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हरियाणा में रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ दो लाख हस्ताक्षर, 29 जून को सभी डिपो में प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Jun 2018 09:32 AM IST
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हरियाणा रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में दो लाख लोगों ने भाग लिया है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 19 से 21 जून तक प्रदेश के बस अड्डों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। समिति के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया, विरेंद्र सिंह धनखड़ व पहल सिंह तंवर ने बताया तीन दिन में मात्र 24 घंटे चले अभियान में दो लाख से ज्यादा यात्रियों व छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।
इतने कम समय में जनता से मिले समर्थन से सरकार सबक लेकर विभाग के निजीकरण का इरादा छोड़कर बेड़े में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करे। आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा बंद कर कर्मशाला सहित सभी खाली पड़े 6200 पदों पर पक्की भर्ती की जाए। ठेके पर भर्ती चालकों को नौकरी से हटाने का आदेश रद्द करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह व शाम को बसों को बंद करने का तुगलकी फरमान वापस लिया जाए। समस्त रोडवेज कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दें।
परिवहन मंत्री एवं उच्च अधिकारी संघर्ष समिति से बातचीत कर लंबित मांगों का समाधान करें। 29 जून को प्रदेश के सभी डिपो में दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा व महानिदेशक का पुतला फूंकेंगे। 15 जुलाई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय करनाल में हजारों रोडवेज कर्मचारी प्रर्दशन करेंगे व हस्ताक्षर की प्रतियां मुख्यमंत्री को भेजी जाएंगी।
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इतने कम समय में जनता से मिले समर्थन से सरकार सबक लेकर विभाग के निजीकरण का इरादा छोड़कर बेड़े में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करे। आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा बंद कर कर्मशाला सहित सभी खाली पड़े 6200 पदों पर पक्की भर्ती की जाए। ठेके पर भर्ती चालकों को नौकरी से हटाने का आदेश रद्द करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह व शाम को बसों को बंद करने का तुगलकी फरमान वापस लिया जाए। समस्त रोडवेज कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दें।
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परिवहन मंत्री एवं उच्च अधिकारी संघर्ष समिति से बातचीत कर लंबित मांगों का समाधान करें। 29 जून को प्रदेश के सभी डिपो में दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा व महानिदेशक का पुतला फूंकेंगे। 15 जुलाई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय करनाल में हजारों रोडवेज कर्मचारी प्रर्दशन करेंगे व हस्ताक्षर की प्रतियां मुख्यमंत्री को भेजी जाएंगी।
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