फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Treatment at GMSH 16 is difficult in Chandigarh Patients trying to secure test dates

GMSH 16 में इलाज मुश्किल: सर्जरी-टेस्ट की डेट लेने में निकल रहे मरीजों के आंसू, अधिकारी फर्श चमकाने में लगे

Thu, 25 Sep 2025 11:44 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 25 Sep 2025 11:44 AM IST
सार

क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड कमेटी के 25 सितंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय निरीक्षण को देखते आला अधिकारी अस्पताल के फर्श चमकाने में लगे हुए हैं। उन्हें मरीजों की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। यह स्थिति तब है जब कमेटी को ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीजों की फीडबैक रिपोर्ट दिखानी है।

विज्ञापन
Treatment at GMSH 16 is difficult in Chandigarh Patients trying to secure test dates
जीएमएसएच 16 के एक्सरे रूम में सीलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में मरीजों का हाल बेहाल है। पेट दर्द जैसी मामूली शिकायत के लिए भी अल्ट्रासाउंड की डेट एक महीने बाद की मिल रही है। सर्जरी की तैयारी कर रहे मरीज डरे हुए हैं क्योंकि डेट लेने में उन्हें यहां से वहां इतनी दौड़ लगवाई जा रही कि उनके आंसू निकल रहे हैं। टेस्ट कराने से लेकर कार्ड बनवाने तक लंबी कतारें और धीमी प्रक्रिया, मरीजों की हालत और बिगाड़ रही है।
विज्ञापन


क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड कमेटी के 25 सितंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय निरीक्षण को देखते आला अधिकारी अस्पताल के फर्श चमकाने में लगे हुए हैं। उन्हें मरीजों की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। यह स्थिति तब है जब कमेटी को ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीजों की फीडबैक रिपोर्ट दिखानी है। इस फीडबैक फॉर्म के संबंध में संवाददाता ने ओपीडी में इलाज कराकर लौटने वाले 45 मरीजों से जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उनमें से एक भी मरीज से कोई फीडबैक फॉर्म नहीं भरवाया गया था। इससे साफ है कि उस फीडबैक रिपोर्ट में मरीजों के अनुभव की जगह कर्मचारियों की ओर से दर्ज रिपोर्ट शामिल है।
विज्ञापन

केस 1

सेक्टर 20 की कौशल की आंखों में आंसू थे। बुधवार सुबह 8 बजे से वह इस विभाग से उस विभाग का चक्कर काट रही थीं। उन्हें आंख की सर्जरी करवानी है। सारे टेस्ट की रिपोर्ट हाथ में थी। रिपोर्ट दिखाने में सुबह 8 बजे से दोपहर के एक बज गए तब जाकर उन्हें सर्जरी की डेट मिली। कौशल काफी डरी हुई हैं। उनका कहना है कि डेट देने में इतना दर्द दे दिया अब सर्जरी करने में पता नहीं क्या करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस 2
विकास नगर की ज्योति को पेट में समस्या है। मंगलवार को डॉक्टर को दिखाने आई तो टेस्ट लिख दिया। घंटों लाइन में लगी रही। जब नंबर आया तो पता चला खाली पेट टेस्ट होगा। बुधवार सुबह टेस्ट कराने के लिए कार्ड बनवाने, पैसा जमा करने में घंटों लग गए। डॉक्टर के कहने पर अल्ट्रासाउंड कराने गई तो 29 अक्तूबर की डेट मिली। ज्योति का कहना है कि पेट दर्द आज हो रहा है और अल्ट्रासाउंड एक महीने बाद करेंगे, ऐसे तो हो चुका इलाज।

केस 3
मुल्लांपुर की रागिनी का डिलीवरी के बाद टांका पक गया है। मंगलवार को दिखाने आने पर डॉक्टर ने देरी का हवाला देकर लौटा दिया। बुधवार सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर ने देखा और बाहर की एक, दो नहीं चार दवाएं लिख दीं। उन दवाओं में आयरन, कैल्शियम, मल्टी विटामिन और मरहम शामिल था। बढ़ई का काम करने वाला पति केमिस्ट शॉप से 600 रुपये की दवा खरीदकर लाए, जो अस्पताल में उपलब्ध थी लेकिन उसे नहीं दी गई।

एक्सरे रूम में ताला बंद, हर जगह लटक रही खुली तार

अस्पताल की इमरजेंसी में एक्सरे रूम में अब भी ताला बंद है। मरीजों को पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से जांच के लिए रूम नंबर 4 और 8 में भेजा जा रहा है। वहीं मानकों से विपरीत हर जगह बिजली के तार लटक रहे हैं। वार्ड की दीवार पर अब भी फंगस लगे हुए हैं। इतना ही नहीं विभाग कमेटी की जांच में अव्वल नंबर हासिल करने के लिए चालाकियां भी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि भर्ती मरीजों से डिस्चार्ज के समय भरवाए जाने वाले संतुष्टि फॉर्म पर पहले ही हस्ताक्षर करवा लिए गए हैं। इसे स्टाफ ने पॉजिटिव भरकर रिकॉर्ड में रख लिया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed