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अटैची पर रखकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ले जा रहे थे पुणे, ऑटो चालक की सजगता से पकड़े गए
Thu, 19 Nov 2020 09:04 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब )
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब )
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 19 Nov 2020 09:04 PM IST
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अमृतसर के एयरपोर्ट पर पकड़े गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को पकड़े गए आरोपियों के साथ एयरपोर्ट थाने लेकर जाते पुलिस कर्मचारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पंजाब के अमृतसर में एक ऑटो चालक की जागरुकता से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को पुणे ले जाने की कोशिश कर रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी मोगा निवासी ज्वाला सिंह और जसवीर सिंह बाप-बेटा हैं।
आरोपी पिता-पुत्र अमृतसर-श्री नांदेड़ साहिब के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की फ्लाइट से यात्रा करने के लिए श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे की तरफ जा रहे थे। ऑटो चालक सतवंत सिंह हवाई अड्डे के बाहर सवारी के इंतजार में खड़ा था। उसने देखा कि एक ऑटो में बैठे दो लोग अपनी अटैची को सिर पर उठाकर ले जा रहे हैं। अटैची के ऊपर एक कंबल भी रखा था।
सतवंत सिंह पूछा कि सिर पर रखी अटैची में क्या है। दोनों ने कहा कि वह पावन स्वरूप लेकर पुणे जा रहे हैं। इस पर ऑटो चालक ने दोनों से कहा कि यह पावन स्वरूप ले जाने की मर्यादा नहीं है। आरोपी बोले कि उन्हें किसी ने बताया कि ऐसे पावन स्वरूप कहीं भी ले जाए जा सकते हैं। उसने विरोध किया और पुलिस को सूचना दी।
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इसके बाद पावन स्वरूप को पहले राजासांसी स्थित एक गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित किया गया। वहां से एसजीपीसी के चार प्रचारकों ने पावन स्वरूप को ले जाकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में सुशोभित कर दिया।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पावन स्वरूपों को अमृतसर हवाई अड्डे से नांदेड़ साहिब हवाई अड्डे पर ले जाना चाहते थे। इसके बाद वहां से पुणे हवाई अड्डे तक ले जाने की साजिश थी। राजासांसी पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ज्वाला सिंह का लड़का जसवीर सिंह पुणे के एक गुरुद्वारा साहिब में सेवादार है और वह पावन स्वरूप व पोथियां गुरुद्वारा साहिब के लिए ले जा रहा था।
हवाई अड्डा पहुंचे एसजीपीसी के प्रचारक भाई जगदेव सिंह, भाई तरसेम सिंह, भाई सतवंत सिंह व भाई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार पिता-पुत्र गुरुद्वारा नानकसर समाध भाई के साथ जुड़े हुए हैं। पावन स्वरूप गुरुद्वारा समाध भाई के बाबा कुलवंत सिंह द्वारा पुणे भेजे जा रहे थे। एसीपी मोहन सिंह ने बताया कि आरोपियों ने गुरु मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। जहां से यह स्वरूप लाया गया था, उस डेरा प्रमुख और इन दोनों के विरुद्ध धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
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आरोपी पिता-पुत्र अमृतसर-श्री नांदेड़ साहिब के बीच चलने वाली स्पाइस जेट की फ्लाइट से यात्रा करने के लिए श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे की तरफ जा रहे थे। ऑटो चालक सतवंत सिंह हवाई अड्डे के बाहर सवारी के इंतजार में खड़ा था। उसने देखा कि एक ऑटो में बैठे दो लोग अपनी अटैची को सिर पर उठाकर ले जा रहे हैं। अटैची के ऊपर एक कंबल भी रखा था।
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सतवंत सिंह पूछा कि सिर पर रखी अटैची में क्या है। दोनों ने कहा कि वह पावन स्वरूप लेकर पुणे जा रहे हैं। इस पर ऑटो चालक ने दोनों से कहा कि यह पावन स्वरूप ले जाने की मर्यादा नहीं है। आरोपी बोले कि उन्हें किसी ने बताया कि ऐसे पावन स्वरूप कहीं भी ले जाए जा सकते हैं। उसने विरोध किया और पुलिस को सूचना दी।
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इसके बाद पावन स्वरूप को पहले राजासांसी स्थित एक गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित किया गया। वहां से एसजीपीसी के चार प्रचारकों ने पावन स्वरूप को ले जाकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में सुशोभित कर दिया।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पावन स्वरूपों को अमृतसर हवाई अड्डे से नांदेड़ साहिब हवाई अड्डे पर ले जाना चाहते थे। इसके बाद वहां से पुणे हवाई अड्डे तक ले जाने की साजिश थी। राजासांसी पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ज्वाला सिंह का लड़का जसवीर सिंह पुणे के एक गुरुद्वारा साहिब में सेवादार है और वह पावन स्वरूप व पोथियां गुरुद्वारा साहिब के लिए ले जा रहा था।
हवाई अड्डा पहुंचे एसजीपीसी के प्रचारक भाई जगदेव सिंह, भाई तरसेम सिंह, भाई सतवंत सिंह व भाई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार पिता-पुत्र गुरुद्वारा नानकसर समाध भाई के साथ जुड़े हुए हैं। पावन स्वरूप गुरुद्वारा समाध भाई के बाबा कुलवंत सिंह द्वारा पुणे भेजे जा रहे थे। एसीपी मोहन सिंह ने बताया कि आरोपियों ने गुरु मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। जहां से यह स्वरूप लाया गया था, उस डेरा प्रमुख और इन दोनों के विरुद्ध धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप सिख मर्यादाओं के विपरीत एक अटैची में बंद कर हवाई जहाज से पुणे ले जाने का प्रयास करना निंदनीय है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जीवंत गुरु हैं और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की एक मर्यादा है। गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों ने सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। पुलिस दोनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे। - गोबिंद सिंह लौंगोवाल, अध्यक्ष, एसजीपीसी