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बड़ा फैसलाः चंडीगढ़ में अब पुख्ता होगी यात्रियों की सुरक्षा, वाहनों में डिस्प्ले होंगे क्यूआर कोड
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Sep 2018 05:52 PM IST
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यूटी प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक अहम फैसला लिया है। ऑटो, टैक्सी, कैब और सिटी बस सेवा समेत सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए नए नियम लागू करने का निर्णय लिया गया है। ड्राइवर की पूरी डिटेल वाले एप के साथ क्यूआर कोड (क्विक रिस्पॉन्स कोड) को ऑटो-टैक्सी, बस और कैब में ऐसी जगह पर डिस्प्ले किया जाएगा, जहां यात्रियों की नजर आसानी से पड़े और यह साफ-साफ नजर आए। इमरजेंसी में पैसेंजर्स क्यूआर कोड के जरिए शिकायत कर सकेंगे। इससे ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और ट्रैफिक पुलिस को उस गाड़ी की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बीती 31 अगस्त को क्यूआर कोड का पूरा प्रोजेक्ट मंत्रालय को सबमिट कर दिया है। प्र्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद जारी होने वाले नए परमिट में ये नियम लागू हो जाएंगे। नए परमिट अप्लाई करने वालों के लिए एक एप डाउनलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा पहले से इससे तरह से परमिट होल्डर और ड्राइवर की डिटेल ट्रैफिक पुलिस व ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास होगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इस पूरे प्रोजेक्ट में यूटी पुलिस के साथ साझेदारी कर क्यूआर कोड बनाएगा। इसके बाद इस कोड को सभी पब्लिक सर्विस वीकल में डिस्पले किया जाएगा।
सीट के पीछे डिसप्ले होगा नंबर
पब्लिक सर्विस व्हीकल में यात्रियों की सुरक्षा के उपायों के तहत जीपीएस सिस्टम लगाने और नंबर प्लेट डिस्पले करने का फैसला लिया गया है। टैक्सी में फ्रंट सीट के पीछे लेफ्ट साइड पर यह नंबर डिस्पले होगा। ऑटो में मीटर के ऊपर नंबर प्लेट लगाए जाने का फैसला लिया गया है।
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पैसेंजर्स को नंबर नोट करने में रहेगी आसानी
जानकारों का कहना है कि इंटरनेशनल लेवल पर सेफ्टी के जो स्टैंडर्ड हैं, उनको देखते हुए ये कंडीशन लागू की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जब सवारी ऑटो या टैक्सी लेती है तो उस समय वह नंबर नोट नहीं करती, लेकिन जब ऑटो-टैक्सी के अंदर नंबर डिस्पले होगा तो आसानी से नोट किया जा सकेगा।
सवारियां रहेंगी सुरक्षित
इस संदर्भ में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सेक्रटरी डॉ. अजय सिंगला का कहना है कि सिटी में चलने वाली सभी टैक्सियों और दूसरे पैसेंजर्स व्हीकल के लिए क्यूआर कोड कंडिशन लागू होगी। इससे गाड़ी की लोकेशन को ट्रैक करना आसान होगा और सवारियां सुरक्षित रहेंगी।
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यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बीती 31 अगस्त को क्यूआर कोड का पूरा प्रोजेक्ट मंत्रालय को सबमिट कर दिया है। प्र्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद जारी होने वाले नए परमिट में ये नियम लागू हो जाएंगे। नए परमिट अप्लाई करने वालों के लिए एक एप डाउनलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा पहले से इससे तरह से परमिट होल्डर और ड्राइवर की डिटेल ट्रैफिक पुलिस व ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास होगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इस पूरे प्रोजेक्ट में यूटी पुलिस के साथ साझेदारी कर क्यूआर कोड बनाएगा। इसके बाद इस कोड को सभी पब्लिक सर्विस वीकल में डिस्पले किया जाएगा।
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सीट के पीछे डिसप्ले होगा नंबर
पब्लिक सर्विस व्हीकल में यात्रियों की सुरक्षा के उपायों के तहत जीपीएस सिस्टम लगाने और नंबर प्लेट डिस्पले करने का फैसला लिया गया है। टैक्सी में फ्रंट सीट के पीछे लेफ्ट साइड पर यह नंबर डिस्पले होगा। ऑटो में मीटर के ऊपर नंबर प्लेट लगाए जाने का फैसला लिया गया है।
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पैसेंजर्स को नंबर नोट करने में रहेगी आसानी
जानकारों का कहना है कि इंटरनेशनल लेवल पर सेफ्टी के जो स्टैंडर्ड हैं, उनको देखते हुए ये कंडीशन लागू की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जब सवारी ऑटो या टैक्सी लेती है तो उस समय वह नंबर नोट नहीं करती, लेकिन जब ऑटो-टैक्सी के अंदर नंबर डिस्पले होगा तो आसानी से नोट किया जा सकेगा।
सवारियां रहेंगी सुरक्षित
इस संदर्भ में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सेक्रटरी डॉ. अजय सिंगला का कहना है कि सिटी में चलने वाली सभी टैक्सियों और दूसरे पैसेंजर्स व्हीकल के लिए क्यूआर कोड कंडिशन लागू होगी। इससे गाड़ी की लोकेशन को ट्रैक करना आसान होगा और सवारियां सुरक्षित रहेंगी।