हरियाणा में लोकल फंड का विभागीय पेपर पास नहीं कर पाए दो आईएएस-सात एचसीएस
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हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग की सेंट्रल कमेटी ऑफ एग्जामिनेशन ने आईएएस और एचसीएस अधिकारियों की विभागीय परीक्षा का परिणाम सार्वजनिक कर दिया है। दो आईएएस और आठ एचसीएस अधिकारी एक-एक पेपर पास नहीं कर पाए हैं। इस पेपर को पास करने पर मिलने वाली शक्तियों से अब ये वंचित रहेंगे।
इन्हें शक्तियां हासिल करने के लिए दोबारा से पेपर देना होगा। सेंट्रल कमेटी ऑफ एग्जामिनेशन ने बीते वर्ष 17 से 21 सितंबर तक आईएएस और एचसीएस अधिकारियों की विभागीय परीक्षा ली थी। इसमें ग्रुप ए-वन में क्रिमिनल लॉ, ग्रुप ए-टू सिविल लॉ, ग्रुप बी में रेवन्यू लॉ, ग्रुप सी में सी-वन फाइनेंशियल रूल्स और ग्रुप टू में लोकल फंड के अलावा ग्रुप डी में हिंदी की परीक्षा हुई थी।
कुल छह आईएएस और 12 एचसीएस ने यह परीक्षा दी। इसमें से दो आईएएस और सात एचसीएस अधिकारी लोकल फंड के पेपर में फेल हो गए हैं। इस पेपर को पास करने पर इन अधिकारियों को वित्तीय मामलों की शक्तियां मिलनी थीं। 2016 बैच के एचसीएस सोनू राम एचसीएस फाइनेंशियल रूल्स का पेपर पास नहीं कर पाए हैं। कार्मिक विभाग के सचिव नितिन यादव की ओर से परीक्षा का परिणाम बीते 31 दिसंबर को जारी किया गया है।
लोकल फंड के पेपर में ये आईएएस-एचसीएस नहीं हुए पास
. 2017 बैच के आईएएस स्वपनिल रविंद्र पाटिल, सहायक आयुक्त अंडर ट्रेनिंग, हिसार
. 2017 बैच के आईएएस साहिल गुप्ता, सहायक आयुक्त अंडर ट्रेनिंग, करनाल
. 2016 बैच के एचसीएस डॉ. इंद्रजीत, संयुक्त सीईओ, हरियाणा निर्वाचन आयोग
. 2016 बैच की एचसीएस सुमन भांखर, सीईओ जिला परिषद व डीआरडीए पानीपत
. 2016 बैच के एचसीएस अनिल नागर, जीएम हरियाणा रोडवेज चंडीगढ़
. 2016 बैच के एचसीएस शंभू, संयुक्त आयुक्त नगर निगम सोनीपत
. 2016 बैच के एचसीएस संयम गर्ग, सिटी मजिस्ट्रेट कुरुक्षेत्र
. 2016 बैच के एचसीएस संजय कुमार, एसडीएम गूहला।
. 2016 बैच के एचसीएस रविंद्र कुमार, सीईओ जिला परिषद व डीआरडीए, भिवानी।
किस पेपर को पास करने पर मिली कौन सी शक्तियां
उधर, इन एचसीएस ने क्रिमिनल लॉ, सिविल लॉ, रेवन्यू लॉ जैसे कठिन पेपर को पास कर लिया है, लेकिन लोकल फंड के पेपर को हल्के में लेने पर उसे पास करने से रह गए। क्रिमिनल लॉ का पेपर पास करने पर आईएएस व एचसीएस को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल गई हैं। अब ये अधिकारी शांति भंग करने सहित इस तरह के अन्य मामलों की सुनवाई कर सकेंगे।
सिविल लॉ की परीक्षा पास कर इन्हें जमीनी विवाद से जुड़े मामले सुनने की शक्तियां मिली हैं। रेवन्यू लॉ का पेपर पास कर ये अधिकारी पटवारी या तहसीलदार की ओर से भेजे जाने वाले प्रॉपर्टी पार्टीशन के मामलों को निपटाने के भी अधिकृत हो गए हैं। लोकल फंड के दुरुपयोग से जुड़े मामलों का निस्तारण करने के लिए इसकी विभागीय परीक्षा अब दोबारा देनी होगी।