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Chandigarh News: पीजीआई में आवासीय क्षेत्र में शरीर के अंग रखने पर हंगामा

Fri, 07 Mar 2025 01:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:19 AM IST
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Uproar over keeping body parts in residential area at PGI
चंडीगढ़। पीजीआई के आवासीय क्षेत्र में वीरवार को शरीर के अंग रखने पर स्थानीय लोग भड़क गए और जमकर हंगामा किया। टाइप-सी मकानों के पास खाली पड़े क्वार्टर में अंग रखे जा रहे थे। आसपास के लोगों ने पीसीआर को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस को निवासियों ने लिखित में शिकायत भी दी। आसपास के इकट्ठा हुए लोगों ने बताया कि बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि अनजान लोगों का एक ग्रुप उनके एरिया में आया और हाउस नंबर-1, 2 और 15 में शरीर के अंग रखने लगे। यह एबुलेंस नंबर- सीएच-01जीआई3036 पर आए थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार रेजिडेंशियल एरिया में अंगों को रखना सेहत के लिए हानिकारक है। आसपास के निवासी वरिंदर कुमार, सीमा, रेखा, किरन कुमारी, पिंकी, रजिता, साहिल ने कहा कि ये क्वार्टर एक साल से खाली पड़े हैं। डॉक्टर अंग तो रख ही रहे हैं, साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट भी वहीं फेंक रहे हैं। इसे खुले में फेंकने से स्वास्थ्य को खतरा तो होता ही है, इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। स्थानीय लोगों ने जब डॉक्टरों से पूछा कि किसकी अनुमति से अंग रख रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह डीन से अनुमति लेकर ही यहां आए हैं। हालांकि सूत्रों के मुताबिक किसी को इसकी जानकारी नहीं है।
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एक्सपर्ट बोले- आंखों में जलन के साथ हो सकती हैं कई समस्याएं
अंग को खराब होने से बचाए रखने के लिए फॉर्मेलिन केमिकल प्रयोग किया जाता है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, स्किन एलर्जी और सिरदर्द होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक इन्हें ऐसी जगह पर रखा जाना चाहिए था, जहां पर किसी का आना-जाना नहीं होता। जिस एरिया में अंगों को रखा जा रहा है, वहां बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी रहते हैं। लंबे समय तक संपर्क में रहने से दम घुटने की समस्या हो सकती है। गंभीर संपर्क से गले में सूजन या फेफड़ों में रासायनिक जलन से मौत भी हो सकती है।
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