फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   University's U-turn in case of disqualifying student for use of AI

Chandigarh News: छात्र को एआई के इस्तोमाल पर अयोग्य मानने के मामले में यूनिवर्सिटी का यूटर्न

Wed, 20 Nov 2024 02:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 02:23 AM IST
विज्ञापन
University's U-turn in case of disqualifying student for use of AI
-सभी तिमाहियों की नई ट्रांसक्रिप्ट जमा करवाने की शर्त पर फैसला वापस
विज्ञापन

-परीक्षा में एआई आधारित उत्तर का प्रयोग करने के आरोप में उत्तर पुस्तिका कर दी रद्द

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। एलएलएम के एक छात्र के उत्तर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित बताते हुए उसे अयोग्य करार देने के मामले में अब यूनिवर्सिटी ने यूटर्न ले लिया है। यूनिवर्सिटी ने सभी तिमाहियों की ट्रांसक्रिप्ट नए सिरे से जमा करवाने की शर्त पर फैसला बदल दिया है। हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी के इस फैसले के बाद याचिका का निपटारा कर दिया है। मुंबई निवासी कौस्तुभ शक्करवार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि परीक्षा में उसके द्वारा दिए गए उत्तर को सोनीपत की ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी ने एआई-जनरेटेड घोषित कर दिया और उसे परीक्षा में असफल कर दिया गया। याची ने बताया कि परीक्षा में अनुचित साधन इस्तेमाल करने का उस पर आरोप लगा और इसके लिए बनाई गई कमेटी के समक्ष याची ने अपनी सभी दलीलें दी लेकिन इन्हें अस्वीकार कर दिया गया। यूनिवर्सिटी के अनुसार शक्करवार ने वैश्वीकरण की दुनिया में कानून और न्याय विषय के लिए उसने एआई-जनरेटेड सामग्री प्रस्तुत की है। याची ने कहा कि सामग्री उसने स्वयं तैयार की है, साथ ही यह भी कहा कि विश्वविद्यालय से एआई के उपयोग को प्रतिबंधित करने वाला कोई विशिष्ट नियम नहीं है। याची ने कहा कि कापीराइट अधिनियम स्पष्ट रूप से बताता है कि यदि याचिकाकर्ता ने एआई का उपयोग किया भी है, तो कलात्मक कार्य का कापीराइट याचिकाकर्ता के पास होगा और इस प्रकार कापीराइट के उल्लंघन का आरोप विफल हो जाता है। याची ने हाई कोर्ट से इस मामले में उचित आदेश पारित करने का आग्रह किया। फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सोनीपत की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने बताया कि वे याची की सभी तिमाहियों की ट्रांसक्रिप्ट जमा करवाने की शर्त पर अपना फैसला वापिस ले सकते हैं। याची की सहमति पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed