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रेलवे क्रॉसिंग पर बंद हुई कार तभी आ गई ट्रेन, फिर जो हुआ दिल दहल गया देखकर
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Sat, 01 Apr 2017 09:26 AM IST
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ट्रेन की चपेट में कार
- फोटो : अमर उजाला
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इसे किस्मत का धोखा कहें या लापरवाही, लेकिन इसका अंजाम आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं। हरियाणा के जींद में ट्रेन की चपेट में कार आ गई। लघु सचिवालय के पीछे मानव रहित रेलवे फाटक पर कार पानीपत से जींद आ रहे सवारी गाड़ी की चपेट में आ गई। इसमें कार में सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा होने के बाद लगभग एक घंटे तक जींद-पानीपत पैसेंजर ट्रेन मौके पर खड़ी रही।
हादसे की सूचना पाकर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक का शव नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। रेलवे पुलिस के सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र ने बताया कि गाड़ी चालक राजेश के खिलाफ रेलवे एक्ट और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
रेलवे पुलिस के अनुसार, गांव लोहचब निवासी राजेश पहलवान, उसका भाई ख्यालीराम और चचेरा भाई तुहीराम कार में सवार होकर अपने किसी जानकार से मिलने के लिए इंप्लाइज कालोनी में जा रहे थे। जब वे मानव रहित रेलवे फाटक क्रास कर रहे थे तो अचानक गाड़ी बीच में ही रुक गई। इसी दौरान पानीपत की तरफ से सवारी गाड़ी आ गई। चालक राजेश ने गाड़ी को स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
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इसी बीच ट्रेन वहां पहुंच गई और बीस फुट तक ट्रेन कार को घसीटते हुए ले गई। वहीं, ट्रेन को आता देख चालक की साइड वाली सीट पर बैठा ख्याली राम खिड़की खोलकर बाहर निकल गया, लेकिन राजेश और उसका चचेरा भाई तुहीराम गाड़ी में ही फंस गए। ट्रेन की चपेट में आने से तुहीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
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हादसे की सूचना पाकर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक का शव नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। रेलवे पुलिस के सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र ने बताया कि गाड़ी चालक राजेश के खिलाफ रेलवे एक्ट और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
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रेलवे पुलिस के अनुसार, गांव लोहचब निवासी राजेश पहलवान, उसका भाई ख्यालीराम और चचेरा भाई तुहीराम कार में सवार होकर अपने किसी जानकार से मिलने के लिए इंप्लाइज कालोनी में जा रहे थे। जब वे मानव रहित रेलवे फाटक क्रास कर रहे थे तो अचानक गाड़ी बीच में ही रुक गई। इसी दौरान पानीपत की तरफ से सवारी गाड़ी आ गई। चालक राजेश ने गाड़ी को स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
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इसी बीच ट्रेन वहां पहुंच गई और बीस फुट तक ट्रेन कार को घसीटते हुए ले गई। वहीं, ट्रेन को आता देख चालक की साइड वाली सीट पर बैठा ख्याली राम खिड़की खोलकर बाहर निकल गया, लेकिन राजेश और उसका चचेरा भाई तुहीराम गाड़ी में ही फंस गए। ट्रेन की चपेट में आने से तुहीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
खिड़की नहीं खुलने से कूद नहीं पाए दोनों
ट्रेन की चपेट में कार
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में बचे ख्याली राम ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को ही तीनों भाई इंप्लाइज कालोनी में अपने जानकार से मिलने के लिए आ रहे थे। मानव रहित रेलवे फाटक के दोनों तरफ पेड़ होने के कारण पानीपत की तरफ से आने वाली ट्रेन को नहीं देख पाए। मानव रहित फाटक के बीच में पत्थरों के कारण गड्ढे बने हुए हैं। इस कारण गड्ढों में अचानक गाड़ी बंद हो गई। गाड़ी बंद होते ही चालक राजेश पहलवान ने उसे देख किया और गाड़ी को स्टार्ट करने का प्रयास किया।
