फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   trillions rupees credited in a bank account, account holder get shocked in dera bassi

रातों-रात खरबपति बन गया अखिलेश, बैंक का प्रिंटर भी नहीं छाप पाया रकम, 500 रु. निकालकर किया चेक

Sat, 29 Sep 2018 04:25 PM IST
सुशील कुमार, अमर उजाला, डेराबस्सी (पंजाब)
सुशील कुमार, अमर उजाला, डेराबस्सी (पंजाब) Updated Sat, 29 Sep 2018 04:25 PM IST
विज्ञापन
trillions rupees credited in a bank account, account holder get shocked in dera bassi
खाते की रकम दिखाते अखिलेश

रातों-रात एक युवक के अच्छे दिन आ गए। उसकी किस्मत ऐसे पलटी की वो अचानक खरबपति बन गया। अपने बैंक अकाउंट में इतना पैसा देख उसके होश उड़ गए। यकीन नहीं होने पर उसने एटीएम से पांच सौ रुपये भी निकले। मामला पंजाब के मोहाली जिले के डेराबस्सी का है। एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले अखिलेश यादव के खाते में करीब एक लाख 65 हजार करोड़ रुपये आ गए। इतनी बड़ी रकम गुरुवार को दो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसके खाते में जमा हुई।

विज्ञापन


युवक का खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में है। अचानक अपने खाते में इतनी बड़ी रकम देखकर खाताधारक के होश उड़ गए। युवक को समझ नहीं आ रहा है कि इतने रुपये कैसे और कहां से आए हैं। 
विज्ञापन


अखिलेश यादव (30)  मूलरूप से यूपी के सीतापुर के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में टावर-11 फ्लैट नंबर 1164, एटीएस सोसायटी बरवाला रोड में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह यहां बरवाला रोड पर स्थित राजस्थान लिकर फैक्ट्री में बतौर मैंटीनेंस हेड काम करते हैं। उनका काफी पुराना खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सीतापुर में है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अखिलेश गुरुवार को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए लैपटॉप पर जब अपना अकाउंट खोला तो खाते में 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये शो हो रहे थे। पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया। इसके बाद वह बैंक एटीएम में जांच करने के लिए पहुंचा तो वहां भी बकाया राशि इतनी ही दिखाई दे रही थी। उसने जांच के लिए जब अपने खाते में पहले से जमा 2149 रुपये में से पांच सौ रुपये निकाले तो 1649 रुपये शेष दिखे। हालांकि अकाउंट में उक्त राशि दिख रही है। वैसे बैंक एटीएम का प्रिंटर भी इतनी राशि छापने में नाकाम रहा और बकाया पर्ची में सिर्फ अंतिम तीन अक्षर ही दिखाई दे रहे हैं। 


इसकी सच्चाई जानने के लिए उसने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर भी कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उसने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सीतापुर ब्रांच में अपने भाई को भेजा। वहां भी बैंक अधिकारियों को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि इतने रुपये कहां से आए हैं। अखिलेश ने बताया कि उसे लगता है कि यह रुपये या तो बैंक की गलती से आए हैं, या किसी हैकर की तरफ से शरारत की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed