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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अटक सकती है 'उड़ता पंजाब', नया विवाद क्यों?

Thu, 16 Jun 2016 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Thu, 16 Jun 2016 09:51 AM IST
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उड़ता पंजाब
मुंबई हाइकोर्ट ने भले ही फिल्म उड़ता पंजाब की रिलीज हो हरी झंडी दे दी हो, लेकिन फिल्म अब पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट में अटक गई है। देखिए क्यों?
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पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में इस फिल्म को लेकर दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार, सेंसर बोर्ड और फिल्म की निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। जस्टिस एम. जयपॉल की वेकेशन बेंच ने इस मामले में मुंबई के एडवोकेट सुजॉय कांटावाला को एमिक्स क्यूरे नियुक्त करते हुए फिल्म पर वीरवार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस फिल्म को देख लिया है वह इस पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि जालंधर निवासी वतन सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि फिल्म उड़ता पंजाब में पंजाबियों की छवि ऐसी दिखाई गई है कि पंजाब में ज्यादातर लोग नशे के आदी हैं और नशे पर लगाम कसने में पुलिस और पंजाब सरकार पूरी तरह नाकाम रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में पंजाब और पंजाबियों की गलत छवि दिखाई गई है, इसलिए फिल्म के रिलीज पर रोक लगाई जाए।
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याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इस फिल्म को लेकर पंजाब में विभिन्न राजनीतिक दल इन दिनों राजनीति कर रहे हैं। इसलिए उपयुक्त होगा कि फिल्म रिलीज करने से पहले हाईकोर्ट इस फिल्म को अनएडिटेड प्रिंट मंगाकर उसे देख और फिल्म रिलीज बारे फैसला ले। 
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उड़ता पंजाब को लेकर अलग-अलग धारणाएं

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याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर मीडिया और समाज में भी अलग-अलग धारणाएं बन गई हैं।

यदि यह फिल्म रिलीज हुई तो पूरे देश में पंजाब और पंजाबियों के बारे में गलत संदेश जाएगा। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट में इस फिल्म के निर्माता की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई चल रही है लेकिन उस याचिका का विषय बिल्कुल अलग है।

जस्टिस एम. जयपॉल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, सेंट्रल बोर्ड और फिल्म सर्टिफिकेशन और फिल्म निर्माता फेंटम फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 16 जून के लिए नोटिस जारी करने के साथ ही सीबीएफसी को निर्देश दिए कि वह मंगलवार 14 जून को मुंबई स्थित अपने सिनेमा हॉल में इस फिल्म के अनएडिटेड प्रिंट की स्क्रिनिंग करें।

इस मौके पर एमीक्स क्यूरे नियुक्त किए गए एडवोकेट सुजॉय कांटावाला के अलाया याचिकाकर्ता, सीबीएफसी के प्रतिनिधि और अन्य प्रतिवादी भी उपस्थित रहेंगे। हाईकोर्ट ने एडवोकेट सुजॉय कांटावाला को फिल्म देखने के बाद इस बारे में वीरवार 16 जून को एक रिपोर्ट हाईकोर्ट में देने के कहा है।

इस तरह एमिक्स क्यूरे हाईकोर्ट को बताएंगे कि यह फिल्म प्रदर्शन के योग्य है या नहीं। हाईकोर्ट ने सीबीएफसी और केंद्र सरकार को यह भी साफ कर दिया है कि एमिक्स क्यूरे की रिपोर्ट के बाद ही यह तय किया जाएगा कि फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी जाए या नहीं। 
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