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भागवत कथा में उड़ी के सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, विशेष आरती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Sep 2016 10:05 PM IST
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भागवत कथा
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में सेक्टर-44 स्थित शहीद ऊधम सिंह भवन में आयोजित भागवत कथा उड़ी के शहीदों को विशेष आरती करके श्रद्धांजलि दी गई। पितृपक्ष के अवसर पर बद्री केदार महिला संकीर्तन मंडली की ओर से कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तीसरे दिन बुधवार को भक्त प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया गया। कथावाचक सुरेश्वरा नंद पुरी ने भगवान के विविध रूपों की चर्चा की।
कथा के दौरान उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को याद किया गया। कथावाचक ने व्यासपीठ से विश्व शांति की कामना करते हुए शहीद सैनिकों की याद में विशेष आरती की और आतंकवाद के खिलाफ भगवान से प्रार्थना की गई। कथावाचक सुरेश्वरानंद पुरी ने उपस्थित लोगो को भागवत के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष चल रहा है। पितृपक्ष में कथा श्रवण से पितृों का उद्धार होता है।
वंश की वृद्धि होती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर कथा आयोजकों में दिलवर सिंह बिष्ट, सुरेश कंडवाल, राजेंद्र पांडेय, चंपा कंडवाल, उर्मिला जोशी, मीना पंवार, माता शाकंभरी मंदिर सेक्टर-43 के पुजारी केशवानंद जोशी, पाम सिंह राणा के अलावा भूपेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंचे।
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कथा के दौरान उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को याद किया गया। कथावाचक ने व्यासपीठ से विश्व शांति की कामना करते हुए शहीद सैनिकों की याद में विशेष आरती की और आतंकवाद के खिलाफ भगवान से प्रार्थना की गई। कथावाचक सुरेश्वरानंद पुरी ने उपस्थित लोगो को भागवत के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष चल रहा है। पितृपक्ष में कथा श्रवण से पितृों का उद्धार होता है।
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वंश की वृद्धि होती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर कथा आयोजकों में दिलवर सिंह बिष्ट, सुरेश कंडवाल, राजेंद्र पांडेय, चंपा कंडवाल, उर्मिला जोशी, मीना पंवार, माता शाकंभरी मंदिर सेक्टर-43 के पुजारी केशवानंद जोशी, पाम सिंह राणा के अलावा भूपेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंचे।
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