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NRI बनने के चक्कर में कंगाल हो रहे पंजाबी, ऐसे होते हैं ठगी का शिकार
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 24 May 2018 10:52 AM IST
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युवाओं को एनआरआई बनने का चक्कर कंगाल बना रहा है। वे आए दिन विदेश जाने के नाम पर ठगी होती है, ऐसा मकड़जाल फैला है। पंजाब के के युवाओं पर विदेशों में जाकर पढ़ने व एनआरआई बनने का शौक महंगा पड़ रहा है। युवाओं को विदेश जाने संबंधी सही जानकारी न होने का फायदा इमीग्रेशन कंपनियां पूरी तरह से उठा रही हैं। वे पहले युवाओं को रजिस्ट्रेशन, फाइल प्रोसेसिंग जैसे खर्च के नाम पर लूटती हैं। इसके बाद मेडिकल और वीजा के नाम पूरी कसर निकाल देती हैं। इसके बाद युवाओं की रकम लेकर कंपनियां रातों रात फरार हो जाती हैं। इस साल के पहले तीन महीनों में करीब नौ सौ केस आए हैं। इनमें से सबसे अधिक केस मोहाली के हैं।
केस एक
मोहाली के एक पैरेंट्स ने अपने बेटे को बीटेक की पढ़ाई कनाडा से करवाने का फैसला लिया। रिश्तेदारों व बैंकों से कर्ज पर पैसे लिए। फेज-3बी2 की एक नामी कंपनी के माध्यम से विदेश जाने की फाइल लगवाई। कंपनी ने सब कुछ जाली देकर लड़के को विदेश भेज दिया। जब लड़का कॉलेज पहुंचा तो कॉलेज वालों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पैरेंट्स को जब यह बात पता चली उन्होंने तुरंत उक्त लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। एक साल के बाद कंपनी के प्रबंधकों पर केस दर्ज हुआ है लेकिन अभी तक भी आरोपी फरार है।
केस दो
हिमाचल प्रदेश के मनोज ने पूरी तैयारी की कि वह विदेश में जाकर कमाएगा। जमीन को गिरवी रखकर कर्ज लिया। मोहाली में एक इमीग्रेशन कंपनी के चक्कर में आ गया। कंपनी वालों ने पहले साढ़े तीन लाख रुपये ले लिए। इसके बाद कनाडा भेजने की जगह उसे किसी दूसरे देश में भेज दिया। जब युवक दूसरे मुल्क में पहुंचा तो वहां की सकार ने उसे डिपोर्ट कर दिया।
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केस तीन
खरड़ के गाव निहोलका निवासी गगनदीप चंडीगढ़ की एक सिक्योरिटी कंपनी में काम करता था। सब कुछ बढ़िया चल रहा था कि वह एक सिंगर व उसके भाई के चक्कर में आ गया। उन्होंने उसे भंगड़ा ग्रुप का मेंबर बनाकर विदेश भेजने का सपना दिखाया। इसके बाद चार लाख रुपये की ठगी भी कर ली। दो साल धक्के खाने के बाद केस दर्ज हुआ। आरोपी अभी तक भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
ये तो मात्र कुछ उदाहरण हैं। न जाने ऐसे कई लोग हैं जो राज्य में चल रही इमीग्रेशन कंपनियों के चक्कर में आकर अपनी खून पसीने की कमाई लुटा रहे हैं। वहीं, कंपनियां भी लोगों के इस जुनून का पूरा फायदा उठा रही हैं और लोगों के लाखों रुपये लूटकर रातों रात फरार हो जाती है। इस ठगी के इस खेल में वीआईपी जिला मोहाली पूरे राज्य में नंबर वन है। यहां पर इस साल के तीन महीनों में पूरे पंजाब में सबसे ज्यादा ठगी के केस दर्ज हुए हैं। इसमें पुलिस प्रशासन से लेकर अन्य अफसरों तक की भूमिका संदेह में है।
नेता और सेलिब्रिटी के साथ खींची फोटो से शुरू होती है ठगी की दुकान
मोहाली में फर्जी तरीके से इमीग्रेशन का कारोबार चलाने वाले लोग काफी शातिर हैं। वे ठगी के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। चंडीगढ़ के उत्तरी भारत का प्रमुख शहर होने की वजह से यहां देश के बड़े नेता से लेकर सेलिब्रिटी तक आते रहते हैं। ऐसे लोग किसी बहाने से उनके प्रोग्राम में पहुंचकर उनके साथ फोटोग्राफी करवा लेते हैं। इसके बाद उन फोटो का प्रयोग वे अपने कारोबार में करते हैं। जहां पर भी अपने शोरूम खोलते हैं वहां पर शुरू से लेकर आखिरी तक उन फोटो को लगा देते हैं। लोग जब बाहरी राज्यों से आते हैं, तो वे इन फोटो व उनकी बातों के चक्कर में आ जाते हैं।
मेडिकल से लेकर वीजा तक फर्जी
