{"_id":"64c0c6e1dcb4bdb2d60c93b4","slug":"two-more-cases-of-getting-job-with-fake-scheduled-caste-certificates-in-punjab-2023-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: फर्जी जाति सर्टिफिकेट के सहारे दो ने हासिल की सरकारी नौकरी, जांच में सामने आया सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: फर्जी जाति सर्टिफिकेट के सहारे दो ने हासिल की सरकारी नौकरी, जांच में सामने आया सच
Wed, 26 Jul 2023 12:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:40 PM IST
सार
मोहाली स्थित सरकारी मिडिल स्कूल जंडपुर में तैनात जसवीर कौर और गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी लुधियाना में तैनात बलविंदर कुमार के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए हैं। मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
अनुसूचित जाति के सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले दो और लोगों की पहचान हुई है। इसके बाद उनके सर्टिफिकेट रद्द करने के साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन लोगों में गुरु अंगद यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी साइंस लुधियाना में एसोसिएट डायरेक्टर के पद पर रहे डॉ. बलविंदर कुमार और मोहाली जिले के गांव जंडपुर के सरकारी स्कूल में तैनात हिंदी की शिक्षिका जसवीर कौर का सर्टिफिकेट फर्जी निकला है।
विज्ञापन
सामाजिक न्याय अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि दोनों सर्टिफिकेटों को सरकार स्तर पर गठित राज्यस्तरीय स्क्रूटनी समिति ने रद्द कर दिया है। फिरोजपुर व मोहाली के डीसी को आदेश दिया है कि दोनों के सर्टिफिकेट जब्त कर लिए जाएं। इसके बाद अब विभाग द्वारा उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जसवीर सिंह पमाली मेंबर कोर समिति श्री गुरु रविदास फेडरेशन गांव पमाली जिला लुधियाना ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत दी थी कि जिला फिरोजपुर ममदोट निवासी बलविंदर कुमार ने अनुसूचित जाति का फर्जी सर्टिफिकेट बनाया है। उसी सर्टिफिकेट के आधार पर उसने बीएससी (कृषि) की डिग्री और गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी साइंस लुधियाना में नौकरी प्राप्त की है।
विज्ञापन
इसके अलावा बलवीर सिंह गांव आलमपुर जिला पटियाला ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि जसवीर कौर ने जट्ट सिख जाति से संबंधित होने के बावजूद अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाया है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने इन शिकायतों को जांच के लिए सामाजिक न्याय, अधिकारिता विभाग को भेजा था। स्क्रूटनी समिति ने रिपोर्ट पर विचार करते हुए इनके सर्टिफिकेट फर्जी होने की पुष्टि करते हुई इन्हें रद्द करने का निर्णय लिया है।
याद रहे कि इसी महीने में अब तक छह लोगों के जाति सर्टिफिकेट पकड़े जा चुके हैं जबकि अन्य शिकायतों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। सूत्रों की माने तो पूरे पंजाब में करीब 1300 शिकायतें विभाग को मिली हैं। इन सब की जांच की जा रही है।
जैसे चली जांच, पद से दिया इस्तीफा
बलविंदर कुमार के खिलाफ जब जांच शुरू हुई तो उसे पता चल गया था कि अब कार्रवाई तय है। ऐसे में उसने अप्रैल में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। पता चला है कि उसने यहां तक विभाग को कहा था कि वह भरपाई करने को भी तैयार है।