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UPSC result: पिता के अधूरे सपने को मधुमिता ने किया पूरा, तीसरी बार में हासिल की 86वीं रैंक
Wed, 05 Aug 2020 12:51 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत/समालखा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत/समालखा (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 05 Aug 2020 12:51 AM IST
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मधुमिता
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पानीपत की मधुमिता ने अपने तीसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 86 ऑल इंडिया रैंक हासिल कर पानीपत का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता में पिता का बड़ा योगदान है, जिन्होंने आईएएस की सीढ़ी चढ़ने का बेटी को हौसला दिया। पिता महावीर सिंह ने 1987 में आईएएस बनने का सपना देखा। परीक्षा में बैठे लेकिन उत्तीर्ण नहीं हो सके। इसके बाद पिता ने दोबारा परीक्षा दी ही नहीं।
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बेटी में पढ़ाई का जुनून देखा तो उसे हौसला दिया। मधुमिता ने बताया कि यह उनकी तीसरी कोशिश थी, जिसमें वह पास हो सकीं। परीक्षा के दौरान 16 से 17 घंटे तक पढ़ाई की। वह महाराज अग्रसेन स्कूल से पढ़ीं हैं। पाइट कॉलेज से बीबीए किया और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। फिर इग्नू से एमए किया। ऑल इंडिया मैथ्स ओलिंपियाड में गोल्ड मेडल हासिल किया। पिता पहले एयरफोर्स में कार्यरत रहे हैं और वहां रिटायर होने के बाद मार्केट कमेटी में काम करते हैं। बड़ा भाई सतेंद्र एक निजी कंपनी में मैनेजर और छोटा भाई लॉ की पढ़ाई का रहा है।
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सफलता के टिप्स
तैयारी में किसी तरह का खलल ना हो इसके लिए वह परिवार से तो दूर रही ही, सोशल मीडिया से भी कोई सरोकार नहीं रखा। यहां तक कि अपने चचेरे भाई की शादी में भी शिरकत नहीं की। परीक्षा परिणाम आने पर उसने मेहनत की नई इबारत लिख दी है।
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बेटी पर है गर्व
मधुमिता के पिता महावीर सिंह और मां दर्शना ने कहना है कि उन्हें अपनी होनहार बेटी पर गर्व है। उसने बताया दिया कि बेटियां किसी तरह से बेटों से कम नहीं है और क्षेत्र में उनका मान बढ़ाया है। इससे दूसरों को भी प्रेरणा मिलेगी।