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Chandigarh News: हेड कांस्टेबल जगजीत समेत तीन को जबरन किया सेवानिवृत्त
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चंडीगढ़। यूटी पुलिस में गड़बड़झालों की पोल खोलने वाले हेड कांस्टेबल जगजीत सिंह को यूटी पुलिस ने मंगलवार को पंजाब पुलिस भ्रष्टाचार एक्ट के तहत जबरन सेवानिवृत्त कर दिया। जगजीत के अलावा दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी जबरन सेवानिवृत्त किया गया है। इनमें एएसआई अशोक कुमार और कांस्टेबल कुलदीप सीपी का नाम शामिल है। ये दोनों पहले से भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित चल रहे थे।
बठिंडा निवासी जगजीत सिंह की वर्ष 2000 में चंडीगढ़ पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी। नौकरी के दौरान जगजीत को यूटी पुलिस में चल रहे गड़बड़झालों की जानकारी हुई तो वर्ष 2011 में सबसे पहले उन्होंने यूनिफार्म और मुलाजिमों के लिए वर्दी के साथ जूतों की खरीद में किए जा रहे गड़बड़झाले का पर्दाफाश किया। इसके बाद पुलिस मुलाजिमों को आवंटित होने वाले मकानों में गड़बड़ी का मामला उठाया और तत्कालीन यूटी पुलिस महानिदेशक के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दी।
यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई सितंबर में होनी है। इसके अलावा पुलिस विभाग में लंबे समय से स्टेशनरी की खरीद-फरोख्त में किए जा रहे घोटाले का भी खुलासा जगजीत ने किया था। मकान आवंटन घोटाले में उन्होंने एक पूर्व व एक मौजूदा एसपी के खिलाफ भी सीबीआई को लिखित शिकायत दे रखी है जिसकी जांच चल रही है।
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हेड कांस्टेबल जगजीत ने पुलिस अधिकारियों की सरकारी कोठियों में बनाए गए आफिस कैंप कार्यालय में सरकारी खरीद के जरिए घरेलू व निजी सामान मंगवाने के मामले का भी खुलासा किया था। इस मामले में विजिलेंस को शिकायत दी थी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कोठियों में बने कैंप ऑफिस बंद कर दिए गए थे और आज तक बंद पड़े हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के तबादलों में हुए गड़बड़झालों को लेकर भी उन्होंने शिकायत दी थी।
जगजीत का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल
जगतीत के नाम से लिखा गया एक पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि आज मुझे जबरन रिटायर किया गया है और आरोप ऐसे लगाए गए हैं कि जो कि सिर्फ एक तानाशाह ही बिना आधार के लगा सकता है। कुछ ऑफिसर केवल भ्रष्टाचार करने और फैलाने आते हैं। इन्हें लोगों की भलाई से कुछ लेना देना नहीं है। इनके भ्रष्ट आचरन को रोकने के लिए हमें इनके खिलाफ लड़ना होगा। सरदार भगत सिंह ने कहा था कि गौर अंग्रेज जाएंगे और काले अंग्रेज आएंगे। कुछ आईएएस और आईपीएस वही काले अंग्रेज हैं। मुझे जबरन इसलिए रिटायर कर दिया ताकि दूसरों को धमकाया जा सके।
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बठिंडा निवासी जगजीत सिंह की वर्ष 2000 में चंडीगढ़ पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी। नौकरी के दौरान जगजीत को यूटी पुलिस में चल रहे गड़बड़झालों की जानकारी हुई तो वर्ष 2011 में सबसे पहले उन्होंने यूनिफार्म और मुलाजिमों के लिए वर्दी के साथ जूतों की खरीद में किए जा रहे गड़बड़झाले का पर्दाफाश किया। इसके बाद पुलिस मुलाजिमों को आवंटित होने वाले मकानों में गड़बड़ी का मामला उठाया और तत्कालीन यूटी पुलिस महानिदेशक के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दी।
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यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई सितंबर में होनी है। इसके अलावा पुलिस विभाग में लंबे समय से स्टेशनरी की खरीद-फरोख्त में किए जा रहे घोटाले का भी खुलासा जगजीत ने किया था। मकान आवंटन घोटाले में उन्होंने एक पूर्व व एक मौजूदा एसपी के खिलाफ भी सीबीआई को लिखित शिकायत दे रखी है जिसकी जांच चल रही है।
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हेड कांस्टेबल जगजीत ने पुलिस अधिकारियों की सरकारी कोठियों में बनाए गए आफिस कैंप कार्यालय में सरकारी खरीद के जरिए घरेलू व निजी सामान मंगवाने के मामले का भी खुलासा किया था। इस मामले में विजिलेंस को शिकायत दी थी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कोठियों में बने कैंप ऑफिस बंद कर दिए गए थे और आज तक बंद पड़े हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के तबादलों में हुए गड़बड़झालों को लेकर भी उन्होंने शिकायत दी थी।
जगजीत का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल
जगतीत के नाम से लिखा गया एक पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि आज मुझे जबरन रिटायर किया गया है और आरोप ऐसे लगाए गए हैं कि जो कि सिर्फ एक तानाशाह ही बिना आधार के लगा सकता है। कुछ ऑफिसर केवल भ्रष्टाचार करने और फैलाने आते हैं। इन्हें लोगों की भलाई से कुछ लेना देना नहीं है। इनके भ्रष्ट आचरन को रोकने के लिए हमें इनके खिलाफ लड़ना होगा। सरदार भगत सिंह ने कहा था कि गौर अंग्रेज जाएंगे और काले अंग्रेज आएंगे। कुछ आईएएस और आईपीएस वही काले अंग्रेज हैं। मुझे जबरन इसलिए रिटायर कर दिया ताकि दूसरों को धमकाया जा सके।