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पंजाब सरकार के कल्याणकारी कार्य में अनधिकृत कब्जा धारक दखल न दें: हाईकोर्ट

Sat, 27 Jul 2024 09:20 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 09:20 PM IST
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Unauthorized occupants should not interfere in the welfare work of Punjab government: High Court
-गाद निकालने के लिए जारी टेंडर के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
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-कहा, नदियों से गाद निकाल कर लोगों की कृषि भूमि को होने वाले नुकसान से बचा रही सरकार
-याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा-हम खुद को जुर्माना लगाने से रोक रहे हैं
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रोपड़ में नदी से गाद निकालने के लिए जारी टेंडर को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार कल्याणकारी कार्य कर रही है, अनधिकृत कब्जा धारक इसमें बाधा न बनें। याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा सरकार लोगों की कृषि भूमि को नुकसान से बचा रही है। याचिका को खारिज करते हुए हम खुद को इस मामले में उन पर जुर्माना लगाने से रोक रहे हैं।
निरपाल सिंह व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए चुरवाला, जमालपुर सहित अन्य क्षेत्रों में गाद निकालने के काम के टेंडर को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि उनके खेत इस क्षेत्र के करीब हैं और उन्हें इससे नुकसान हो रहा है। पंजाब सरकार ने कहा कि इस काम का मुख्य रूप से राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों विरोध कर रहे हैं जो आगामी पंचायत चुनाव में फायदा लेने के लिए गांवों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। विरोध का एक और कारण यह है कि कुछ लोग नदियों के अंदर की जमीन पर खेती कर रहे हैं और नदी के मुक्त प्रवाह को बाधित कर रहे हैं। उन्हें डर है कि वे उस जमीन को खो देंगे जिस पर उन्होंने अवैध रूप से अतिक्रमण किया है।
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हाईकोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य सरकार कल्याणकारी उपाय कर रहा है, ताकि मानसून के मौसम के दौरान में नदी से गुजरने वाले भारी प्रवाह के कारण पानी स्वतंत्र रूप से बहता रहे। इस दौरान नदी के किनारे की गहराई बढ़े और प्रवाह नदी के तल के भीतर सीमित रहे। 1 मार्च, 2024 को आयोजित बैठक में गाद निकालने के लिए लिया गया निर्णय केवल एक विशेष क्षेत्र के लिए नहीं है, बल्कि यह सतलुज नदी, काठगढ़ चो, सिसवां नदी, सगराव नदी, रावी नदी, घग्गर नदी, तंगरी नदी सहित सभी के लिए है। शिवालिक को पार करने वाले नदी नालों मेंं पहाड़ियों से पानी का भारी प्रवाह होता है, जिससे बाढ़ आती है, जो इन नदियों के आसपास स्थित कृषि भूमि के लिए हानिकारक है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि वर्तमान मुकदमा प्रेरित उद्देश्यों के लिए उन व्यक्तियों के व्यक्तिगत हितों की रक्षा के लिए दायर किया गया है, जो नदी तल में पडऩे वाली भूमि पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर रहे हैं और गाद जमा होने के कारण बेतरतीब ढंग से खेती कर रहे हैं।
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