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Chandigarh News: शहर में बिक रहे दो बड़े एनर्जी ड्रिंक गुणवत्ता जांच में फेल

Wed, 08 Jul 2026 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:54 AM IST
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Two major energy drinks sold in the city fail quality tests
चंडीगढ़। शहर में बिक रहे दो बड़े ब्रांड के एनर्जी ड्रिंक गुणवत्ता जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देश पर अप्रैल में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए 50 एनर्जी ड्रिंक के नमूनों की जांच में मॉन्स्टर और हेल एनर्जी ड्रिंक के सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), सोनीपत की लैब रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग अब संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने एफएसएसएआई के विशेष अभियान के तहत अप्रैल में पांच टीमों का गठन कर शहर के विभिन्न बाजारों, दुकानों और बिक्री केंद्रों से अलग-अलग ब्रांड के 50 एनर्जी ड्रिंक के नमूने एकत्र किए थे। जांच में मॉन्स्टर एनर्जी ड्रिंक में विटामिन-बी5 और हेल एनर्जी ड्रिंक में विटामिन-बी6 की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसी आधार पर दोनों उत्पादों को सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया है।
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विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी पैक्ड खाद्य या पेय पदार्थ के लेबल पर जिन पोषक तत्वों या विटामिन का दावा किया जाता है, उनकी मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। यदि गुणवत्ता घोषित मानकों से मेल नहीं खाती तो उत्पाद को सब-स्टैंडर्ड माना जाता है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि उत्पाद मिलावटी या नकली है, बल्कि गुणवत्ता संबंधी मानकों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
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एनर्जी ड्रिंक पीते समय रखें सावधानी
एनर्जी ड्रिंक में सामान्यतः कैफीन, टॉरिन, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, शुगर या कृत्रिम मिठास और फ्लेवरिंग एजेंट होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन लगभग 400 मिलीग्राम तक कैफीन सुरक्षित माना जाता है जबकि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरों को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। एक साथ कई एनर्जी ड्रिंक पीने से धड़कन तेज होना, घबराहट, अनिद्रा, सिरदर्द और रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि एनर्जी ड्रिंक खरीदते समय लेबल पर कैफीन की मात्रा, शुगर कंटेंट, एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और सर्विंग साइज अवश्य जांचें। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के खिलाफ आगे भी नियमित अभियान जारी रहेगा।
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