कुदरत का कहरः दरवाजा खोलने तक का नहीं दिया मौका, छत गिरने से दबा परिवार, तीन की मौत
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खन्ना के नजदीक गांव होल में उस समय लोग सहम गए जिस वक्त गांव निवासी सुरजीत सिंह के घर की छत गिर जाने से परिवार के सभी लोग मलबे मे दब गए । सुरजीत सिंह (40) उसकी पत्नी बलविंदर कौर (37) बेटा गुरप्रीत सिंह (8) की हादसे में मौत हो गई जबकि बेटी सिमरनजीत कौर (10) बाल-बाल बच गई जिसे खन्ना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
गांव निवासी अकाली नेता गुरपिंदर सिंह ने बताया कि जैसे गांव वालों को पता चला कि सुरजीत सिंह के घर की छत गिर गई है तो सभी तुरंत वहां पहुंचे। हालांकि अधिक बारिश के चलते परिवार को मलबे से निकालने में समय लग गया।
थोड़ी देर बाद पुलिस भी पहुंच गई और सभी को बाहर निकालकर खन्ना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने सुरजीत सिंह, बलविंदर कौर व उसके बेटे गुरप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी बेटी सिमरनजीत कौर के सिर्फ टांग पर ही चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया है।
गुरपिंदर सिंह ने बताया कि परिवार बहुत गरीब है। जिस वक्त उसकी बेटी को होश आया तो उससे पूछा कि क्या हुआ था तो उसने सिर्फ इतना ही बताया कि हम लोग खाना खां रहे थे। मैं अपनी मां की गोद में बैठकर खा रही थी। तभी पापा को लगा कि छत गिरने वाली है।
हम सभी लोग दरवाजे की ओर भागे। लेकिन दरवाजा अन्दर से बंद था। मां ने मुझे गोद में उठाया हुआ था, कुदरत ने हमें दरवाजा खोलने तक का समय नहीं दिया। मां की गोदी में होने कारण मैं बच गई, क्योंकि सारा मलबा मां के ऊपर ही गिर गया। इतना कहते वह रोनें लग गई।
सुरजीत सिंह किसी की गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उधर, खन्ना पुलिस ने खन्ना के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शवों को परिजनों को सौंप दिया है।