ठगी की दुकान चलाने वाले काफी शातिर होते हैं। यह मेडिकल से लेकर वीजा तक सब फर्जी मुहैया करवाते हैं। यहां तक भी टिकट भी फर्जी होते हैं। कई लोग तो एयरपोर्ट से जाकर वापस लौटते हैं। ऐसे ही एक ठगी का शिकार हुए गुरदासपुर निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें दुबई भेजने के नाम कंपनी ने पचास हजार ठगे। कंपनी वालों ने वीजा से लेकर मेडिकल भी फर्जी करवाया था। जब उन्होंने टीवी पर कंपनी की न्यूज देखी तो उन्हें पता चला है कि उनके साथ ठगी हो गई है।
विज्ञापन से होता है सारी खेल
दसूहा निवासी कुलदीप कौर ने कहा कि उन्होंने ब्यूटीशियन का कोर्स किया है। उन्हें पता चला कि अरब कंट्री में इस प्रोफेशन की काफी मांग है। एक नामी कंपनी द्वारा उस इलाके की अखबारों, रेडियो और अन्य माध्यमों से कई विज्ञापन चलाए गए। इसमें कई वादे किए गए थे। इससे वह कंपनी के चक्कर में आई। अब कंपनी वाले लाखों रुपये लेकर फरार हो गए हैै। सरकार को चाहिए कि विभिन्न संचार माध्यमों पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर भी नजर रखे।
सांसद ने सीएम को लिखा पत्र
इसी मामले में पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र की कॉपी प्रमुख सचिव व डीजीपी पंजाब को भेजी है। उन्होंने कहा कि इमीग्रेशन एजेंटों का शिकार हुए लोग रोजाना उनके पास पहुंच रहे हैं। यह मामला काफी गंभीर हो गया है। इस सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। आरोपियों पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
देश के गृहमंत्री के नाम पर भी हो चुकी है ठगी
देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी हो चुकी है। इस संबंध में फेज-आठ मोहाली के थाने में केस दर्ज हुआ था। अभी तक आरोपी फरार हैं। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम पर भी ठगने वाला कुछ समय पहले काबू किया था। जो नौकरी लगवाने से लेकर विदेश भेजने तक सारी कार्रवाई करता था।
अब प्रापर्टी अटैच कर होगी वसूली
इलाके में जो इमीग्रेशन कंपनियां चल रही हैं वहां छापेमारी की जा रही है। जो भाग गई हैं उनका रिकार्ड इकट्ठा किया जा रहा है। आने वाले समय में उनकी प्रापर्टी अटैच की जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के आदेश आ गए हैं। साथ ही लोगों को उनका पैसा वापस देने की कार्रवाई चलेगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- राजीव कुमार, एसएचओ मटौर थाना
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केस एक
मोहाली के एक पैरेंट्स ने अपने बेटे को बीटेक की पढ़ाई कनाडा से करवाने का फैसला लिया। रिश्तेदारों व बैंकों से कर्ज पर पैसे लिए। फेज-3बी2 की एक नामी कंपनी के माध्यम से विदेश जाने की फाइल लगवाई। कंपनी ने सब कुछ जाली देकर लड़के को विदेश भेज दिया। जब लड़का कॉलेज पहुंचा तो कॉलेज वालों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पैरेंट्स को जब यह बात पता चली उन्होंने तुरंत उक्त लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। एक साल के बाद कंपनी के प्रबंधकों पर केस दर्ज हुआ है लेकिन अभी तक भी आरोपी फरार है।
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केस दो
हिमाचल प्रदेश के मनोज ने पूरी तैयारी की कि वह विदेश में जाकर कमाएगा। जमीन को गिरवी रखकर कर्ज लिया। मोहाली में एक इमीग्रेशन कंपनी के चक्कर में आ गया। कंपनी वालों ने पहले साढ़े तीन लाख रुपये ले लिए। इसके बाद कनाडा भेजने की जगह उसे किसी दूसरे देश में भेज दिया। जब युवक दूसरे मुल्क में पहुंचा तो वहां की सकार ने उसे डिपोर्ट कर दिया।
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केस तीन
खरड़ के गाव निहोलका निवासी गगनदीप चंडीगढ़ की एक सिक्योरिटी कंपनी में काम करता था। सब कुछ बढ़िया चल रहा था कि वह एक सिंगर व उसके भाई के चक्कर में आ गया। उन्होंने उसे भंगड़ा ग्रुप का मेंबर बनाकर विदेश भेजने का सपना दिखाया। इसके बाद चार लाख रुपये की ठगी भी कर ली। दो साल धक्के खाने के बाद केस दर्ज हुआ। आरोपी अभी तक भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
