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Chandigarh News: हरियाणा में सड़क दुर्घटनाओं में हर रोज तीन पैदल यात्रियों को गंवानी पड़ी जान

Thu, 02 Nov 2023 09:56 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Nov 2023 09:56 PM IST
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Three pedestrians lost their lives every day in road accidents in Haryana.
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में खुलासा
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हर दूसरे दिन एक साइकिल यात्री की जाती हैं जान, एक साल में 4915 लोगों की गई जान
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस के कई जागरूकता अभियानों के बावजूद राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में हर दिन तीन पैदल यात्रियों और हर दूसरे दिन एक साइकिल यात्री को जान गंवानी पड़ी है। हरियाणा में विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 1,231 पैदल यात्री और 190 साइकिल चालक मारे गए हैं। यहीं नहीं 2021 के मुकाबले बीते साल सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 4.44% की वृद्धि दर्ज की गई। राज्य में पिछले साल 10,429 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 4,915 लोगों की मौत हुई, जिसमें 4110 पुरुष और 805 महिला शामिल थीं। इस हिसाब से एक दिन में 13 लोगों को जान गंवानी पड़ी। वहीं, 2021 में 4,706 लोगों की मौत हुई थी। सड़क हादसों में कुल 8,519 घायल हुए। इनमें 1,677 लोगों को गंभीर चोटें आईं। सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने के मामले में हरियाणा देश में 14वें स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारत के 5.2% की तुलना में हरियाणा की मृत्यु दर 5.7% थी।

गड्ढों की वजह से 47 लोगों की जान गई
केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक टूटी सड़कों व गड्ढों की वजह से राज्य में कुल 130 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें गड्डों की वजह से हुई सड़क दुर्घटनाओं में 47 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। टूटी सड़क की वजह से कुल 130 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहीं, ऑटो रिक्शा से हुई दुर्घटनाओं में कम से कम 148 लोगों की मौत हुई। कारों व अन्य वाहनों के कारण 1,512 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 617 लोगों की मौत हो गई। पिछले साल राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर 3,727 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं, 2021 में 3,174 और 2019 में 3,442 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 3,039 था। एनएच पर दुर्घटनाओं ने 2,038 लोगों की जान ले ली, जो 2019 के बाद सबसे ज्यादा आंकड़ा है। दोपहिया वाहनों से जुड़ी 3,725 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1,445 लोगों की जान चली गई।
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शहरी क्षेत्रों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाएं
रिपोर्ट में दावा किया कि शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई 4,800 दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 2,166 थी जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5,629 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 2,749 लोगों की जान चली गई। रिपोर्ट के मुताबिक तेज गति से गाड़ी चलाना दुर्घटनाओं और मौतों का सबसे बड़ा कारण दर्ज किया गया है। नशे की वजह से 141 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 89 लोगों की मौत हुई।
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सड़क हादसों में मरने वालों में
उम्र पुरुष महिला कुल मौंतें
18 साल से कम 320 किशोर 104 किशोरियां 424
18-25 643 पुरुष 147 790
25-35 957 पुरुष 163 1,120
35-45 668 90 758
45-60 462 96 558


किस साल कितनी मौतें
2022 4915
2021 4706
2020 4507
2019 5057
2018 5118
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