{"_id":"60d39e348ebc3e34182a8731","slug":"under-pressure-pu-can-give-hostels-to-researchers-with-external-guides-chandigarh-news-pkl417727968","type":"story","status":"publish","title_hn":"दबाव में पीयू.. बाहरी गाइड वाले शोधार्थियों को दे सकती है छात्रावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दबाव में पीयू.. बाहरी गाइड वाले शोधार्थियों को दे सकती है छात्रावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। बाहरी गाइड वाले 11 शोधार्थियों को छात्रावास आवंटित न करने के आदेश पर पीयू घिर गई है। अधिकारियों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पीयू जुलाई में यह आदेश वापस ले सकती है। इससे शोधार्थियों को राहत मिलेगी।
पीयू में अब तक सभी शोधार्थियों को छात्रावास आवंटित किए जाते रहे हैं। इनसे वही रूम शुल्क लिया जाता रहा है, जो अन्य विद्यार्थियों से लिया जाता है। इस बार अधिकारियों ने आदेश जारी कर दिए कि बाहरी गाइड वाले शोधार्थी छात्रावास नहीं पा सकेंगे। इसके बाद बखेड़ा खड़ा हो गया। छात्रों ने आरोप लगा दिए कि वे आए दिन प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे शोधार्थियों को बाहर करने के लिए पीयू ने यह आदेश निकाला। हालांकि पीयू ने इस बात से इनकार किया है। छात्रों ने इस मांग पर प्रदर्शन किया। लाठीचार्ज तक हुआ। पीयू की चारों ओर निंदा होने के बाद अब अधिकारी इस आदेश को वापस लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों का कहना है कि छात्रों का प्रदर्शन पहले खत्म हो गया तो शायद ही आदेश वापस होगा। वहीं विद्यार्थियों ने भी साफ कह दिया है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। हालांकि पीयू ने अभी इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
इनसेट--
गर्ल्स छात्रावास में तीन व चार में खुलने जा रही मेस व कैंटीन
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है। बताया जाता है कि पीयू गर्ल्स छात्रावास संख्या तीन व चार में मेस व कैंटीन खोलने जा रही है। इसके खुलने से छात्राओं को लाभ मिलेगा। पीयू ने यह मेस व कैंटीन इसलिए बंद कर दी थी कि यहां कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गए थे। यदि शोधार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ तो अन्य छात्रावासों में भी मेस व कैंटीन का संचालन करना होगा। इसका प्रस्ताव भी छात्रों ने तैयार किया है ताकि पीयू के सामने रखा जा सके।
विज्ञापन
इनसेट---
जुलाई में बढ़ेंगे शोधार्थी
पीयू की ओर से कोरोना के समय में शोधार्थियों को घर जाने के लिए कहा गया था। आधे से अधिक शोधार्थी घर चले गए थे। अब कोरोना सामान्य हो गया है। ऐसे में जुलाई माह में शोधार्थियों की संख्या बढ़ेगी। छात्रावासों में 800 से अधिक शोधार्थी रहेंगे। पीयू को उनकी सुविधाएं बढ़ानी होंगी ताकि वह परेशानी में न रहें। इसके अलावा परास्नातक के विद्यार्थी भी छात्रावासों में आएंगे, क्योंकि उनका कार्य भी प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन
पीयू में अब तक सभी शोधार्थियों को छात्रावास आवंटित किए जाते रहे हैं। इनसे वही रूम शुल्क लिया जाता रहा है, जो अन्य विद्यार्थियों से लिया जाता है। इस बार अधिकारियों ने आदेश जारी कर दिए कि बाहरी गाइड वाले शोधार्थी छात्रावास नहीं पा सकेंगे। इसके बाद बखेड़ा खड़ा हो गया। छात्रों ने आरोप लगा दिए कि वे आए दिन प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे शोधार्थियों को बाहर करने के लिए पीयू ने यह आदेश निकाला। हालांकि पीयू ने इस बात से इनकार किया है। छात्रों ने इस मांग पर प्रदर्शन किया। लाठीचार्ज तक हुआ। पीयू की चारों ओर निंदा होने के बाद अब अधिकारी इस आदेश को वापस लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों का कहना है कि छात्रों का प्रदर्शन पहले खत्म हो गया तो शायद ही आदेश वापस होगा। वहीं विद्यार्थियों ने भी साफ कह दिया है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। हालांकि पीयू ने अभी इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
विज्ञापन
इनसेट--
गर्ल्स छात्रावास में तीन व चार में खुलने जा रही मेस व कैंटीन
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है। बताया जाता है कि पीयू गर्ल्स छात्रावास संख्या तीन व चार में मेस व कैंटीन खोलने जा रही है। इसके खुलने से छात्राओं को लाभ मिलेगा। पीयू ने यह मेस व कैंटीन इसलिए बंद कर दी थी कि यहां कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गए थे। यदि शोधार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ तो अन्य छात्रावासों में भी मेस व कैंटीन का संचालन करना होगा। इसका प्रस्ताव भी छात्रों ने तैयार किया है ताकि पीयू के सामने रखा जा सके।
विज्ञापन
इनसेट---
जुलाई में बढ़ेंगे शोधार्थी
पीयू की ओर से कोरोना के समय में शोधार्थियों को घर जाने के लिए कहा गया था। आधे से अधिक शोधार्थी घर चले गए थे। अब कोरोना सामान्य हो गया है। ऐसे में जुलाई माह में शोधार्थियों की संख्या बढ़ेगी। छात्रावासों में 800 से अधिक शोधार्थी रहेंगे। पीयू को उनकी सुविधाएं बढ़ानी होंगी ताकि वह परेशानी में न रहें। इसके अलावा परास्नातक के विद्यार्थी भी छात्रावासों में आएंगे, क्योंकि उनका कार्य भी प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है।