ये तो मात्र कुछ उदाहरण हैं। न जाने ऐसे कई लोग हैं जो राज्य में चल रही इमीग्रेशन कंपनियों के चक्कर में आकर अपनी खून पसीने की कमाई लुटा रहे हैं। वहीं, कंपनियां भी लोगों के इस जुनून का पूरा फायदा उठा रही हैं और लोगों के लाखों रुपये लूटकर रातों रात फरार हो जाती है। इस ठगी के इस खेल में वीआईपी जिला मोहाली पूरे राज्य में नंबर वन है। यहां पर इस साल के तीन महीनों में पूरे पंजाब में सबसे ज्यादा ठगी के केस दर्ज हुए हैं। इसमें पुलिस प्रशासन से लेकर अन्य अफसरों तक की भूमिका संदेह में है।
नेता और सेलिब्रिटी के साथ खींची फोटो से शुरू होती है ठगी की दुकान
मोहाली में फर्जी तरीके से इमीग्रेशन का कारोबार चलाने वाले लोग काफी शातिर हैं। वे ठगी के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। चंडीगढ़ के उत्तरी भारत का प्रमुख शहर होने की वजह से यहां देश के बड़े नेता से लेकर सेलिब्रिटी तक आते रहते हैं। ऐसे लोग किसी बहाने से उनके प्रोग्राम में पहुंचकर उनके साथ फोटोग्राफी करवा लेते हैं। इसके बाद उन फोटो का प्रयोग वे अपने कारोबार में करते हैं। जहां पर भी अपने शोरूम खोलते हैं वहां पर शुरू से लेकर आखिरी तक उन फोटो को लगा देते हैं। लोग जब बाहरी राज्यों से आते हैं, तो वे इन फोटो व उनकी बातों के चक्कर में आ जाते हैं।
मेडिकल से लेकर वीजा तक फर्जी
ठगी की दुकान चलाने वाले काफी शातिर होते हैं। यह मेडिकल से लेकर वीजा तक सब फर्जी मुहैया करवाते हैं। यहां तक भी टिकट भी फर्जी होते हैं। कई लोग तो एयरपोर्ट से जाकर वापस लौटते हैं। ऐसे ही एक ठगी का शिकार हुए गुरदासपुर निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें दुबई भेजने के नाम कंपनी ने पचास हजार ठगे। कंपनी वालों ने वीजा से लेकर मेडिकल भी फर्जी करवाया था। जब उन्होंने टीवी पर कंपनी की न्यूज देखी तो उन्हें पता चला है कि उनके साथ ठगी हो गई है।
विज्ञापन से होता है सारी खेल
दसूहा निवासी कुलदीप कौर ने कहा कि उन्होंने ब्यूटीशियन का कोर्स किया है। उन्हें पता चला कि अरब कंट्री में इस प्रोफेशन की काफी मांग है। एक नामी कंपनी द्वारा उस इलाके की अखबारों, रेडियो और अन्य माध्यमों से कई विज्ञापन चलाए गए। इसमें कई वादे किए गए थे। इससे वह कंपनी के चक्कर में आई। अब कंपनी वाले लाखों रुपये लेकर फरार हो गए हैै। सरकार को चाहिए कि विभिन्न संचार माध्यमों पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर भी नजर रखे।
सांसद ने सीएम को लिखा पत्र
इसी मामले में पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र की कॉपी प्रमुख सचिव व डीजीपी पंजाब को भेजी है। उन्होंने कहा कि इमीग्रेशन एजेंटों का शिकार हुए लोग रोजाना उनके पास पहुंच रहे हैं। यह मामला काफी गंभीर हो गया है। इस सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। आरोपियों पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
देश के गृहमंत्री के नाम पर भी हो चुकी है ठगी
देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी हो चुकी है। इस संबंध में फेज-आठ मोहाली के थाने में केस दर्ज हुआ था। अभी तक आरोपी फरार हैं। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम पर भी ठगने वाला कुछ समय पहले काबू किया था। जो नौकरी लगवाने से लेकर विदेश भेजने तक सारी कार्रवाई करता था।
अब प्रापर्टी अटैच कर होगी वसूली
इलाके में जो इमीग्रेशन कंपनियां चल रही हैं वहां छापेमारी की जा रही है। जो भाग गई हैं उनका रिकार्ड इकट्ठा किया जा रहा है। आने वाले समय में उनकी प्रापर्टी अटैच की जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के आदेश आ गए हैं। साथ ही लोगों को उनका पैसा वापस देने की कार्रवाई चलेगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- राजीव कुमार, एसएचओ मटौर थाना