गाड़ी स्टार्ट नहीं होने पर राजेश ने तुरंत खिड़की खोलकर बाहर निकलने को कहा। इस दौरान चालक के साइड की सीट पर बैठे ख्याली राम की खिड़की तो खुल गई, लेकिन चालक राजेश पहलवान व पीछे की सीट पर बैठे तुहीराम की खिड़की नहीं खुली। इसी दौरान ट्रेन ने गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और उसे काफी दूरी तक घसीटने के बाद कच्चे रास्ते की तरफ फेंक दिया। चपेट में आने से तुहीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
गाड़ी स्टार्ट नहीं होने पर राजेश ने तुरंत खिड़की खोलकर बाहर निकलने को कहा। इस दौरान चालक के साइड की सीट पर बैठे ख्याली राम की खिड़की तो खुल गई, लेकिन चालक राजेश पहलवान व पीछे की सीट पर बैठे तुहीराम की खिड़की नहीं खुली। इसी दौरान ट्रेन ने गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और उसे काफी दूरी तक घसीटने के बाद कच्चे रास्ते की तरफ फेंक दिया। चपेट में आने से तुहीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
गाड़ी में रखा था सिलेंडर, बड़ा हादसा होने से टला
ट्रेन की चपेट में कार
- फोटो : अमर उजाला
ख्यालीराम ने बताया कि जैसे ही वह गाड़ी से नीचे उतरा तो इसी दौरान ट्रेन को गाड़ी ने चपेट में ले लिया। इसके बाद चारों तरफ धूल ही धूल छा गई और उसको कुछ दिखाई नहीं दिया। जब ट्रेन थोड़ी दूरी पर जाकर रुकी तो गाड़ी साइड में पड़ी हुई थी। इसमें उसके चचेरे भाई तुहीराम की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
ट्रेन की चपेट में आई कार के अंदर गैस से भरा सिलेंडर रखा हुआ था। गनीमत रही कि ट्रेन की चपेट में आने के बावजूद सिलेंडर को रगड़ नहीं लगी। सिलेंडर को रगड़ लग जाती तो ब्लास्ट हो सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
आधा दर्जन हो चुके हादसे, रेलवे प्रशासन मौन
इंप्लाइज कालोनी के लोगों का कहना है कि मानव रहित फाटक काफी लंबे समय से है और इस फाटक के ऊपर से तीन कालोनियों का रास्ता जाता है। इसी रास्ते से छात्र चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में जाते हैं। इससे पहले भी लगभग आधा दर्जन वाहन ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं। पिछले दिनों फाटक क्रॉस करते समय ट्रैक्टर चपेट में आ गया था। इसके बावजूद रेलवे विभाग व प्रशासन इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
फाटक के पास काफी पेड़ उगे हुए हैं, जिससे लोगों को ट्रेन दिखाई भी नहीं देती है। इसी रास्ते पर कई स्कूल भी हैं और यहां से स्कूल बसें भी निकलती हैं। मौके पर पहुंचे जिला परिषद के उपाध्यक्ष उमेद सिंह रेढू ने कहा कि यहां पर कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन रेलवे विभाग व प्रशासन की इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
ट्रेन की चपेट में आई कार के अंदर गैस से भरा सिलेंडर रखा हुआ था। गनीमत रही कि ट्रेन की चपेट में आने के बावजूद सिलेंडर को रगड़ नहीं लगी। सिलेंडर को रगड़ लग जाती तो ब्लास्ट हो सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
आधा दर्जन हो चुके हादसे, रेलवे प्रशासन मौन
इंप्लाइज कालोनी के लोगों का कहना है कि मानव रहित फाटक काफी लंबे समय से है और इस फाटक के ऊपर से तीन कालोनियों का रास्ता जाता है। इसी रास्ते से छात्र चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में जाते हैं। इससे पहले भी लगभग आधा दर्जन वाहन ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं। पिछले दिनों फाटक क्रॉस करते समय ट्रैक्टर चपेट में आ गया था। इसके बावजूद रेलवे विभाग व प्रशासन इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
फाटक के पास काफी पेड़ उगे हुए हैं, जिससे लोगों को ट्रेन दिखाई भी नहीं देती है। इसी रास्ते पर कई स्कूल भी हैं और यहां से स्कूल बसें भी निकलती हैं। मौके पर पहुंचे जिला परिषद के उपाध्यक्ष उमेद सिंह रेढू ने कहा कि यहां पर कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन रेलवे विभाग व प्रशासन की इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
एक घंटे तक फंसे रहे यात्री
ट्रेन की चपेट में कार
- फोटो : अमर उजाला
हादसा होने के बाद ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को थोड़ी ही दूरी पर रोक दिया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों को इसके बारे में सूचित किया गया। लगभग एक घंटे तक ट्रेन घटनास्थल पर ही रुकी रही। बाद में जींद रेलवे स्टेशन अधीक्षक अनिल यादव मौके पर पहुंचे और ट्रेन से संबंधित पूरी जानकारी जुटाने के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया।