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यूपीएससी परीक्षा.. कृषि व पर्यावरण के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया
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एक अभ्यर्थी का तापमान चेक करते कर्मचारी।
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की रविवार को हुई परीक्षा में कृषि और पयार्वरण से जुड़े लंबे सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा कर रख दिया। दूसरा पेपर में भी कम कठिन नहीं था। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इसमें पास होने लायक अंक आ ही जाएंगे। चंडीगढ़ में यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। 26 केंद्रों पर 12 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 60 फीसदी विद्यार्थियों ने ही परीक्षा में हिस्सा लिया। शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
यूपीएससी का पहला पेपर सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक था। यह सामान्य का पेपर था। इस प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न पूछे गए थे जो 200 अंक के थे। इसमें इतिहास के प्रश्न कठिन थे। राजनीति विज्ञान के लगभग दस से 11 सवाल थे जो आसान रहे। कृषि व पर्यावरण से जुड़े प्रश्न लंबे थे जिनको समझना आसान नहीं था। साथ ही छह-छह ऑप्शन उत्तर के लिए दिए गए थे। पेपर पेपर की मेरिट 94 से 95 के मध्य जाने की उम्मीद है। वहीं दूसरा पेपर सी-सैट का था। यह दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक तक हुआ। इस पेपर में भी 100 सवाल थे जो अंग्रेजी, गणित आदि से जुड़े थे। इस पेपर में 200 अंकों में से 66 अंक लाना जरूरी होता है। विद्यार्थियों ने कहा कि इसमें पास लायक अंक आ जाएंगे। सेक्टर 16 स्थित केंद्र पर परीक्षा देने आए अभ्यर्थी राजेश श्रीवास्तव, शुभम शर्मा ने बताया कि पहला पेपर कठिन रहा।
किताबों से काम नहीं चलेगा, अखबार पढ़ना बहुत जरूरी
पहला पेपर काफी कठिन रहा। कृषि व पर्यावरण से जुड़े सवालों ने छात्रों को अधिक दिमाग लगाने पर मजबूर किया। किताबों के पढ़ने से ही इस पेपर की तैयारी पूरी नहीं होगी। इसके लिए हिंदी व अंग्रेजी के चार से पांच अखबारों का गहराई से अध्ययन करना होगा। सामान्य ज्ञान के तमाम सवाल अखबारों से जुड़े थे। साथ ही अखबार का संपादकीय पेज भी अनिवार्य रूप से पढ़ना होगा। सिविल सेवा में बाजी मारने के लिए अखबार पढ़ना बहुत जरूरी है।
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-कुणाल सिंह, शिक्षाविद
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यूपीएससी का पहला पेपर सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक था। यह सामान्य का पेपर था। इस प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न पूछे गए थे जो 200 अंक के थे। इसमें इतिहास के प्रश्न कठिन थे। राजनीति विज्ञान के लगभग दस से 11 सवाल थे जो आसान रहे। कृषि व पर्यावरण से जुड़े प्रश्न लंबे थे जिनको समझना आसान नहीं था। साथ ही छह-छह ऑप्शन उत्तर के लिए दिए गए थे। पेपर पेपर की मेरिट 94 से 95 के मध्य जाने की उम्मीद है। वहीं दूसरा पेपर सी-सैट का था। यह दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक तक हुआ। इस पेपर में भी 100 सवाल थे जो अंग्रेजी, गणित आदि से जुड़े थे। इस पेपर में 200 अंकों में से 66 अंक लाना जरूरी होता है। विद्यार्थियों ने कहा कि इसमें पास लायक अंक आ जाएंगे। सेक्टर 16 स्थित केंद्र पर परीक्षा देने आए अभ्यर्थी राजेश श्रीवास्तव, शुभम शर्मा ने बताया कि पहला पेपर कठिन रहा।
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किताबों से काम नहीं चलेगा, अखबार पढ़ना बहुत जरूरी
पहला पेपर काफी कठिन रहा। कृषि व पर्यावरण से जुड़े सवालों ने छात्रों को अधिक दिमाग लगाने पर मजबूर किया। किताबों के पढ़ने से ही इस पेपर की तैयारी पूरी नहीं होगी। इसके लिए हिंदी व अंग्रेजी के चार से पांच अखबारों का गहराई से अध्ययन करना होगा। सामान्य ज्ञान के तमाम सवाल अखबारों से जुड़े थे। साथ ही अखबार का संपादकीय पेज भी अनिवार्य रूप से पढ़ना होगा। सिविल सेवा में बाजी मारने के लिए अखबार पढ़ना बहुत जरूरी है।
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-कुणाल सिंह, शिक्षाविद

परीक्षार्थियों का तापमान चेक करते कर्मचारी। - फोटो : CHANDIGARH

सिटिंग प्लान देखते अभ्यार्थी। - फोटो : CHANDIGARH

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते अभ्यार्थी। - फोटो : CHANDIGARH

सेक्टर- 16 गवर्नमेंट स्कूल में सिविल सर्विसेज की परीक्षा देकर बाहर आते परीक्षार्थी। - फोटो : CHANDIGARH