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मोहालीः दिवंगत अमतेश्वर कौर की बेटी ने जीता उपचुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 21 Dec 2015 09:13 AM IST
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आठ महीने बाद मोहाली के वार्ड नंबर 29 को नया पार्षद मिल गया। पार्षद स्व. अमतेश्वर कौर की बेटी ने उपिंदरप्रीत कौर ने चुनाव जीता। उन्होंने 901 वोट लेकर जीत हासिल की। जबकि उनकी विरोधी जसविंदर कौर बैंस को 559 और हरबंस कौर मल्ली को 382 वोट पड़े। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हुई और शाम चार बजे वोटिंग बंद होने के बाद तुरंत गिनती भी शुरू कर दी गई। आधे घंटे के भीतर परिणाम घोषित कर दिया गया। चुनाव के दौरान कुल 3192 वोट थे जिसमें से कुल 1842 लोग ही वोट देने पहुंचे।
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वोटिंग को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। युवाओं से ज्यादा बुजुर्गों ने बढ़-चढ़ कर अपने वोट का इस्तेमाल किया। इनमें 70 साल से अधिक उम्र के लोग अधिक रहे। वहीं, पहली बार वोट डालने आए युवाओं में भी वोटिंग को लेकर क्रेज दिखा।
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लोगों को होना पड़ा ट्रैफिक से दो-चार
रिहायशी एरिया में पोलिंग बूथ बनने से आम लोगों को ट्रैफिक की समस्या से दो चार होना पड़ा। वोट देने आए लोगों के वाहनों की कतारों से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। वहीं, दूसरी ओर पुलिस बल को भी ट्रैफिक सुचारू करने के लिए भारी मशक्क्त करनी पड़ी। एसपी सिटी आशीष कपूर ने मौके पर पहुंच कर सुरक्षा प्रबंधकों का जायजा लिया।
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नतीजों से पहले हुआ विरोध
काउंटिंग के समय हरबंस कौर के पति बलदेव सिंह मल्ली पोलिंग बूथ में घुस गए। इसको लेकर पोलिंग सेंटर के बाहर विरोधी खेमे ने हंगामा कर दिया। समर्थक उनके पति को पोलिंग बूथ से बाहर भेजने की मांग करने लगे। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की निंदा की। मामला बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने उनके पति जबरन बाहर निकाला।
इन्होंने दी वोट
- 86 वर्षीय बीबी सूद अपने पोते के साथ वोट देने आए थे। उन्होंने कहा कि वोट लोकतंत्र की ताकत है। वोट जरूर देनी चाहिए।
- 19 वर्षीय किरणजीत कौर सिद्धू माता-पिता के साथ पहली बार वोट देने आई थीं। उन्होंने बताया कि वोट की ताकत वोट देने पर ही समझ आई है।
- कौशल्या 71 वर्ष की हैं और चल नहीं सकतीं। रिश्तेदार उन्हें व्हील चेयर पर लेकर आए थे। वह बताती हैं कि उन्होंने हमेशा अपने वोट का प्रयोग किया है। साथ ही लोगों से अपील की कि वोट जरूर डालें।
- जोगिंदर सिंह 70 वर्ष के हैं। वह पोते के साथ आए थे। हालांकि उनकी तबियत ठीक नहीं थी, इसके बावजूद वोट डालने पहुंचे।
- मीनाक्षी पहली बार वोट डालने आई थीं। उन्होंने बताया टीवी पर विज्ञापन देखकर एहसास हुआ कि व्यक्ति का एक वोट कितना कीमती होता है।
जीत की खुशी ने दिलाई मां की याद
जीत की खबर सुनते ही पोलिंग सेंटर पर मौजूद उपिंदरप्रीत कौर की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। नम आंखों में मां की याद साफ दिखाई दी। चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट और छलकते आंसुओं के साथ अपनी इस जीत को उन्होंने मां को समर्पित किया। बेटी की आंखों में आंसू देख पिता भी भावुक हो गए। इसके बाद उनके नाम के नारे लगने शुरू हो गए। सेंटर से बाहर निकलते ही पिता ने उन्हें गले से लगा लिया। साथ ही कुछ ही पल में बधाई देने आए समर्थकों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। चुनाव जीतने के बाद उपिंदरप्रीत कौर को बधाई देने वालों का तांता लग गया। इनमें मेयर कुलवंत सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर रिशभ जैन और डिप्टी मेयर मंजीत सेठी समेत आजाद ग्रुप और कांग्रेस पार्टी के पार्षदों के अलावा कई लोग मौजूद थे।
अपने ही उम्मीदवार के खिलाफ डलवाई वोट
उपिंदरप्रीत कौर आजाद ग्रुप और कांग्रेस की सांझी उम्मीदवार थीं। इसके बावजूद आजाद ग्रुप के पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार ने अपने ग्रुप की ही उम्मीदवार को हराने के लिए विरोधी खेमे के साथ मिलकर जसविंदर कौर बैंस के पक्ष में खुलकर वोटें डलवाईं, लेकिन वह जीत नहीं सकीं। अमरीक सिंह तहसीलदार अकाली दल से संबंध रखते हैं और इस बार नगर निगम चुनाव में अकाली दल से बागी होकर आजाद ग्रुप में शामिल होकर पार्षद का चुनाव लड़े थे और तीसरी बार पार्षद भी बने थे। वहीं अकाली दल के पूर्व हलका इंचार्ज बलवंत सिंह रामूवालिया के मोहाली छोड़ने के बाद सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की ओर से बुलाई गई हलके के अकाली वर्करों की मीटिंग में भी शामिल हुए थे।
मां जीती थी तीन वोटों से
इसी साल फरवरी में हुए नगर निगम के चुनावों में स्व. अमतेश्वर कौर ने चुनाव लड़ा था और महज तीन वोटों से जीत हासिल की थी। लेकिन अब बेटी उपिंदरप्रीत कौर ने करीब चार सौ वोट के बड़े अंतर से जीत हासिल की है। जिक्रयोग है कि करीब आठ माह पहले ही अमतेश्वर कौर की अचानक मौत हो गई थी।
पोलिंग बूथ के सामने डटे रहे मेयर
रविवार को वार्ड नंबर- 29 के हुए उपचुनाव में फेज-11 के सर मकेलिफ स्कूल में बने पोलिंग बूथ के बाहर समर्थकों और पार्षदों के साथ मेयर कुलवंत सिंह डटे रहे। इस दौरान सारी प्रक्रिया को देखा। उनके साथ उनके ग्रुप के सभी पार्षद और कांग्रेस के सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन भी शामिल थे।
मां के सपनों को करूंगी पूरा
वार्ड नंबर-29 के रविवार को हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद उपिंदरप्रीत कौर ने भावुक मन से बताया कि वार्ड के जिन कामों को उनकी मां अधूरा छोड़ गई थीं, उन्हें सबसे पहला पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों के बहुमूल्य वोटों को व्यर्थ नहीं जाने देंगीं।