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दो हजार रुपये मुआवजा दे पीजीआई
ब्यूरो/अमर उजाला-चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Jan 2014 02:00 AM IST
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सेवा में कोताही का दोषी मानते हुए चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने पीजीआई को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को पांच सौ 81 रुपये 13 पैसे दवा के वापस करने के साथ ही साथ दो हजार रुपये मुआवजा भी अदा करे। उपभोक्ता फोरम-दो के अध्यक्ष राजन देवान और सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने यह निर्देश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया। शिकायतकर्ता सेक्टर-68 मोहाली निवासी बृज मोहन फाेंदणी ने पीजीआईएमईआर के रेडियो डायग्नोसिस विभाग के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
फोंदणी ने अपनी शिकायत में उपभोक्ता फोरम को बताया कि दांतों की परेशानी के संबंध में वे पीजीआई के ओरल हेल्थ साइंस विभाग में गए। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर 2012 को उन्हे डॉक्टरों ने सीटी स्कैन की सलाह दी। उन्होंने 26 नवंबर को डॉक्टरों की सलाह पर दवाएं खरीदी और डॉक्टरों को दिया। लेकिन, उनका प्लेन सीटी स्कैन किया गया। इसमें दवा नहीं लगी। इस पर शिकायतकर्ता ने डॉक्टर से दवा वापस मांगी, ताकि मेडिकल स्टोर में उसे वापस करके पैसे लिए जाएं, लेकिन उनकी मांग पर डॉक्टर ने दवा नहीं लौटाई। इस संबंध में पीजीआई के उच्च अधिकारियों से भी मिले, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। शिकायतकर्ता ने डॉक्टर को कानूनी नोटिस भी भेजा। पीजीआई ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हाेंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती है।
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फोंदणी ने अपनी शिकायत में उपभोक्ता फोरम को बताया कि दांतों की परेशानी के संबंध में वे पीजीआई के ओरल हेल्थ साइंस विभाग में गए। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर 2012 को उन्हे डॉक्टरों ने सीटी स्कैन की सलाह दी। उन्होंने 26 नवंबर को डॉक्टरों की सलाह पर दवाएं खरीदी और डॉक्टरों को दिया। लेकिन, उनका प्लेन सीटी स्कैन किया गया। इसमें दवा नहीं लगी। इस पर शिकायतकर्ता ने डॉक्टर से दवा वापस मांगी, ताकि मेडिकल स्टोर में उसे वापस करके पैसे लिए जाएं, लेकिन उनकी मांग पर डॉक्टर ने दवा नहीं लौटाई। इस संबंध में पीजीआई के उच्च अधिकारियों से भी मिले, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। शिकायतकर्ता ने डॉक्टर को कानूनी नोटिस भी भेजा। पीजीआई ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हाेंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती है।
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