{"_id":"59287c384f1c1b843c8b4572","slug":"toilet-for-transgender-in-punjab-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" देश में पहली बार पीयू में बनेगा ट्रांसजेंडर टॉयलेट, जानें किसकी मांग पर हुआ ये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश में पहली बार पीयू में बनेगा ट्रांसजेंडर टॉयलेट, जानें किसकी मांग पर हुआ ये
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 May 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी देश का ऐसा पहला शिक्षण संस्थान होगा, जहां ट्रांसजेंडर के लिए अलग से टॉयलेट बनाया जाएगा। खास बात है कि पीयू में सिर्फ एक ही ट्रांसजेंडर स्टूडेंट है। इस काम को करवाने के लिए धनंजय मंगलामुखी ने पीयू से मांग की और इसे अंजाम तक पहुंचाया भी।
धनंजय के मुताबिक इसके बाद अब वे ट्रांसजेंडर के लिए फीस कम करने के लिए भी आवाज उठाएंगी। ट्रांसजेंडर धनंजय मंगलामुखी के पास सोशल वर्क में मास्टर डिग्री है और फिलहाल पीयू से मास्टर इन ह्यृमन राइट्स कर रही हैं। पीयू में दाखिला लेकर पढ़ाई करने का मकसद है कि समाज के हित के लिए काम कर सके।
सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ट्रांसजेंडर को तीसरा दर्जा दिया गया था। पिछले साल धनंजय ने पीयू प्रबंधन को एक पत्र लिखकर एक ट्रांसजेंडर टॉयलेट बनवाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
धनंजय के मुताबिक इसके बाद अब वे ट्रांसजेंडर के लिए फीस कम करने के लिए भी आवाज उठाएंगी। ट्रांसजेंडर धनंजय मंगलामुखी के पास सोशल वर्क में मास्टर डिग्री है और फिलहाल पीयू से मास्टर इन ह्यृमन राइट्स कर रही हैं। पीयू में दाखिला लेकर पढ़ाई करने का मकसद है कि समाज के हित के लिए काम कर सके।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ट्रांसजेंडर को तीसरा दर्जा दिया गया था। पिछले साल धनंजय ने पीयू प्रबंधन को एक पत्र लिखकर एक ट्रांसजेंडर टॉयलेट बनवाने की मांग की।
विज्ञापन
पीयू ने दी थी ये दलील
पंजाब यूनिवर्सिटी
इस पर पीयू ने जवाब दिया कि यहां पर कोई ट्रांसजेंडर स्टूडेंट नहीं है, तो धनंजय ने खुद ही पीयू में दाखिला ले लिया। तब पीयू की तरफ से कहा गया कि इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा। अब प्रस्ताव और बजट पास होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे पहले पीयू ने 2015 में दाखिला फार्म में भी थर्ड जेंडर का ऑप्शन दिया था।
शुरुआत में दिक्कत, अब कुछ दोस्त हैं
धनंजय ने बताया कि जब पीयू में दाखिला लिया तो शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं। अब कुछ सुधार हुआ है। कुछ दोस्त भी बने हैं। धनंजय के मुताबिक उनके समुदाय के लोग अनपढ़ रह जाते हैं, लेकिन वे ऐसे नहीं रहना चाहती थीं। पढ़ाई करके वह समाज के हित में काम करना चाहती हैं। अब जब भी समय मिलता है अलग-अलग जगह कैंप लगाकर जागरूकता का काम किया जाता है।
ट्रांसजेंडर के लिए टॉयलेट बनाने का प्रस्ताव आया था। बजट पास होने के बाद स्टूडेंट सेंटर में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
- आरके रॉय, एक्सईएन, पंजाब यूनिवर्सिटी।
शुरुआत में दिक्कत, अब कुछ दोस्त हैं
धनंजय ने बताया कि जब पीयू में दाखिला लिया तो शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं। अब कुछ सुधार हुआ है। कुछ दोस्त भी बने हैं। धनंजय के मुताबिक उनके समुदाय के लोग अनपढ़ रह जाते हैं, लेकिन वे ऐसे नहीं रहना चाहती थीं। पढ़ाई करके वह समाज के हित में काम करना चाहती हैं। अब जब भी समय मिलता है अलग-अलग जगह कैंप लगाकर जागरूकता का काम किया जाता है।
ट्रांसजेंडर के लिए टॉयलेट बनाने का प्रस्ताव आया था। बजट पास होने के बाद स्टूडेंट सेंटर में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
- आरके रॉय, एक्सईएन, पंजाब यूनिवर्सिटी।