{"_id":"58bee7eb4f1c1bed43dc42a4","slug":"two-arrested-in-bomb-case-at-jalandhar-punjab-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घर के बाहर लगाया नकली बम और मांगे 5 लाख, पुलिस ने धर दबोचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर के बाहर लगाया नकली बम और मांगे 5 लाख, पुलिस ने धर दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Tue, 07 Mar 2017 10:33 PM IST
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मालिक को डरा पांच लाख ऐंठने की थी साजिश
- फोटो : अमर उजाला
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बीएसएफ कॉॅलानी में एक व्यक्ति के घर के बाहर नकली टाइम बम लगाने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की पहचान सन्नी कुमार निवासी न्यू शिव नगर नागरा और धनंजय मल्होत्रा वासी शिव नगर सोढल रोड के तौर पर हुई है।
दोनों मूूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। आरोपियों ने व्यापारी के घर के बाहर टाइम बम लगाकर उससे पांच लाख की फिरौती हासिल करने की साजिश रची थी। इनमें से एक आरोपी सतीश कुमार के पास ही काम करता था और उसने ही इसका पूरा प्लॉन बनाया था।
पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला, डीसीपी संदीप शर्मा, एडीसी पी सिटी जसबीर और एसीपी सुरिंदर पाल धोगड़ी ने बताया कि 3 मार्च को बीएसएफ कॉलोनी में मकान नंबर 45/46 निवासी सतीश कुमार के घर के बाहर वाले गेट पर डराने की नीयत से नकली बम लगाया था। इतना ही नहीं दो बार सतीश कुमार के मोबाइल पर कॉल की गई थी। उन्हें धमकी दी गई थी कि यदि पैसा नहीं दिया तो बिल्डिंग को उड़ा दिया जाएगा। शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और सतीश कुमार के कारोबार से संबंधित लोगों से पूछताछ करने के बाद मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने उस सिम कार्ड को बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल कर काल की गई थी।
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दोनों मूूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। आरोपियों ने व्यापारी के घर के बाहर टाइम बम लगाकर उससे पांच लाख की फिरौती हासिल करने की साजिश रची थी। इनमें से एक आरोपी सतीश कुमार के पास ही काम करता था और उसने ही इसका पूरा प्लॉन बनाया था।
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पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला, डीसीपी संदीप शर्मा, एडीसी पी सिटी जसबीर और एसीपी सुरिंदर पाल धोगड़ी ने बताया कि 3 मार्च को बीएसएफ कॉलोनी में मकान नंबर 45/46 निवासी सतीश कुमार के घर के बाहर वाले गेट पर डराने की नीयत से नकली बम लगाया था। इतना ही नहीं दो बार सतीश कुमार के मोबाइल पर कॉल की गई थी। उन्हें धमकी दी गई थी कि यदि पैसा नहीं दिया तो बिल्डिंग को उड़ा दिया जाएगा। शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और सतीश कुमार के कारोबार से संबंधित लोगों से पूछताछ करने के बाद मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने उस सिम कार्ड को बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल कर काल की गई थी।
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ऐसे बनाई थी योजना
घर के बाहर लगाया नकली बम और मांगे 5 लाख
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे बनाई थी योजना
सन्नी काफी समय से सतीश कुमार के पास रेहड़ी रिक्शा चलाता था। उसकी दोस्ती आरोपी धनंजय से थी, जो मोबाइल रिपेयर का काम पूरी तरह जानता था। धनंजय मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ गांव कप्तान का रहने वाला है, वहीं सन्नी गोरखपुर का रहने वाला है। दोनों ने अपने गांव जाने और धनंजय को अपने बढ़े खर्चे पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इस वजह से दोनों ने आपस में योजना बनाई। सतीश कुमार को डरा धमका कर 5 लाख रुपये की मांग की। नकली बम लगाकर सतीश को कहा कि उसके घर के बाहर बम लगाया गया है और वह बाहर आकर इसे देख ले। इस पर सतीश ने पुलिस को सूचना दी।
सिम कार्ड खोजने के लिए इनाम में मिले पांच सौ रुपये
आरोपियों ने फोन करने के बाद सिम कार्ड को स्थानीय खेल मैदान बल्टर्न पार्क में फेंक दिया था। पुलिस टीम पहुंची तो मैदान देखकर परेशान हो गई कि मोबाइल सिम कार्ड को कैसे खोजा जाए। अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि जो बच्चा मोबाइल सिम खोजकर लाएगा उसे पांच सौ इनाम दिया जाएगा। एक बच्चा सिम खोजकर ले आया तो पुलिस ने जेब से उसको पांच सौ रुपये इनाम दिया। वहीं पांचवीं तक पढ़ा आरोपी धनंजय कंप्यूटर और एंड्रायड फोन का जबरदस्त माहिर है। उसने कुछ समय तक मोबाइल की रिपेयर का काम किया है। इस वजह से उसको आईटी की जानकारी थी। धनंजय ने किसी से पुराना सिम कार्ड लिया और उसका इस्तेमाल किया। इसके लिए पुलिस करीब 50 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी पड़ी।
सन्नी काफी समय से सतीश कुमार के पास रेहड़ी रिक्शा चलाता था। उसकी दोस्ती आरोपी धनंजय से थी, जो मोबाइल रिपेयर का काम पूरी तरह जानता था। धनंजय मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ गांव कप्तान का रहने वाला है, वहीं सन्नी गोरखपुर का रहने वाला है। दोनों ने अपने गांव जाने और धनंजय को अपने बढ़े खर्चे पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इस वजह से दोनों ने आपस में योजना बनाई। सतीश कुमार को डरा धमका कर 5 लाख रुपये की मांग की। नकली बम लगाकर सतीश को कहा कि उसके घर के बाहर बम लगाया गया है और वह बाहर आकर इसे देख ले। इस पर सतीश ने पुलिस को सूचना दी।
सिम कार्ड खोजने के लिए इनाम में मिले पांच सौ रुपये
आरोपियों ने फोन करने के बाद सिम कार्ड को स्थानीय खेल मैदान बल्टर्न पार्क में फेंक दिया था। पुलिस टीम पहुंची तो मैदान देखकर परेशान हो गई कि मोबाइल सिम कार्ड को कैसे खोजा जाए। अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि जो बच्चा मोबाइल सिम खोजकर लाएगा उसे पांच सौ इनाम दिया जाएगा। एक बच्चा सिम खोजकर ले आया तो पुलिस ने जेब से उसको पांच सौ रुपये इनाम दिया। वहीं पांचवीं तक पढ़ा आरोपी धनंजय कंप्यूटर और एंड्रायड फोन का जबरदस्त माहिर है। उसने कुछ समय तक मोबाइल की रिपेयर का काम किया है। इस वजह से उसको आईटी की जानकारी थी। धनंजय ने किसी से पुराना सिम कार्ड लिया और उसका इस्तेमाल किया। इसके लिए पुलिस करीब 50 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी पड़ी।