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पंजाब: तीन पीपीएस व 41 पुलिसकर्मी एंटी करप्शन हेल्पलाइन में तैनात, पंचायती फंड के खर्च पर सरकार की रोक
Wed, 23 Mar 2022 09:22 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 23 Mar 2022 09:22 PM IST
सार
भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा मंजूर पंचायती फंड के खर्च करने पर रोक लगा दी है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर जारी किया। इसके बाद सूबे का पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। 24 घंटे सातों दिन टोल फ्री एंटी करप्शन एक्शन लाइन की सुपरविजन के लिए प्रबंधकीय आधार पर तीन पीपीएस अधिकारियों को विजिलेंस ब्यूरो में तैनात किया है। इनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा 41 पुलिस कर्मचारियों को भी एंटी करप्शन एक्शन लाइन में तैनात किया गया है।
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डीजीपी पंजाब पुलिस के कार्यालय से संबंधित खुफिया शाखा-1 ने इस बाबत आदेश जारी किया है। सुपरविजन के लिए नियुक्त पीपीएस अधिकारी हैं- चुनाव सेल पंजाब में कार्यरत एआईजी विकास सबरवाल, चुनाव सेल पंजाब के साथ अटैच डीएसपी अमरोज सिंह और चुनाव सेल पंजाब के साथ अटैच डीएसपी रुपिंदरदीप कौर सोही। तीनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से चौकसी ब्यूरो से जोड़ा गया है।
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पंजाब सरकार ने पंचायती फंड के खर्च पर रोक लगाई
भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा मंजूर पंचायती फंड के खर्च करने पर रोक लगा दी है। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से पंजाब के सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों (विकास), उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि वर्ष 2021-22 के दौरान जो 11 ग्रांट जारी की गई थीं (जिन्हें सरकारी खजाने से ड्रॉ तो करा लिया गया है लेकिन एजेंसियों को अब तक जारी नहीं किया गया है) को खर्च करने पर रोक लगाई जाती है। आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि उक्त 11 ग्रांटों के अलावा अगर कोई ग्रांट भी जारी की गई है तो उसे खर्च करने पर भी फिलहाल रोक लगाई गई है।
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इस आदेश के तहत जिन 11 ग्रांटों पर रोक लगाई गई हैं, उनमें विवेकी (डिसक्रेशन) ग्रांट, कैटल फेयर ग्रांट, आरडीओएस-28 (गांवों में तरल वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम), आरडीओएस-29 (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम), आरडीओएस-33 (गांवों में स्मारक गेटों के निर्माण संबंधी स्कीम), आरडीओएस-18 (गांव में एक ही श्मशान घाट बनाने संबंधी), आरडीओएस-24 (ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लिए कब्रिस्तान/कब्रगाहों के प्रारंभिक विकास के लिए स्थान अलॉट करने संबंधी), आरडीओएस-34 (गांवों में सोलर लाइटें लगाने संबंधी), आरडीओएस-35 (ढांचागत गैप फिलिंग स्कीम फॉर आपटिमम यूटिलाइजेशन ऑफ एसेट्स), आरडीओएस-36 (एससी गांवों जिनकी आबादी 50 फीसदी से अधिक है, का आधुनिकीकरण और सुधार करना) और आरजीएसए स्कीम के तहत कम्युनिटी सेंटर।