गाड़ियों की जाली एनओसी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 132 परमिट 80 आरसी और 12 वाहन बरामद
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पंजाब की पटियाला पुलिस ने बाहरी राज्यों से गाड़ियों की जाली एनओसी तैयार करके पंजाबी में फर्जी प्रूफ लगाकर आरसी तैयार करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर इसके दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह द्वारा जाली एनओसी तैयार करने से सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा था।
पुलिस लाइन में शुक्रवार दोपहर को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, एसपी (डी) मनजीत सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अमनदीप सिंह उर्फ राकी निवासी गांव सिद्धूवाल पटियाला, अरविंदर सिंह उर्फ बोनी निवासी नवनीत नगर अंबाला हरियाणा और प्रदीप शर्मा निवासी मलेरिया मोहल्ला समाना जिला पटियाला ने कुछ लोगों के साथ मिलकर गिरोह बनाया हुआ है। यह गिरोह हरियाणा और अन्य राज्यों से ट्रक, टिपर और अन्य गाड़ियों की जाली एनओसी जारी करवाकर पंजाब में जाली एड्रेस प्रूफ देकर गाड़ियों के कागजात तैयार करने का धंधा करते हैं। इस सूचना पर इनके खिलाफ थाना घग्गा में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
थाना घग्गा पुलिस ने एक नवंबर को उक्त गिरोह के दो सदस्यों अमनदीप सिंह और अरविंदर सिंह को मोटरसाइकिल पर समाना से पातड़ां जाते समय गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों के पास से ही अलग-अलग गाड़ियों की 80 आरसी (जिनमें से 11 हरियाणा की और बाकी पटियाला से संबधित हैं), 132 परमिट (आरटीए जिला पटियाला की ओर से जारी) और सात जाली मोहरें (जिनमें से पांच मोहरें आरटीए पटियाला और दो मोहरें खाली) बरामद हुईं।
गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान इनकी निशानदेही पर चार टिप्पर, दो महिंदरा पिकअप, एक घोड़ा ट्राला और पांच ट्रक बरामद किए गए। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आगे लगे नुमैरिकल और अल्फाबैटिकल नंबरों में कुछ फर्क डालकर जाली एनओसी बाहरी राज्यों खास तौर से अंबाला (हरियाणा) से तैयार करवा के पंजाब में जाली एड्रेस प्रूफ बनाकर पंजाब नंबर की आरसी तैयार करके उनको आगे डीलरों को दे देते थे।
आरोपियों ने यह भी बताया है कि इस तरह की कुछ अन्य आरसी, परमिट और जाली मोहरें विभिन्न रजिस्ट्रेशन अथारिटियों की इनके तीसरे फरार साथी प्रदीप शर्मा के पास भी हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के साथ आरटीए दफ्तर अंबाला (हरियाणा) और आरटीए दफ्तर पटियाला की मिलीभगत और जो गाड़ियां बरामद हुई हैं, वह चोरी की हैं या बैंक की ओर से रिकवर की हुई हैं, इन सबकी गहनता से जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आरोपी पाया गया, तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।