{"_id":"6287f40af400c16bd817b018","slug":"two-travel-agents-convicted-for-illegally-sending-people-to-saudi-arabia-chandigarh-news-pkl4512503126","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों को अवैध तरीके से सऊदी अरब भेजने वाले दो ट्रैवल एजेंट दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों को अवैध तरीके से सऊदी अरब भेजने वाले दो ट्रैवल एजेंट दोषी करार
विज्ञापन
चंडीगढ़। सीबीआई की विशेष अदालत ने अवैध तरीके से सऊदी अरब भेजने वाले दो ट्रैवल एजेंट शाम लाल और मुकेश शर्मा को दोषी करार दिया है। दोषियों को 21 मई को सजा सुनाई जाएगी। इन दोनों दोषियों के खिलाफ सीबीआई ने सात साल पहले एफआईआर दर्ज की थी लेकिन दोनों एजेंट उस समय सीबीआई की जूडीशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट से बरी हो गए थे।
इसके बाद सीबीआई ने 2021 में सीबीआई की निचली अदालत के फैसले को विशेष अदालत में चुनौती दी थी। सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि दोषियों ने फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग कर इमिग्रेशन क्लीयरेंस हासिल की थी। इसके बाद लोगों को काम करने के लिए अवैध तरीके से सऊदी अरब भेज दिया। वीजा में यहां से भेजे गए कर्मचारियों की जॉब प्रोफाइल कुछ और दिखाई थी जबकि सऊदी अरब में उनसे काम कुछ और लिया जा रहा था।
सीबीआई ने साल 2014 में सेक्टर-9 स्थित प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंट्स के ऑफिस में तलाशी ली थी। वहां से सीबीआई को 82 ऐसे लोगों के दस्तावेज मिले, जिन्हें गलत तरीके से विदेश भेजा गया था। इस मामले में दोषियों ने अकुशल कर्मचारियों को फर्जी तरीके से कुशल दिखा कर उनको इमिग्रेशन क्लीयरेंस दिलवाई और विदेश भेज दिया। सीबीआई ने जांच में पाया कि दोषियों ने विदेश भेजने के लिए किसी को पेंटर, किसी को इलेक्ट्रिशियन और किसी को ऑटो मैकेनिक दिखाया, लेकिन इनमें से कोई भी यह काम नहीं जानता था। इन्हें गैरकानूनी तरीके से विदेश भेज कर इनसे कुछ और काम करवाया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद सीबीआई ने 2021 में सीबीआई की निचली अदालत के फैसले को विशेष अदालत में चुनौती दी थी। सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि दोषियों ने फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग कर इमिग्रेशन क्लीयरेंस हासिल की थी। इसके बाद लोगों को काम करने के लिए अवैध तरीके से सऊदी अरब भेज दिया। वीजा में यहां से भेजे गए कर्मचारियों की जॉब प्रोफाइल कुछ और दिखाई थी जबकि सऊदी अरब में उनसे काम कुछ और लिया जा रहा था।
विज्ञापन
सीबीआई ने साल 2014 में सेक्टर-9 स्थित प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंट्स के ऑफिस में तलाशी ली थी। वहां से सीबीआई को 82 ऐसे लोगों के दस्तावेज मिले, जिन्हें गलत तरीके से विदेश भेजा गया था। इस मामले में दोषियों ने अकुशल कर्मचारियों को फर्जी तरीके से कुशल दिखा कर उनको इमिग्रेशन क्लीयरेंस दिलवाई और विदेश भेज दिया। सीबीआई ने जांच में पाया कि दोषियों ने विदेश भेजने के लिए किसी को पेंटर, किसी को इलेक्ट्रिशियन और किसी को ऑटो मैकेनिक दिखाया, लेकिन इनमें से कोई भी यह काम नहीं जानता था। इन्हें गैरकानूनी तरीके से विदेश भेज कर इनसे कुछ और काम करवाया जा रहा था।
विज्ञापन