गृह मंत्री अमित शाह की रैली का विरोध: सिरसा-फतेहाबाद में सरपंचों को पुलिस ने हिरासत में लिया, आप नेता नजरबंद
सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद का कहना है कि उन्हें रैली में जाकर केंद्रीय गृहमंत्री से पांच सवाल पूछने थे। भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को धर्म को लेकर टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया।
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जयहिंद का कहना है कि उन्हें रैली में जाकर केंद्रीय गृहमंत्री से पांच सवाल पूछने थे। भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा को धर्म को लेकर टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया। सिरसा रैली में 30 हजार पुलिसकर्मी लगाए हुए हैं, सभी जिलों की पुलिस को बुला लिया गया। ऐसे में क्राइम कैसे कंट्रोल होगा।
जिन बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन कटी थी, उनको पेंशन कब तक दोबारा मिलेगी। प्रदेश में नशा व भ्रष्टाचार कब तक खत्म होगा। सीटेट पास करने वाले बेरोजगार युवाओं को कब तक रोजगार मिलेगा। पांच लाख सरकारी विभागों में पद खाली पड़े हैं, कब तक भरे जाएंगे। अर्बन एस्टेट थाने के कार्यकारी प्रभारी का कहना है एहतियात के तौर पर पुलिस भेजी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सिरसा रैली का विरोध करने का सरपंचों ने ऐलान किया था। फतेहाबाद में सुबह जब सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर गिल अपने गांव से लोगों के साथ समैन से निकले तो रास्ते में ही पुलिस ने उनको रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
इसी प्रकार सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता हेमंत बैजलपुरिया को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हेमंत बैजलपुरिया अपने साथियों के साथ गांव से निकले ही थे कि पुलिस ने उनके काफिले को रुकवाकर उनको हिरासत में ले लिया।
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता एवं भट्टूकलां खण्ड सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रमोहन पोटलिया को कल रात से ही पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया। सुबह उनके अन्य साथियों के साथ उनको भट्टूकलां थाने में लाया गया। पुलिस ने सभी विरोधी सरपंचों को या तो नजरबन्द किया हुआ है अथवा उनको हिरासत में ले रखा है।
सिरसा में भी सरपंच पुलिस हिरासत में
अमित शाह की रैली से पहले ही पुलिस ने सिरसा में सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस सरपंच को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।
सरपंच संतोष बैनीवाल की विरोध संबंधी पूर्व घोषणा के मुताबिक पुलिस सुबह ही दड़बा कलां स्थित सरपंच के आवास पर दल-बल सहित पहुंच गई। सरपंच के साथ सिरसा सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग सहित कई अन्य सरपंचों व समर्थकों को भी पुलिस ने हिरासत में ले अपने साथ ले गई।
सरपंच संतोष बैनीवाल ने गिरफ्तारी से पूर्व कहा कि सरकार अपने ओछे हथकंडों से उनकी आवाज को दबा नहीं सकती। अगर सरकार जनहितैषी है तो वो मंच पर आकर बातचीत करे, लेकिन सरकार की नियत में खोट है। सरकार बजाय आमजन मानस की बात सुनने के लठतंत्र व हठधर्मिता से जनता की आवाज को दबाना चाहती है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैनीवाल ने कहा कि सरकार जितने मर्जी हथकंडे अपना ले, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। विपक्षी नेताओं व किसानों की गिरफ्तारी से साबित हो जाता है कि सरकार किस कदर घबराई हुई है। सरकार को भली भांति इस बात का भान हो चुका है कि अब सत्ता उनके हाथ से जाने वाली है। लोग उनकी चतुर चालों व जुमलेबाजी को बखूबी समझ चुके हैं। बैनीवाल ने कहा कि अब वो दिन दूर नहीं जब इस तानाशाही सरकार को लोग अपनी वोट रूपी ताकत से सत्ता से बाहर करेंगे। इस अवसर पर उनके साथ माखोसरानी सरपंच सुभाष व कागदाना सरपंच मांगेराम बैनीवाल भी उपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य को नजर बंद किया
केंद्रीय गृह मंत्री की रैली को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से विरोध करने व बैनर लगाकर पांच सवालों के जवाब मांगने गए थे। ऐसे में पुलिस ने रात को ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य विरेंद्र एडवोकेट के घर में दस्तक दे दी। पुलिस ने उन्हें घर में ही नजर बंद कर दिया। जिसके पश्चात आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इसका लगातार विरोध भी कर रही है। हालांकि पुलिस की ओर से कई किसान नेताओं को भी घर में नजर बंद किया गया है। ताकि वह रैली में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन न कर सके।