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कपड़े पर जीएसटी बढ़ाने का विरोध: व्यापारी बोले–कपड़ा मूलभूत आवश्यकता, आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ

Fri, 08 Oct 2021 09:09 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 08 Oct 2021 09:09 PM IST
सार

एक जनवरी से व्यापारियों को रेडीमेड कपड़ों पर इनवर्टेड ड्यूटी चार्ज देना होगा। इसमें 7 प्रतिशत का भुगतान ग्राहकों को करना होगा। व्यापारियों ने बताया कि देश की आजादी के समय बताया गया था कि रोटी, कपड़ा और मकान तीन आम आदमी की मूलभूत सुविधाएं हैं।

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Traders oppose the decision to increase GST on clothes in Chandigarh
वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock

विस्तार

केंद्र सरकार के कपड़े पर 12 प्रतिशत जीएसटी बढ़ाने के फैसले का देशभर के व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। शहर के कपड़ा व्यापारियों का कहना है जीएसटी बढ़ने का मतलब है जनता की जेब पर दोगुना बोझ बढ़ाना, क्योंकि व्यापारी अपनी लागत ग्राहकों से ही निकालेगा। कोरोना महामारी के बाद जैसे तैसे मार्केट थोड़ा संभला है, इस फैसले से फिर हालत खराब होगी।

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एक जनवरी से व्यापारियों को रेडीमेड कपड़ों पर इनवर्टेड ड्यूटी चार्ज देना होगा। इसमें 7 प्रतिशत का भुगतान ग्राहकों को करना होगा। व्यापारियों ने बताया कि देश की आजादी के समय बताया गया था कि रोटी, कपड़ा और मकान तीन आम आदमी की मूलभूत सुविधाएं हैं। इसलिए इन पर कर नहीं लगेगा। देश में जीएसटी लागू हुआ तो पांच प्रतिशत कर लगाया गया। अब इसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत करना बिल्कुल ठीक नहीं है। 

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पांच प्रतिशत से ज्यादा जीएसटी बढ़ाना ठीक नहीं 
जीएसटी शुरू हुआ था तो कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगा था। यह व्यक्ति की मूलभूत सुविधा है। इसलिए इतना खर्चा तो वहन हो सकता है। जीएसटी बढ़ाना ठीक नहीं है।  -चरनजीव सिंह, प्रधान, होलसेल क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन

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व्यापारी नहीं, सीधे जनता पर बोझ बढ़ेगा
पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत जीएसटी करना न सिर्फ व्यापारी के लिए बोझ है, इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा, क्योंकि व्यापारी अपना खर्चा तो लोगों से ही निकालेगा। -नरेश जैन, कपड़ा व्यापारी, सेक्टर-37

कोरोना में वैसे ही खाली हो गईं दुकानें
कोरोना महामारी के बाद कपड़े में वैसे ही महंगाई आ गई है। ग्राहक है नहीं और दुकानों का किराया निकल नहीं रहा। ऐसे में जीएसटी बढ़ाकर दोहरी मार देने की तैयारी है। -नरेंद्र सिंह रिंकू, कपड़ा व्यापारी, सेक्टर-19


ग्राहकों को रोकने के लिए कर हमें भुगतना होगा
कोरोना महामारी के कारण वैसे ही नुकसान हुआ है। अभी कुछ बंधे ग्राहक हैं जो दुकानों पर आ रहे हैं। जीएसटी के साथ दाम बढ़ने के डर से ग्राहकों को रोकने के लिए हमें ही भुगतना होगा। -नवदीप शर्मा, कपड़ा व्यापारी, सेक्टर-17

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