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Chandigarh News: पार्किंग घोटाले पर सदन में जमकर हंगामा, पार्षदों ने दागे सवाल, सीबीआई जांच की मांग
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चंडीगढ़। नगर निगम सदन की 322वीं बैठक पार्किंग घोटाले की भेंट चढ़ गई। मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा तीनों पार्टियों के पार्षदों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए निगम के अधिकारियों पर सवाल पर सवाल दागे लेकिन ज्यादातर के जवाब नहीं मिले। इस दौरान पार्किंग घोटाले की जांच की विभागीय रिपोर्ट भी सदन में पेश नहीं की गई। सबसे पहले कांग्रेस के गुरप्रीत गाबी ने कहा कि आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने जिन कर्मचारियों को चार्जशीट किया है, उनमें से कई तो कुछ महीने पहले ही निगम में आए हैं। उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। मुख्य आरोपी अनिल शर्मा नगर निगम के सभी अधिकारियों और मेयर के साथ बैठकें करता रहा। पार्किंग कमेटी और घोटाले के दौरान तैनात संयुक्त आयुक्तों के खिलाफ जांच क्यों नहीं शुरू की गई। गाबी ने कहा कि सीबीआई ने अब तक केस दर्ज नहीं किया है, सिर्फ दस्तावेज लेकर गई है। कहीं ऐसा न हो कि दस्तावेज वहीं दब जाएं। गाबी ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने दिल्ली की एक कंपनी को लाकर चंडीगढ़ में बिठा दिया, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कुछ अधिकारियों की तरफ इशारा किया कि एक-दो लोग ही हैं, जो पिछली पार्किंग कंपनी और पाश्चात्य को लाने के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा भाजपा के पार्षद कनवरजीत राणा व सौरव जोशी व आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह व जसबीर सिंह ने भी कई सवाल दागे।
इस मामले में आयुक्त अनिंदिता मित्रा ने कहा कि पार्षदों की कमेटी ने ही पाश्चात्य कंपनी को दिए गए टेंडर के नियम व शर्तें तय की थीं। कमेटी तत्कालीन मेयर ने बनाई थी। जांच चल रही है। अगर किसी अधिकारी की मंशा गलत पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। चाहें उसमें वह खुद क्यों न हों। कंपनी को कितना समय दिया गया, कितनी सुनवाई हुई। ये सब कुछ रिकॉर्ड में है। क्या यह किसी को फायदा देने के लिए किया गया, यह भी जांच में पता चल जाएगा। जो चार्जशीट किए गए हैं, वह स्टांप ड्यूटी मामला है। एग्रीमेंट पर जिसके-जिसके साइन थे, उनके खिलाफ चार्जशीट की गई है कि उन्होंने उस समय क्यों नहीं देखा।
मामले की निष्पक्ष जांच हो रही : मेयर
मेयर अनुप गुप्ता ने कहा कि इस मामले सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। निष्पक्ष जांच हो रही है और आगे भी होगी। मेयर ने आरोपी अनिल गुप्ता से बैठक करने के आप पार्षदों के सवाल के जवाब में कहा कि 24 जनवरी को ठेका रद्द हो गया था। मुझसे सभी मिलने आते हैं। एक व्यक्ति आया और उसने कहा कि वह पार्किंग चला रहा है। अगर वह पैसे जमा करा देगा तो क्या उसे एक्सटेंशन मिल जाएगी। मैंने कहा कि पैसे जमा करा दो। उसने कहा कि उसे कुछ पैसों के कैल्कुलेशन को लेकर सवाल है। उसे चीफ अकाउंट ऑफिसर के साथ बिठाया, लेकिन पैसे नहीं जमा कराए तो 30 को उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उसे बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जिसका-जिसका नाम आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भाजपा के पार्षद कनवरजीत राणा के सवाल
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1. घोटाले में निगम को जो साढ़े करोड़ रुपये का चूना लगा है, उसकी रिकवरी किस अफसर पर डाली जाएगी?
2. स्टांप ड्यूटी की गड़बड़ी के मामले में चुन-चुन कर कर्मचारियों पर चार्जशीट क्यों की गई। सभी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
3. पर्दे के पीछे कई अधिकारी हैं, उन्हें सलाखों के पीछे लाने पर ही इंसाफ होगा?
4. नीचे के कर्मचारी फाइलों पर लिखते रहे कि कंपनी पैसा नहीं दे रही, फिर ऊपर के अधिकारियों ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया?
5. जब 2021 के आखिर में ही पता चल गया था कि कंपनी पैसा नहीं दे रही है, तो सदन को इस बारे में क्यों नहीं बताया गया?
6. कंपनी एक अन्य फर्जी कंपनी बनाकर पर्ची काट रही है, तो निगम की अफसरों की कमेटी क्या कर रही थी। उन पर कार्रवाई कब होगी?
7. अब तक जिन भी कंपनियों को पार्किंग का टेंडर दिया, उसके दस्तावेज वेबसाइट पर है तो पाश्चात्य कंपनी के टेंडर के दस्तावेज वेबसाइट पर क्यों नहीं है?
आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह और जसबीर सिंह के सवाल
1. गिरफ्तार अनिल शर्मा कौन है और टेंडर से उसका क्या लेना-देना है?
2. क्या वर्तमान मेयर अनूप गुप्ता ने भी उनके साथ कोई बैठक की है?
3. नगर निगम की आयुक्त इस मामले में एक विभागीय जांच कर रही थीं। उस जांच का क्या हुआ?
4. जसबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने नगर निगम से घोटाले से संबंधित 20 सवाल पूछे थे, उसके जवाब क्यों नहीं दिए जा रहे हैं?
5. घोटाले के दौरान जो-जो अधिकारी संयुक्त आयुक्त रहे हैं, उन्हें चार्जशीट क्यों नहीं किया गया?
भाजपा के पार्षद सौरव जोशी के सवाल
1. जब कंपनी को इतनी तारीख दी गई तो सदन को इस बारे में क्यों नहीं बताया?
2. पार्किंग कंपनी पर नजर रखने के लिए जो कमेटी बनाई गई थी। उसकी जिम्मेदारी क्या है, क्या वह जवाबदेह नहीं है?
3. पहले सभी टेंडर में पार्षद को आब्जर्वर लगाया जाता था। अब नियम क्यों बदल दिए गए हैं?
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इस मामले में आयुक्त अनिंदिता मित्रा ने कहा कि पार्षदों की कमेटी ने ही पाश्चात्य कंपनी को दिए गए टेंडर के नियम व शर्तें तय की थीं। कमेटी तत्कालीन मेयर ने बनाई थी। जांच चल रही है। अगर किसी अधिकारी की मंशा गलत पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। चाहें उसमें वह खुद क्यों न हों। कंपनी को कितना समय दिया गया, कितनी सुनवाई हुई। ये सब कुछ रिकॉर्ड में है। क्या यह किसी को फायदा देने के लिए किया गया, यह भी जांच में पता चल जाएगा। जो चार्जशीट किए गए हैं, वह स्टांप ड्यूटी मामला है। एग्रीमेंट पर जिसके-जिसके साइन थे, उनके खिलाफ चार्जशीट की गई है कि उन्होंने उस समय क्यों नहीं देखा।
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मामले की निष्पक्ष जांच हो रही : मेयर
मेयर अनुप गुप्ता ने कहा कि इस मामले सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। निष्पक्ष जांच हो रही है और आगे भी होगी। मेयर ने आरोपी अनिल गुप्ता से बैठक करने के आप पार्षदों के सवाल के जवाब में कहा कि 24 जनवरी को ठेका रद्द हो गया था। मुझसे सभी मिलने आते हैं। एक व्यक्ति आया और उसने कहा कि वह पार्किंग चला रहा है। अगर वह पैसे जमा करा देगा तो क्या उसे एक्सटेंशन मिल जाएगी। मैंने कहा कि पैसे जमा करा दो। उसने कहा कि उसे कुछ पैसों के कैल्कुलेशन को लेकर सवाल है। उसे चीफ अकाउंट ऑफिसर के साथ बिठाया, लेकिन पैसे नहीं जमा कराए तो 30 को उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उसे बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जिसका-जिसका नाम आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भाजपा के पार्षद कनवरजीत राणा के सवाल
1. घोटाले में निगम को जो साढ़े करोड़ रुपये का चूना लगा है, उसकी रिकवरी किस अफसर पर डाली जाएगी?
2. स्टांप ड्यूटी की गड़बड़ी के मामले में चुन-चुन कर कर्मचारियों पर चार्जशीट क्यों की गई। सभी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
3. पर्दे के पीछे कई अधिकारी हैं, उन्हें सलाखों के पीछे लाने पर ही इंसाफ होगा?
4. नीचे के कर्मचारी फाइलों पर लिखते रहे कि कंपनी पैसा नहीं दे रही, फिर ऊपर के अधिकारियों ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया?
5. जब 2021 के आखिर में ही पता चल गया था कि कंपनी पैसा नहीं दे रही है, तो सदन को इस बारे में क्यों नहीं बताया गया?
6. कंपनी एक अन्य फर्जी कंपनी बनाकर पर्ची काट रही है, तो निगम की अफसरों की कमेटी क्या कर रही थी। उन पर कार्रवाई कब होगी?
7. अब तक जिन भी कंपनियों को पार्किंग का टेंडर दिया, उसके दस्तावेज वेबसाइट पर है तो पाश्चात्य कंपनी के टेंडर के दस्तावेज वेबसाइट पर क्यों नहीं है?
आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह और जसबीर सिंह के सवाल
1. गिरफ्तार अनिल शर्मा कौन है और टेंडर से उसका क्या लेना-देना है?
2. क्या वर्तमान मेयर अनूप गुप्ता ने भी उनके साथ कोई बैठक की है?
3. नगर निगम की आयुक्त इस मामले में एक विभागीय जांच कर रही थीं। उस जांच का क्या हुआ?
4. जसबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने नगर निगम से घोटाले से संबंधित 20 सवाल पूछे थे, उसके जवाब क्यों नहीं दिए जा रहे हैं?
5. घोटाले के दौरान जो-जो अधिकारी संयुक्त आयुक्त रहे हैं, उन्हें चार्जशीट क्यों नहीं किया गया?
भाजपा के पार्षद सौरव जोशी के सवाल
1. जब कंपनी को इतनी तारीख दी गई तो सदन को इस बारे में क्यों नहीं बताया?
2. पार्किंग कंपनी पर नजर रखने के लिए जो कमेटी बनाई गई थी। उसकी जिम्मेदारी क्या है, क्या वह जवाबदेह नहीं है?
3. पहले सभी टेंडर में पार्षद को आब्जर्वर लगाया जाता था। अब नियम क्यों बदल दिए गए हैं?