बजट सत्र: शहरी क्षेत्र में अनुमति लेकर पालने होंगे दुधारू पशु, विपक्ष के हंगामे के बाद विधेयक प्रवर समिति को भेजने पर सहमति
हरियाणा विधानसभा में इनेलो के विधायक अभय चौटाला और नारनौंद से जेजेपी के विधायक राम कुमार गौतम भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक कटाक्ष भी किए। इसी दौरान गौतम ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का नाम लिए बिना चौटाला परिवार पर भी निशाना साधा।
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हरियाणा सरकार से शहरों में दुधारू पशु पालने की अनुमति लेने संबंधी संशोधन विधेयकों पर सदन में हंगामा हुआ। शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने हरियाणा नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2022 और हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 चर्चा व पारित करने के लिए प्रस्तुत किए। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा, वरुण चौधरी, नीरज शर्मा, आफताब अहमद, जगबीर मलिक व शमशेर ने संशोधन विधेयकों पर सवाल उठाए। विपक्ष की आपत्तियों को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन्हें प्रवर कमेटी को भेजने पर अपनी सहमति दे दी। समिति दो माह में अपनी रिपोर्ट देगी।
समिति में सदस्य के तौर पर भाजपा के चार, कांग्रेस के तीन, जजपा व निर्दलीय में से एक-एक विधायक शामिल होंगे। बीबी बत्रा ने कहा कि शहरों में दुधारू पशु पालने की अनुमति का कानून लागू करने या डेयरियां हटाने से पहले सरकार सरकारी डेयरी कांप्लेक्स बनाए, जहां लोग अपने दुधारू पशुओं को रख सकें।
आफताब अहमद ने कहा कि विधेयकों को प्रवर समिति को भेजें। नीरज ने कहा कि डेयरी कॉलोनी बनाने के बाद कानून बनाएं, इसका विरोध नहीं करेंगे। निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने कहा कि शहरों में सरकार लोगों को कितने पशु रखने की अनुमति देगी, यह विधेयक में साफ नहीं है। सिसाय जैसी ग्रामीण नगरपालिकाएं भी हैं, जहां बहुत से दुधारू पशु लोगों के पास हैं। इसलिए विधेयक प्रवर समिति को भेजें।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में दुधारू पशु रखने व डेयरी खोलने से अव्यवस्था पनप रही है। सीवरेज प्रणाली कई बार ठप हो जाती है। इसलिए नियमों में संशोधन जरूरी है लेकिन सदन की भावना को देखते हुए इन्हें प्रवर समिति को भेज दें। इन विधेयकों में व्यापार लाइसेंस के सरलीकरण का मुद्दा भी शामिल है, जिसे सरकार सरकारी अधिसूचना के जरिये लागू कर देगी।
सदन में दूसरे दिन भी गूंजा अवैध कॉलोनियों का मुद्दा
विधानसभा में लगातार दूसरे दिन अवैध कॉलोनियों का मुद्दा गूंजा। अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री करने को लेकर चल रहे भ्रष्टाचार मामले की विजिलेंस जांच की मांग को लेकर कांग्रेसी विधायक अड़ गए और हंगामा किया। हालांकि, शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि जांच किस एजेंसी से होगी ये सरकार तय करेगी विपक्ष नहीं।
असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी ने मांग की है कि अवैध कॉलोनियों को पक्का किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कॉलोनियां काटने को लेकर अंडर द टेबल पैसे का काम चल रहा है। इस पर कांग्रेस के रघुबीर कादियान, गीता भुक्कल, जयवीर वाल्मीकि समेत कुलदीप वत्स ने गोगी की बात का समर्थन किया और पूरे प्रदेश में अवैध कॉलोनियों की जांच विजिलेंस से कराने पर अड़ गए। कांग्रेस विधायकों ने एक सुर में आरोप लगाया कि जैसे करनाल में डीटीपी और तहसीलदार पकड़े गए हैं, ऐसी ही गड़बड़ी सभी जिलों में चल रही है। इसकी विजिलेंस से जांच होनी चाहिए। साथ ही अवैध कॉलोनियों को एकमुश्त वैध किया जाए।
पानीपत में डेयरियों को शिफ्ट करने को दोबारा होगा सर्वे
पानीपत में डेयरियों को शिफ्ट करने को लेकर हरियाणा सरकार दोबारा से सर्वे कराएगी और सभी डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना तैयार करेगी। पानीपत से शहरी विधायक प्रमोद विज के सवाल पर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने यह जानकारी दी। नगर निगम पानीपत में बचे हुए 19 डेयरी भूखंडों को आबंटित करने और डेयरियों को आबंटित भूखंडों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चलाई जा रही है और यह सितंबर, 2022 तक पूरी कर ली जाएगी।
अभय चौटाला और रामकुमार गौतम भिड़े
हरियाणा विधानसभा में इनेलो के विधायक अभय चौटाला और नारनौंद से जेजेपी के विधायक राम कुमार गौतम भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक कटाक्ष भी किए। इसी दौरान गौतम ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का नाम लिए बिना चौटाला परिवार पर भी निशाना साधा। दरअसल, अभय चौटाला ने भाजपा का पटका पहनकर दर्शक दीर्घा में आने पर आपत्ति जताई।
बीच में टोकते हुए विधायक गौतम ने कहा, पाकिस्तान का झंडा नहीं लाना चाहिए, पटके से क्या दिक्कत हो सकती है। इस पर चौटाला ने कहा कि आप वकील बेशक हो लेकिन आपको ज्ञान नहीं है। पलटवार में गौतम बोले, ये बात सही है कि हमें ज्ञान नहीं है। तभी तो जिनको हमने बनाया वो मौज कर रहे हैं और हम खाली हैं। चौटाला ने भी गौतम से पूछा कि आखिर कौन है वो।
सीएम बोले- अभी कोई नहीं है
बीजेपी का पटका पहनकर आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा की रूल बुक में ऐसा कोई नियम नहीं है। हालांकि, लोकसभा की संसदीय कार्यप्रणाली रूल बुक में सदस्यों पर ऐसा न करने का नियम अवश्य है, परंतु दर्शक दीर्घा के लिए वहां भी ऐसा कोई नियम नहीं है। केवल मौखिक तौर पर सुरक्षाकर्मियों को ऐसे निर्देश होते हैं कि वह कोई व्यक्ति इस तरह का पटका या बैच लगाकर न आए। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से आग्रह किया कि हरियाणा विधानसभा रूल बुक में इससे संबंधित नियम का प्रावधान करवा दें।