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दिल्ली में बैठकर PM मोदी रख सकेंगे बॉर्डर पर नजर, स्पेशल प्रोजेक्ट तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sun, 05 Mar 2017 09:16 AM IST
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाइटेक भारत का सपना साकार होगा। वे खुद दिल्ली में बैठकर सभी बॉर्डरों पर नजर रख सकेंगे, इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार है। दरअसल, गृहमंत्रालय देश के सभी बार्डरों पर तीसरी आंख का पहरा बिठाने जा रही है। खास बात है कि बार्डर पर लगे हाई रेंज के इन सीसीटीवी पर जीपीएस सिस्टम के तहत जोड़े जाएंगे।
ऐसे में गृहमंत्रालय के साथ-साथ देश की सीमाओं से जुड़े हर विभाग की नजर बार्डर पर होने वाले हर गतिविधियों पर रहेगी। इतना ही नहीं, दुनिया के किसी कोने पर रहते हुए देश के बॉर्डर की पल-पल की खबर गृहमंत्रालय के चुनिंदा अधिकारी देख सकेंगे। पहले चरण में पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश के साथ जुड़े इंटरनेशनल चेक पोस्टों पर तीसरी आंख का हाइटेक पहरा बिठाने के लिए गृहमंत्रालय ने टेंडर निकाल दिए हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले व्यापार की हर गतिविधियां अब दिल्ली से देखी जा सकेंगी। गृहमंत्रालय ने अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर के साथ-साथ करीब 200 करोड़ के नए प्रोजेक्ट पास किए हैं। जिनमें ट्रक स्कैनर के साथ-साथ 231 सीसीटीवी, डेढ़ लाख स्केयर फिट में आयात-निर्यात के लिए बना ओपन कारगो में फर्श व दस हजार स्केयर फिट में गोदाम की छत शामिल है।
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ऐसे में गृहमंत्रालय के साथ-साथ देश की सीमाओं से जुड़े हर विभाग की नजर बार्डर पर होने वाले हर गतिविधियों पर रहेगी। इतना ही नहीं, दुनिया के किसी कोने पर रहते हुए देश के बॉर्डर की पल-पल की खबर गृहमंत्रालय के चुनिंदा अधिकारी देख सकेंगे। पहले चरण में पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश के साथ जुड़े इंटरनेशनल चेक पोस्टों पर तीसरी आंख का हाइटेक पहरा बिठाने के लिए गृहमंत्रालय ने टेंडर निकाल दिए हैं।
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भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले व्यापार की हर गतिविधियां अब दिल्ली से देखी जा सकेंगी। गृहमंत्रालय ने अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर के साथ-साथ करीब 200 करोड़ के नए प्रोजेक्ट पास किए हैं। जिनमें ट्रक स्कैनर के साथ-साथ 231 सीसीटीवी, डेढ़ लाख स्केयर फिट में आयात-निर्यात के लिए बना ओपन कारगो में फर्श व दस हजार स्केयर फिट में गोदाम की छत शामिल है।
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अमृतसर के सांसद ने उठाया था ये मसला
अमृतसर में वाघा बॉर्डर
अमृतसर के सांसद (राज्य सभा) श्वेत मलिक कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के मध्य अटारी बार्डर से होने वाले व्यापार से कई देश जुड़े हैं। ईरान, ईराक, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान भी शामिल है। इन देशों के साथ होने वाला व्यापार खुले आसमान के नीचे हो रहा था। बारिश के दौरान पाकिस्तान से आने वाला सीमेंट भीग कर पत्थर बन जाया करता था।
ऐसे में व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं व सिक्योरिटी के लिए पुख्ता इंतजामों को लेकर मैंने संसद में आवाज उठाई थी। खुशी है कि गृहमंत्रालय ने अटारी बार्डर के लिए दो सौ करोड़ के प्रोजेक्ट के टेंडर निकाले हैं। श्वेत मलिक ने 6 जून 2016 को अटारी बार्डर दौरे के बाद यह मामला राज्यसभा में उठाया था। राज्यसभा में समर्थन के बाद श्वेत मलिक ने अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर लगाने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राम बिलास पासवान से भी मिले थे।
मजीठ मंडी ड्राई फ्रूट व करियाना मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर लगाने की डिमांड कई सालों से थी, सांसद श्वेत मलिक ने आवाज बुलंद की। खुशी है कि ट्रक स्कैनर लगने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, ट्रकों की मैनुअल चेकिंग में लगने वाला वक्त बचेगा और तस्करी रुकेगी।
ऐसे में व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं व सिक्योरिटी के लिए पुख्ता इंतजामों को लेकर मैंने संसद में आवाज उठाई थी। खुशी है कि गृहमंत्रालय ने अटारी बार्डर के लिए दो सौ करोड़ के प्रोजेक्ट के टेंडर निकाले हैं। श्वेत मलिक ने 6 जून 2016 को अटारी बार्डर दौरे के बाद यह मामला राज्यसभा में उठाया था। राज्यसभा में समर्थन के बाद श्वेत मलिक ने अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर लगाने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राम बिलास पासवान से भी मिले थे।
मजीठ मंडी ड्राई फ्रूट व करियाना मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि अटारी बार्डर पर ट्रक स्कैनर लगाने की डिमांड कई सालों से थी, सांसद श्वेत मलिक ने आवाज बुलंद की। खुशी है कि ट्रक स्कैनर लगने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, ट्रकों की मैनुअल चेकिंग में लगने वाला वक्त बचेगा और तस्करी रुकेगी।