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Chandigarh News: ‘होटल संचालकों से मिलकर लोगों को लूट रहीं गीत-संगीत की गैर-पंजीकृत कंपनियां’

Sun, 01 Oct 2023 01:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Oct 2023 01:31 AM IST
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'Unregistered music companies are robbing people in collaboration with hotel operators'
चंडीगढ़। ‘गीत-संगीत की गैर-पंजीकृत कंपनियों ने देशभर में होटल इंडस्ट्री के सहयोग से 2500 करोड़ से अधिक का घोटाला किया है। इस मामले में प्रधानमंत्री, केंदीय गृहमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश समेत संबंधित विभागों के मंत्रियों को पत्र लिखकर जांच करवाने की मांग की गई है।’ ये आरोप उत्तर भारत के कई डीजे लाइट एंड साउंड संगठनों के पदाधिकारियों ने लगाए हैं। चंडीगढ़ सेक्टर-27 में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के डीजे लाइट एंड साउंड संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों में स्लोगन लेकर इन कंपनियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। मीडिया एवं आईपी एडवोकेट (मुम्बई) शेखर मेनन ने कहा कि कई कंपनियां कॉपीराइट एक्ट के तहत पंजीकृत ही नहीं हैं और इनके प्रतिनिधि पिछले कई वर्षों से होटल इंडस्ट्री के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को डरा धमकाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर लाइसेंस शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूल रहीं हैं।
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लोग होटल में अपने पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बुकिंग करवाते हैं। कई होटल संचालक उनकी निजता भंग करते हुए कार्यक्रमों की जानकारी इन कंपनियों को दे देते हैं। ऐसे में उन कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच आयोजकों को अवैध रूप से म्यूजिक चलाने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं। ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए आयोजक समझौते के लिए तैयार हो जाता है और वसूली करने पहुंचे कंपनियों के प्रतिनिधि लाइसेंस फीस के नाम पर रकम वसूलते हैं। वहीं अगर कोई समझौता नहीं करता तो उसे थाने में बुलाकर डराया धमकाया जाता है। इस तरह इन कंपनियों द्वारा कई होटलों के सहयोग से देशभर में 2500 करोड़ से अधिक की लूट की जा चुकी है।
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एक संगठन के प्रधान सुनील कुमार सोनू और महासचिव एस के सिंगला ने कहा कि वह केवल कानूनी रूप से पंजीकृत संस्था को ही लाइसेंस शुल्क देंगे। संगठन ने कहा कि अगर इन कंपनियों की लूट और धक्केशाही के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की जाती तो रोष स्वरूप मजबूरन उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
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