Amritpal Singh: गाड़ी व हथियार छोड़ चाचा के साथ भागा अमृतपाल, पुलिस ने दर्ज की तीन एफआईआर
पुलिस ने रविवार को पूरे राज्य में फ्लैग मार्च भी किया। कई जिलों में धारा 144 लागू है। अब तक उसके 100 से ज्यादा साथी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ लोगों को पुलिस ने नजरबंद किया है। पुलिस ने अमृतपाल के पैतृक गांव स्थित घर की भी तलाशी ली।
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अजनाला थाने पर हमले के आरोपी व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के खिलाफ जारी ऑपरेशन के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लगा पाई है। दूसरे दिन भी उसकी तलाश में पूरे राज्य में तलाशी अभियान जारी रहा। अमृतपाल के खिलाफ रविवार को तीन और मामले दर्ज किए गए। पहला मामला उसकी काफिले से मिले हथियार के संबंध में दर्ज की गई है। दूसरा मामला शनिवार को अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा जालंधर में पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने के सिलसिले में दर्ज हुआ है। तीसरा केस अमृतसर में दर्ज हुआ है। पुलिस ने उसके सात सहयोगियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को हथियार अमृतपाल के कहने पर एक साथी ने दिए थे।
पुलिस ने रविवार को दावा किया कि वह अपनी गाड़ी छोड़कर चाचा हरजीत सिंह के साथ फरार हो गया है। उसके काफिले में शामिल काले रंग की ईसुजू गाड़ी जालंधर के सलेमा गांव से लावारिस हालत में मिली है। उस गाड़ी से एक वॉकी टॉकी, तलवार, एक .315 बोर की राइफल, 12 बोर की छह बंदूकें और 57 कारतूस मिले हैं। सभी हथियार अवैध हैं। वहीं, पंजाब सरकार ने राज्य भर में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं के निलंबन को सोमवार 12 बजे तक और बढ़ा दिया है।
पुलिस ने रविवार को पूरे राज्य में फ्लैग मार्च भी किया। कई जिलों में धारा 144 लागू है। अब तक उसके 100 से ज्यादा साथी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ लोगों को पुलिस ने नजरबंद किया है। पुलिस ने अमृतपाल के पैतृक गांव स्थित घर की भी तलाशी ली।
अमृतसर से गिरफ्तार अमृतपाल के सहयोगियों से 12 बोर की छह अवैध राइफल, .315 बोर की एक लाइसेंसी पिस्तौल, .32 बोर की एक रिवाल्वर और 322 कारतूस मिले हैं। अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके साथी गुरभेज सिंह ने आरोपियों को हथियार और कारतूस मुहैया करवाए थे।
आरोपियों की पहचान हरमिंदर सिंह, गुरवीर सिंह, अजयपाल सिंह, बलजिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, सवरीत सिंह और गुरलाल सिंह के रूप में हुई है। ये सभी अमृतपाल सिंह के डेरे पर रहते थे। इन लोगों की अमृतपाल सिंह के साथ मुलाकात वहीं हुआ करती थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कारें भी बरामद की हैं। पुलिस फरार गुरभेज सिंह का खाका खंगाल रही है।
अमृतपाल के चार सहयोगियों को डिब्रूगढ़ ले जाया गया
पुलिस सूत्रों ने बताया है कि अमृतपाल के चार करीबी सहयोगियों को असम के डिब्रूगढ़ जिले में ले जाया गया है। ये सहयोगी कौन हैं। फिलहाल पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। बताया जा रहा है कि इन चारों को डिब्रूगढ़ की केंद्रीय जेल में रखा जाएगा। इन चारों को विशेष विमान में पंजाब पुलिस के 27 जवानों की सुरक्षा में असम पहुंचाया गया है। साथ में आईजी जेल भी थे।
पुलिस के सामने ऐसे फरार हुआ अमृतपाल
जालंधर पुलिस के डीआईजी स्वपन शर्मा ने बताया कि अमृतपाल सिंह कैसे पुलिस की आंखों के सामने से फरार हो गया। शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे जालंधर-मोगा रोड पर एक पुलिस नाके पर उसके काफिले को रोक लिया गया। अमृतपाल के साथ हथियार लेकर चल रहे लोगों को गिरफ्तार किया तो वह अपनी गाड़ी से वहां से भाग निकला। पुलिस की टीमें भी उसके पीछे लगी। इस दौरान अमृतपाल ने कई बार अपने रूट भी बदले।
भागते वक्त उसकी कार पांच से छह मोटरसाइकिल सवारों से भी टकराई। इनमें से कुछ मोटरसाइकिल सवार पुलिस काफिले को रोकने के मकसद से भी पहुंचे थे। अमृतपाल सिंह को पहले शाहकोट एरिया में देखा गया। जब उसके काफिले को पहली बार रोका गया तो वह यूटर्न लेकर एक लेन वाली लिंक रोड की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के नीचे भाग गया।
अमृतपाल ने पुलिस को चकमा देने के लिए कई बार वाहन बदले और मोबाइल फोन भी फेंक दिए। पुलिस ने उसकी गाड़ी का करीब 25 किलोमीटर तक पीछा किया। मलसियां के पास तंग संकरी गलियों में वह फरार हो गया। उसकी गाड़ी में अमृतपाल के अलावा उसका चाचा और दो अन्य लोग सवार थे। क्या अमृतपाल सिंह पंजाब में छिपा है या फरार है, इस पर डीआईजी ने कहा कि यह खुफिया ऑपरेशन है और इसकी सूचना शेयर नहीं की जा सकती है।
अफवाह और फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ चेतावनी
पंजाब पुलिस ने फर्जी खबरें फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ चेतावनी दी है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि वे विभिन्न देशों, राज्यों और शहरों से आने वाली सभी फर्जी खबरों और नफरत भरे भाषणों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, झूठी अफवाहें फैलाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के बाद हरियाणा पुलिस हाई अलर्ट
हरियाणा पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पंजाब से लगी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पंजाब में आने और जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
एनआईए को सौंपी जा सकती है जांच
अमृतपाल केस की जांच अब एनआईए को सौंपी जा सकती है। ऐसे सबूत हैं कि उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत विरोधी गतिविधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए लगाया था। उसके वित्तीय जाल ने खालिस्तान समर्थकों को देश से बाहर तक पहुंचाया है। सीमा पार से कनेक्शन मिलने के बाद केस की जांच एनआईए कर सकती है।
सीसीटीवी फुटेज आया सामने
शनिवार को फरार हुए अमृतपाल सिंह का पहला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पंजाब पुलिस अमृतपाल का कैसे पीछा कर रही है। सीसीटीवी में दिख रहा है कि सबसे आगे अमृतपाल की गाड़ी है। इसके बाद अमृतपाल के बॉडीगार्ड की गाड़ी है और फिर पुलिस की गाड़ी पीछा कर रही है।