Jalandhar News: जालंधर में भिड़े पंजाबी और कश्मीरी छात्र, हंगामे के बाद प्रबंधन ने 14 को किया सस्पेंड
पंजाब के जालंधर में पंजाबी और कश्मीरी छात्र आपस में भिड़ गए। इस दौरान लात-घूंसे और पत्थर चले। संस्थान प्रबंधन ने तत्काल कड़ा एक्शन लिया और 14 छात्रों को सस्पेंड कर दिया। उधर, पूरे मामले की जांच पुलिस भी कर रही है।
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जालंधर के शाहपुर स्थित सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कैंपस के अंदर शुक्रवार को कश्मीरी और पंजाबी विद्यार्थियों के बीच विवाद हो गया था। इसमें जमकर लात-घूंसे और ईंट-पत्थर चले। इंस्टीट्यूट प्रशासन ने 14 छात्राओं को निलंबित कर दिया है। वहीं, थाना सदर की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने सीटी इंस्टीट्यूट के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे मांगे हैं। जब विवाद हो रहा था तो कश्मीरी छात्र ने सांप्रदायिक नारे लगाते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें पत्थर फेंक रहे कश्मीरी विद्यार्थी नारे लगाते नजर आ रहे हैं। जब कैंपस की सुरक्षा में खुद के सुरक्षाकर्मी कम पड़ गए तो तुरंत एरिया पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने किसी तरह मामला शांत करवाया। इससे पहले कैंपस के अंदर धरने पर बैठे पंजाबी छात्रों ने पुलिस से कश्मीरी विद्यार्थियों पर 295-ए के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
पुलिस को दी शिकायत में कश्मीरी विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि पंजाबी युवकों ने उनके समुदाय की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की। मामला यही नहीं रुका, छात्राओं पर तंज भी कसा। जब ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो छात्राओं ने अपने परिचित कश्मीरी छात्रों को बताया जो टकराव का कारण बना। वहीं, पंजाबी युवकों का कहना था कि कश्मीरी विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। उक्त कश्मीरी छात्राओं ने पगड़ी पर टिप्पणी की और हमारी पगड़ी उतारी। इसके बाद उनका विवाद बढ़ गया।
सीटी चेयरमैन बोले - पुलिस के साथ हमारी कमेटी जांच करेगी
बातचीत में सीटी ग्रुप के वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह ने कहा अब स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। घटनाक्रम को देखते हुए जांच कमेटी बनाई गई थी। वहीं, प्राथमिक जांच के बाद कमेटी ने तुरंत प्रभाव से कैंपस में उपद्रव मचाने वाले 14 विद्यार्थियों को निलंबित किया है। प्रबंधन ने आतंरिक कमेटी बनाई है, जोकि पुलिस के साथ मिलकर सारे मामले की जांच कर रही है।
जांच के बाद पुलिस इस मामले में अलग से कार्रवाई करेगी। हरप्रीत ने कहा कि इंस्टीट्यूट कैंपस के अंदर किसी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, डीसीपी (कानून-व्यवस्था) अंकुर गुप्ता ने कहा कि गलतफहमी के कारण टकराव हुआ है। हम स्थिति को संभालने के साथ जांच में दोषी पाए जाने वाले छात्रों पर कार्रवाई करेंगे।