहलाना, सारंगपुर, मक्खनमाजरा, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा जस्सू, कैम्बवाला, धनास, रायपुरखुर्द और दड़वा में जल्द काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम 15 करोड़ 30 लाख 12 हजार 703 रुपये में इस काम को करवा रहा है। इसके बाद निगम सीवर व स्टॉर्म वाटरलाइन का भी सप्ताह भर में टेंडर लगा देगा।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि प्रशासन की ओर से निगम को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 75 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले थे। उसमें से निगम में शामिल 13 गांवों के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए थे। गांव के कार्यों की सूची तो बना ली गई थी, लेकिन फंड न होने से काम नहीं हो पा रहे थे। फंड मिलते ही निगम ने गांव के विकास कार्यों के तैयार किए खाके को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। वहीं सीवर व स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए भी जल्द टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।
इतने रुपयों से गांवों में डलेगी पाइपलाइन
बहलाना- 1 करोड़ 35 लाख 18 हजार 65 रुपये
सारंगपुर- 1 करोड़ 21 लाख 19 हजार 273 रुपये
मक्खनमाजरा- 1 करोड़ 34 लाख 12 हजार 304 रुपये
खुड्डा लाहौरा- 1 करोड़ 52 लाख 14 हजार 666 रुपये
खुड्डा जस्सू- 1 करोड़ 2 लाख 29 हजार 277 रुपये
कैम्बवाला- 1 करोड़ 75 लाख 72 हजार 188 रुपये
धनास- 1 करोड़ 48 लाख 29 हजार 66 रुपये
खुड्डा अलीशेर- 2 करोड़ 50 लाख 48 हजार 445 रुपये
रायपुरखुर्द- 1 करोड़ 22 लाख 34 हजार 986 रुपये
दड़वा- 1 करोड़ 88 लाख 34 हजार 433 रुपये
कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर बनाया गया एस्टीमेट
आयुक्त ने बताया कि 13 गांवों के लिए मनोनीत पार्षदों की एक-एक कमेटी बनी थी। इसमें गांव के सरपंच भी रखे गए थे। इन कमेटियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर अपनी रिपोर्ट निगम को दी थी। इसके आधार पर ही निगम के अधिकारियों ने गांव में निरीक्षण कर सभी मूलभूत सुविधाओं के आधार पर एस्टीमेट बनाया था।
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क्या कहते हैं अधिकारी
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हमारे पास फंड आ गया है। प्राथमिकता के आधार पर गांवों को चुना गया है। टेंडर लगा दिया गया है। जल्द काम भी शुरू हो जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि अगले एक माह में सभी गांव में कार्य शुरू करा दिया जाए। -केके यादव, निगम, आयुक्त
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि प्रशासन की ओर से निगम को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 75 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले थे। उसमें से निगम में शामिल 13 गांवों के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए थे। गांव के कार्यों की सूची तो बना ली गई थी, लेकिन फंड न होने से काम नहीं हो पा रहे थे। फंड मिलते ही निगम ने गांव के विकास कार्यों के तैयार किए खाके को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। वहीं सीवर व स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए भी जल्द टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।
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इतने रुपयों से गांवों में डलेगी पाइपलाइन
बहलाना- 1 करोड़ 35 लाख 18 हजार 65 रुपये
सारंगपुर- 1 करोड़ 21 लाख 19 हजार 273 रुपये
मक्खनमाजरा- 1 करोड़ 34 लाख 12 हजार 304 रुपये
खुड्डा लाहौरा- 1 करोड़ 52 लाख 14 हजार 666 रुपये
खुड्डा जस्सू- 1 करोड़ 2 लाख 29 हजार 277 रुपये
कैम्बवाला- 1 करोड़ 75 लाख 72 हजार 188 रुपये
धनास- 1 करोड़ 48 लाख 29 हजार 66 रुपये
खुड्डा अलीशेर- 2 करोड़ 50 लाख 48 हजार 445 रुपये
रायपुरखुर्द- 1 करोड़ 22 लाख 34 हजार 986 रुपये
दड़वा- 1 करोड़ 88 लाख 34 हजार 433 रुपये
कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर बनाया गया एस्टीमेट
आयुक्त ने बताया कि 13 गांवों के लिए मनोनीत पार्षदों की एक-एक कमेटी बनी थी। इसमें गांव के सरपंच भी रखे गए थे। इन कमेटियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर अपनी रिपोर्ट निगम को दी थी। इसके आधार पर ही निगम के अधिकारियों ने गांव में निरीक्षण कर सभी मूलभूत सुविधाओं के आधार पर एस्टीमेट बनाया था।
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क्या कहते हैं अधिकारी
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हमारे पास फंड आ गया है। प्राथमिकता के आधार पर गांवों को चुना गया है। टेंडर लगा दिया गया है। जल्द काम भी शुरू हो जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि अगले एक माह में सभी गांव में कार्य शुरू करा दिया जाए। -केके यादव, निगम, आयुक्त