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पंजाब की नई ट्रांसफर पॉलिसी जारी, सरकारी कर्मचारी जरूर देख लें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 May 2016 01:18 PM IST
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प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम
- फोटो : amar ujala
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पंजाब सरकार ने नई ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर दी है। सभी सरकारी कर्मचारी तबादले के लिए नए नियमों के लिए जरूर पढ़ें। नई ट्रांसफर पालिसी के अनुसार सरकारी कर्मचारी या अफसर एक जिले में सात साल से ज्यादा नहीं रह पाएंगे। पंजाब सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए अधिकारियों के लिए नई ट्रांसफर पालिसी जारी कर दी। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार सरकारी अफसर एक स्थान पर कम से कम तीन साल और ज्यादा से ज्यादा पांच साल तक तैनात रह पाएंगे।
ग्रुप ए और बी के अफसरों को पूरे कार्यकाल के दौरान किसी एक जिले में सात साल से ज्यादा तैनात नहीं किया जाएगा। जिन कार्यालयों में अफसरों का लोगों से ज्यादा कामकाज होता है, वहां अफसर एक स्थान पर दो साल से ज्यादा नहीं रहेगा। प्रवक्ता के अनुसार यदि किसी कर्मचारी का एक स्थान में तीन साल का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, उन्हें सिर्फ किसी शिकायत या किसी ठोस प्रशासनिक कार्यों के कारण ही स्थानांतरित किया जाएगा।
इसके अलावा कंडी, बेट या सीमांत इलाकों में तैनात होने वाले अफसरों और कर्मचारियों को एक स्थान पर कम से कम दो साल तैनात रहना होगा। नई पालिसी के तहत 31 मई 2016 तक अफसरों का स्थानांतरण होगा। हालांकि प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने इस बार कम से कम स्थानांतरण करने का फैसला लिया है। स्थानांतरण सिर्फ प्रशासनिक कारणों, खाली पदों को भरने या फिर किसी जरूरतमंद की परिस्थितियों को देखते हुए की जाएंगी।
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प्रवक्ता के अनुसार पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं, तो नई पालिसी के तहत उन्हें एक ही स्थान पर पांच साल तक रखा जा सकता है। उसके बाद उन्हें अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। यदि पति निजी कंपनी में हैं और उनकी पत्नी सरकारी नौकरी में है, तो उनके साथ भी यही पालिसी अपनाई जाएगी। हालांकि अविवाहित या विधवाओं को जहां तक हो सके, उनकी इच्छा वाले स्थान पर ही तैनात किया जाएगा।
इतना ही नहीं, अविवाहित युवती या विधवाओं को दंपति के मुकाबले प्राथमिकता दी जाएगी। अपाहिज या नेत्रहीन कर्मचारियों को उनकी इच्छा वाले स्थान पर नियुक्त करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को उनके घर के पास ही तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जिन सरकारी अफसरों या कर्मचारियों के बच्चे दिमागी तौर से अपाहिज होंगे, उन्हें उनकी इच्छा वाले स्थान पर तैनात करने की कोशिश की जाएगी।
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ग्रुप ए और बी के अफसरों को पूरे कार्यकाल के दौरान किसी एक जिले में सात साल से ज्यादा तैनात नहीं किया जाएगा। जिन कार्यालयों में अफसरों का लोगों से ज्यादा कामकाज होता है, वहां अफसर एक स्थान पर दो साल से ज्यादा नहीं रहेगा। प्रवक्ता के अनुसार यदि किसी कर्मचारी का एक स्थान में तीन साल का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, उन्हें सिर्फ किसी शिकायत या किसी ठोस प्रशासनिक कार्यों के कारण ही स्थानांतरित किया जाएगा।
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इसके अलावा कंडी, बेट या सीमांत इलाकों में तैनात होने वाले अफसरों और कर्मचारियों को एक स्थान पर कम से कम दो साल तैनात रहना होगा। नई पालिसी के तहत 31 मई 2016 तक अफसरों का स्थानांतरण होगा। हालांकि प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने इस बार कम से कम स्थानांतरण करने का फैसला लिया है। स्थानांतरण सिर्फ प्रशासनिक कारणों, खाली पदों को भरने या फिर किसी जरूरतमंद की परिस्थितियों को देखते हुए की जाएंगी।
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प्रवक्ता के अनुसार पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं, तो नई पालिसी के तहत उन्हें एक ही स्थान पर पांच साल तक रखा जा सकता है। उसके बाद उन्हें अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। यदि पति निजी कंपनी में हैं और उनकी पत्नी सरकारी नौकरी में है, तो उनके साथ भी यही पालिसी अपनाई जाएगी। हालांकि अविवाहित या विधवाओं को जहां तक हो सके, उनकी इच्छा वाले स्थान पर ही तैनात किया जाएगा।
इतना ही नहीं, अविवाहित युवती या विधवाओं को दंपति के मुकाबले प्राथमिकता दी जाएगी। अपाहिज या नेत्रहीन कर्मचारियों को उनकी इच्छा वाले स्थान पर नियुक्त करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को उनके घर के पास ही तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जिन सरकारी अफसरों या कर्मचारियों के बच्चे दिमागी तौर से अपाहिज होंगे, उन्हें उनकी इच्छा वाले स्थान पर तैनात करने की कोशिश की जाएगी।