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कैंसर के इलाज के बारे में जानना है तो यहां जाएं
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Nov 2013 10:45 AM IST
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पीजीआई में आयोजित यूरोलॉजी कांफ्रेंस 2013 में शुक्रवार को करीब 200 से ज्यादा डेलीगेट पहुंचे और यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों के इलाज की नई-नई तकनीक से अवगत कराया।
इन्फर्टीलिटी, किडनी कैंसर, किडनी स्टोन जैसी गंभीर बीमारियों की वजह, कारण और इससे बचाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। कई बीमारियों के एडवांस इलाज की टेक्नोलॉजी के लाइव डेमो दिखाए गए।
कांफ्रेंस में नॉर्थ रीजन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर के यूरोलॉजिस्ट पहुंचे। यह कांफ्रेंस तीन दिन चलेगी। इस दौरान युवा डॉक्टर अपने रिसर्च पेपर भी पेश करेंगे।
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दिल्ली स्थित राजीव गांधी हॉस्पिटल के डॉक्टर सुधीर ने किडनी कैंसर के इलाज में आई नई तकनीक ओपेन पार्सल नीफ्रेक्टमी का लाइव डेमो दिखाया। इसके तहत किडनी को निकाले बिना कैंसर को खत्म किया गया।
पहले सभी किडनी को बाहर निकाला जाता था, उसके बाद किडनी का इलाज होता था। पंजाब में किडनी कैंसर के काफी मरीज हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक किडनी कैंसर के कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्मोकिंग है। कई लोगों में जेनेटिक कारणों से भी किडनी कैंसर हो सकता है।
खुद निकल जाते हैं छोटे स्टोन
कांफ्रेस में पहुंचे लुधियाना स्थित डीएमसीसी के प्रोफेसर ऑफ यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट और यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉक्टर बलदेव सिंह औलख ने बताया कि नॉर्थ रीजन में सबसे ज्यादा स्टोन के मरीज हैं।
इसकी प्रमुख वजह यहां का मौसम है। गरमाहट होने के कारण यहां पर स्टोन की ज्यादा आशंका रहती है। इसके अलावा गले की पैराथायराइड ग्रंथी जब ज्यादा काम करने लगती है तो इससे स्टोन बन जाते हैं।
स्टोन के इलाज के लिए कई सारी तकनीक उपलब्ध हैं। डॉक्टर बलदेव के मुताबिक चार मिली मीटर तक की स्टोन पानी पीने से आसानी से निकल जाता है।
लोगों को काफी मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि छोटे-छोटे स्टोन आसानी से निकल जाएं। इतना पानी पीना चाहिए जिससे पेशाब का रंग पानी जैसा हो जाए। यदि स्टोन में सावधानी नहीं बरती तो यह साइलेंट किलर भी बन सकता है।
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इन्फर्टीलिटी, किडनी कैंसर, किडनी स्टोन जैसी गंभीर बीमारियों की वजह, कारण और इससे बचाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। कई बीमारियों के एडवांस इलाज की टेक्नोलॉजी के लाइव डेमो दिखाए गए।
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कांफ्रेंस में नॉर्थ रीजन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर के यूरोलॉजिस्ट पहुंचे। यह कांफ्रेंस तीन दिन चलेगी। इस दौरान युवा डॉक्टर अपने रिसर्च पेपर भी पेश करेंगे।
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दिल्ली स्थित राजीव गांधी हॉस्पिटल के डॉक्टर सुधीर ने किडनी कैंसर के इलाज में आई नई तकनीक ओपेन पार्सल नीफ्रेक्टमी का लाइव डेमो दिखाया। इसके तहत किडनी को निकाले बिना कैंसर को खत्म किया गया।
पहले सभी किडनी को बाहर निकाला जाता था, उसके बाद किडनी का इलाज होता था। पंजाब में किडनी कैंसर के काफी मरीज हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक किडनी कैंसर के कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्मोकिंग है। कई लोगों में जेनेटिक कारणों से भी किडनी कैंसर हो सकता है।
खुद निकल जाते हैं छोटे स्टोन
कांफ्रेस में पहुंचे लुधियाना स्थित डीएमसीसी के प्रोफेसर ऑफ यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट और यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉक्टर बलदेव सिंह औलख ने बताया कि नॉर्थ रीजन में सबसे ज्यादा स्टोन के मरीज हैं।
इसकी प्रमुख वजह यहां का मौसम है। गरमाहट होने के कारण यहां पर स्टोन की ज्यादा आशंका रहती है। इसके अलावा गले की पैराथायराइड ग्रंथी जब ज्यादा काम करने लगती है तो इससे स्टोन बन जाते हैं।
स्टोन के इलाज के लिए कई सारी तकनीक उपलब्ध हैं। डॉक्टर बलदेव के मुताबिक चार मिली मीटर तक की स्टोन पानी पीने से आसानी से निकल जाता है।
लोगों को काफी मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि छोटे-छोटे स्टोन आसानी से निकल जाएं। इतना पानी पीना चाहिए जिससे पेशाब का रंग पानी जैसा हो जाए। यदि स्टोन में सावधानी नहीं बरती तो यह साइलेंट किलर भी बन सकता है।