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फरमानः इस नियमानुसार कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट टीचर्स को देनी होगी सैलरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Aug 2016 10:01 PM IST
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शिक्षक नौकरी
- फोटो : getty
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यूजीसी ने कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट टीचर्स की सैलरी को लेकर कॉलेजों के लिए बड़ा फरमान जारी किया है। फॉलो करना जरूरी है। इसके तहत पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड 194 कॉलेजों में गेस्ट और कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को अब यूजीसी नियमों के तहत निर्धारित न्यूनतम वेतन मिल सकेगा। पीयू प्रशासन ने सभी प्राइवेट कॉलेजों में वर्षों से नियुक्त शिक्षकों का पूरा डाटा मांगा है।
इन शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड पीयू ऑनलाइन करने जा रहा है। रिकॉर्ड न देने वाले कॉलेजों के खिलाफ पीयू प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। ऐसे कॉलेजों की ग्रांट रोकने के साथ ही नए कोर्स की मंजूरी भी पीयू रोकेगा। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में 1 हजार से अधिक कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर पढ़ाते हैं।
जानकारी के अनुसार पीयू प्रशासन ने सभी एफिलिएटेड 194 कॉलेजों को पूरा डाटा अब ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) ने कॉलेज प्रबंधकों को गेस्ट और कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों का एकेडमिक, सैलरी सहित अन्य रिकॉर्ड ऑनलाइन जारी करने को कहा है। पीयू सीनेट ने यूजीसी नेट या पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर को यूजीसी द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 21 हजार 400 तय किया है। लेकिन अधिकतर कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर को 8 से 10 हजार वेतन दिया जा रहा है।
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असिस्टेंट प्रोफेसरों को कम वेतन देने के मामले में पीयू सीनेट में कई बार सीनेटर ने मुद्दा उठाया। पीयू द्वारा कॉलेजों के कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को यूजीसी नियमों के तहत वेतन देने संबंधी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन अधिकतर कॉलेज पीयू निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। अब कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स का वेतन और अन्य जानकारी ऑनलाइन होने के बाद कम वेतन देने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी।
कॉलेज कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के वेतन में बड़ा अंतर
पीयू से एफिलिएटेड 194 कॉलेजों में करीब 11कॉलेज चंडीगढ़ में भी हैं। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट फैकल्टी के तौर पर नियुक्त शिक्षकों के वेतन में काफी अंतर है। यूटी के गवर्नमेंट कॉलेजों में पढ़ा रहे कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर को हर महीने करीब 48 हजार वेतन मिलता है। जबकि ऐडिड कॉलेज 20 से 25 हजार वेतन देते हैं। उधर पंजाब के कॉलेजों में 8 से 10 हजार महीने वेतन दिया जा रहा है।
पंजाब स्थित अधिकतर कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्कूल टीचर्स से भी कम वेतन दिया जा रहा है। कई कॉलेज तो पीएचडी शिक्षकों को भी 8 हजार वेतन दे रहे हैं। पीयू प्रशासन को ऐसे कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
- मनीष वर्मा, सीनेटर पीयू
पीयू एफिलिएटेड सभी कॉलेजों के टीचर्स से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की तैयारी है। कॉलेजों से शिक्षकों का भी पूरा रिकार्ड मांगा गया है। शिक्षकों को कम वेतन देने की कई बार शिकायतें प्रशासन के पास आई हैं। नए सिस्टम से कॉलेजों की ओर से कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी मिल सकेगी।
- प्रोफेसर परविंदर सिंह, डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल पंजाब यूनिवर्सिटी
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इन शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड पीयू ऑनलाइन करने जा रहा है। रिकॉर्ड न देने वाले कॉलेजों के खिलाफ पीयू प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। ऐसे कॉलेजों की ग्रांट रोकने के साथ ही नए कोर्स की मंजूरी भी पीयू रोकेगा। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में 1 हजार से अधिक कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर पढ़ाते हैं।
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जानकारी के अनुसार पीयू प्रशासन ने सभी एफिलिएटेड 194 कॉलेजों को पूरा डाटा अब ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) ने कॉलेज प्रबंधकों को गेस्ट और कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों का एकेडमिक, सैलरी सहित अन्य रिकॉर्ड ऑनलाइन जारी करने को कहा है। पीयू सीनेट ने यूजीसी नेट या पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर को यूजीसी द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 21 हजार 400 तय किया है। लेकिन अधिकतर कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर को 8 से 10 हजार वेतन दिया जा रहा है।
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असिस्टेंट प्रोफेसरों को कम वेतन देने के मामले में पीयू सीनेट में कई बार सीनेटर ने मुद्दा उठाया। पीयू द्वारा कॉलेजों के कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को यूजीसी नियमों के तहत वेतन देने संबंधी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन अधिकतर कॉलेज पीयू निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। अब कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स का वेतन और अन्य जानकारी ऑनलाइन होने के बाद कम वेतन देने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी।
कॉलेज कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के वेतन में बड़ा अंतर
पीयू से एफिलिएटेड 194 कॉलेजों में करीब 11कॉलेज चंडीगढ़ में भी हैं। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट फैकल्टी के तौर पर नियुक्त शिक्षकों के वेतन में काफी अंतर है। यूटी के गवर्नमेंट कॉलेजों में पढ़ा रहे कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर को हर महीने करीब 48 हजार वेतन मिलता है। जबकि ऐडिड कॉलेज 20 से 25 हजार वेतन देते हैं। उधर पंजाब के कॉलेजों में 8 से 10 हजार महीने वेतन दिया जा रहा है।
पंजाब स्थित अधिकतर कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्कूल टीचर्स से भी कम वेतन दिया जा रहा है। कई कॉलेज तो पीएचडी शिक्षकों को भी 8 हजार वेतन दे रहे हैं। पीयू प्रशासन को ऐसे कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
- मनीष वर्मा, सीनेटर पीयू
पीयू एफिलिएटेड सभी कॉलेजों के टीचर्स से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की तैयारी है। कॉलेजों से शिक्षकों का भी पूरा रिकार्ड मांगा गया है। शिक्षकों को कम वेतन देने की कई बार शिकायतें प्रशासन के पास आई हैं। नए सिस्टम से कॉलेजों की ओर से कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी मिल सकेगी।
- प्रोफेसर परविंदर सिंह, डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल पंजाब यूनिवर्सिटी