फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   UT Administration Decision on Paid Parking Next Week

अगले हफ्ते तय होगा पेड पार्किंग का भविष्य

Fri, 02 May 2014 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 02 May 2014 02:01 PM IST
विज्ञापन
UT Administration Decision on Paid Parking Next Week

लोकसभा चुनाव संपन्न होते ही एक बार फिर शहर की प्रमुख मार्केट में पेड पार्किंग का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। प्रशासन का थिंक टैंक पेड पार्किंग के भविष्य को लेकर रणनीति बनाने में जुट गया है। इसके लिए अगले हफ्ते एक अहम मीटिंग होने जा रही है।

विज्ञापन


इसमें प्रशासन व नगर निगम के तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के सदस्य, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि से भी इस बारे में राय ली जाएगी। इस दौरान जो फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा, उसे ही लागू किया जाएगा।
विज्ञापन


इससे पहले नगर निगम ने उन पांचों मार्केट की री-कॉरपेटिंग का काम पूरा कर लिया गया है, जहां पर पेड पार्किंग की जानी है। दूसरी तरफ इन दिनों रात ही रात में पार्किंग में लाइनिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके तहत हरेक वाहन के लिए जगह तय की जा रही है। वहीं, आपातकालीन रास्ते तक तय किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों का मानना है कि लाइनिंग सिस्टम से जहां प्रत्येक वाहन को खड़ा करने के लिए जगह तय हो जाएगी। वहीं, पार्किंग को लेकर रोजाना होने वाले झगड़ों से भी छुटकारा मिलेगा। वहीं, अधिकारियों का मानना है कि मीटिंग में पार्किंग की सारी रणनीति साफ होगी।

ठेका पहले ही हो चुका अलॉट
शहर की प्रमुख पांच पार्किंग को निगम ने पेड करने का फैसला जनवरी में लिया था। पार्किंग का ठेका भी अलॉट हो चुका है। चंडीगढ़ और पटियाला की दो कंपनियों को पार्किंग का ठेका मिला है। फेज-5, 3बी2, फेज-7, नौ और दस में पेड पार्किंग करने की योजना है।

अगर मीटिंग में सहमति नहीं बनती है तो निगम द्वारा ठेका रद्द कर दिया जाएगा। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत निगम पेड पार्किंग को ले रहा है। अगर प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो बाद में इसे अन्य मार्केटों पर भी लागू किया जाएगा।

पेड पार्किंग का हो चुका है विरोध

निगम ने मार्च में पेड पार्किंग शुरू की थी, लेकिन पहले ही दिन यह फ्लॉप साबित हुई। दुकानदार पेड पार्किंग के विरोध में उतर गए थे। उन्होंने ठेकेदारों की पर्चियां फाड़ दी। वहीं, पेड पार्किंग के पोस्टर भी क्षतिग्रस्त कर दिए। इसी बीच निगम अफसरों ने दलील दी थी कि व्यापार मंडल से राय लेकर उन्होंने पेड पार्किंग शुरू की थी।


इससे दुकानदार का गुस्सा और भड़क गया था। साथ ही कई दुकानदार व्यापार मंडल से अलग हो गए थे। साथ ही एक नई संघर्ष कमेटी बनाकर पेड पार्किंग के खिलाफ आंदोलन में जुट गए थे। दुकानदारों का गुस्सा देख व राजनीतिक दबाव के बाद निगम अफसरों ने पेड पार्किंग के फैसले को लोकसभा चुनाव तक टाल दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed