फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Twitter War between Captain Amarinder Singh and Sukhjinder Randhawa on Aroosa Alam

टि्वटर वार: अमरिंदर की दो टूक-मैंने ही 16 साल आरूसा का वीजा प्रायोजित किया, रंधावा को दी बड़ी चुनौती

Sat, 23 Oct 2021 03:45 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 23 Oct 2021 03:45 PM IST
सार

सीएम पद छोड़ने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी नई पार्टी बनाने का एलान कर चुके हैं। इस एलान के बाद से पंजाब सरकार के मंत्री उन पर हमलावर हैं। इनमें से सबसे मुखर सुखजिंदर रंधावा हैं।

विज्ञापन
Twitter War between Captain Amarinder Singh and Sukhjinder Randhawa on Aroosa Alam
ट्वीट की गई अरूसा आलम की फोटो। - फोटो : twitter @RT_Media_Capt

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी महिला मित्र आरूसा आलम को लेकर कैप्टन और उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच छिड़ी रार ने ट्विटर युद्ध का रूप ले लिया है। शुक्रवार से ही दोनों नेताओं की ओर से अपने-अपने ट्वीटर हैंडल का इस्तेमाल करते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।

विज्ञापन


आरूसा को वीजा किसने दिलाया? कैप्टन ने बरगाड़ी मामले को हल क्यों नहीं किया जैसे रंधावा द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में कैप्टन ने चार और ट्वीट दागते हुए कहा है कि उन्होंने ही आरुसा का 16 साल तक वीजा प्रायोजित किया है। हालांकि उन्होंने यह लिखा कि भारत सरकार द्वारा वीजा जारी करने की जो प्रक्रिया है, उसे हर बार अपनाया गया था। इसके साथ ही कैप्टन ने रंधावा को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शपथ लेने की चुनौती दी कि बरगाड़ी कांड की जांच के लिए गठित एसआईटी में आईजी कुंवर विजय प्रताप और रणबीर सिंह खटड़ा की नियुक्ति रंधावा की सिफारिश पर ही की गई थी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - पंजाब: किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की याद में बनेगा खेल स्टेडियम, सीएम चन्नी ने दी एक करोड़ की ग्रांट 
विज्ञापन
विज्ञापन


चार ट्वीट कर रखी अपनी बात
इस जवाबी हमले वाले अपने पहले ट्वीट में कैप्टन ने रंधावा को क्षुब्ध करार देते हुए लिखा- क्षुब्ध? इतने सालों में क्या आपने कभी मुझे किसी मुद्दे पर परेशान होते देखा है? वास्तव में, यदि आपके फ्लिप फ्लॉप कोई संकेत हैं, तो आप परेशान और भ्रमित प्रतीत होते हैं। आप आरूसा आलम के खिलाफ इस तथाकथित जांच के लिए अपना मन पक्का क्यों नहीं कर रहे?

कैप्टन ने दूसरे ट्वीट में दावा किया- जहां तक आरूसा का वीजा प्रायोजित करने का सवाल है, तो मैंने 16 साल तक किया। और आपकी जानकारी के लिए, ऐसे वीजा के लिए अनुरोध भारतीय उच्चायोग द्वारा विदेश मंत्रालय को भेजे जाते हैं, जिन्हें अनुमोदन से पहले रॉ और आईबी द्वारा जांच करके उन्हें मंजूरी दी जाती है। और इस मामले में हर बार ऐसा ही हुआ है। 


कैप्टन ने तीसरे ट्वीट में लिखा- और क्या है, 2007 में जब मैं मुख्यमंत्री नहीं था, तत्कालीन यूपीए प्रधानमंत्री द्वारा आरूसा आलम को वीजा देने से पहले एनएसए को जांच का आदेश दिया गया था। आप अब भी इस पर पंजाब के संसाधनों को बर्बाद करना चाहते हैं? आपको जो कुछ भी चाहिए, मैं आपकी मदद करूंगा।

चौथे ट्वीट में कैप्टन ने लिखा- बरगाड़ी जांच के मामले में मैं आपको श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शपथ लेने या सीधे मुकर जाने की चुनौती देता हूं कि दोनों जांच अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह और रणबीर एस. खटड़ा आपकी सिफारिशों पर ही नियुक्त किए गए थे। मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपना काम करो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed