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Chandigarh News: हाईकोर्ट में हर तरफ अतिक्रमण का जाल, चंडीगढ़ प्रशासन से दो हफ्ते में मांगा जवाब

Sat, 22 Jul 2023 01:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jul 2023 01:44 AM IST
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Trap of encroachment everywhere in High Court, response sought from Chandigarh administration in two weeks
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में अवैध तरीके से अतिक्रमण कर यहां तंदूर, चाय की दुकान, कैबिन आदि का निर्माण कर इमारत को बर्बाद करने के आरोपों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर बताया था कि परिसर में केवल 13 वेंडर हैं जिसे याची ने गलत बताते हुए यहां 100 से अधिक अवैध वेंडर होने का दावा किया है। याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट पीआर यादव ने बताया था कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों की संख्या में वेंडर कब्जा कर बैठे हुए हैं। कोर्ट परिसर में जिस तरफ देखो वहां वेंडर ही वेंडर नजर आते हैं। पार्किंग से लेकर ग्रीन बेल्ट तक पर लोगों ने लोहे की बड़ी-बड़ी पेटियां लगाकर अवैध कब्जे किए हैं। लाेगों ने बड़ी-बड़ी तंदूर लगा दी हैं और म्यूजियम के सामने बनी कच्ची पार्किंग मेंं मौजूद सूख चुके वृक्षों का प्रयोग इन तंदूरों को सुलगाने के लिए किया जाता है। हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कहा था कि परिसर में केवल 13 वेंडर मौजूद हैं। इस दावे को खारिज करते हुए याची ने बताया कि पूरा कोर्ट परिसर अतिक्रमण से भरा हुआ है। इन वेंडरों से हर माह फीस वसूली जाती है जिसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता है। इन सब से होने वाली आमदनी का कोई हिसाब किताब मौजूद नहीं है। इसके साथ ही कच्ची पार्किंग को भी वाहनों की पार्किंग के लिए ठेके पर दिया गया है जिसकी आय का भी कोई ऑडिट नहीं है। इसके साथ ही हाईकोर्ट के कोटा की बिजली इन्हें सप्लाई की जाती है। कई निर्माण में तो एसी तक मौजूद है और ऐसे में बिजली का सारा खर्च कोर्ट के खाते में जाता है। कच्ची पार्किंग में भी दर्जनों ढाबे मौजूद हैं।
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